2. शव्वाल | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

(1). हज़रत खदीजा (र.अ) की फजीलत व खिदमात, (2). नमाज़ों का सही होना जरूरी है, (3). मुसीबत के वक्त की दुआ, (4). इल्म हासिल करने के लिये सफर करना, (5). अहेद और कस्मों को तोड़ने का गुनाह, (6). दुनिया पर मुतमइन नहीं होना चाहिए, (7). कयामत का मंज़र, (8). सब से बेहतरीन दवा, (9). मजलूम की बद्दुवा से बचो।

Sirf Paanch Minute ka Madrasa in Hindi

Sirf 5 Minute Ka Madarsa (Hindi Book)

₹359 Only

1. इस्लामी तारीख

2. एक फर्ज के बारे में

3. एक सुन्नत के बारे में

4. एक अहेम अमल की फजीलत

5. एक गुनाह के बारे में

अहेद और कस्मों को तोड़ने का गुनाह

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है:

“यक़ीनन जो लोग अल्लाह तआला से अहेद कर के उस अहेद को और अपनी क़स्मों को थोड़ी सी कीमत पर फरोख्त कर डालते हैं, तो ऐसे लोगों का आखिरत में कोई हिस्सा नहीं और न अल्लाह तआला उनसे बात करेगा और न कयामत के दिन (रहमत की नज़र से) उनकी तरफ देखेगा और न उन को पाक करेगा और उन के लिये दर्दनाक अजाब होगा।”

📕 सूरह आले इमरान : ७७


6. दुनिया के बारे में

दुनिया पर मुतमइन नहीं होना चाहिये

कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है :

“जिन लोगों को हमारे पास आने की उम्मीद नहीं है और वह दुनिया की जिन्दगी पर राजी हो गए और उस पर वह मुतमइन हो बैठे और हमारी निशानियों से गाफिल हो गए हैं, ऐसे लोगों का ठिकाना उनके आमाल की वजह से जहन्नम है।”

📕 सूरह यूनुस ७ ता ८


7. आख़िरत के बारे में

कयामत का मंजर

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया:

“अगर (आखिरत के हौलनाक अहवाल के मुतअल्लिक) तुम्हें वह सब मालूम हो जाए जो मुझे मालूम है, तो तुम्हारा हँसना बहुत कम हो जाए और रोना बहुत बढ़ जाए।”

📕 बुखारी : ६४८६


8. क़ुरान की नसीहत

9. नबी (ﷺ) की नसीहत

Share on:

Related Posts:

Trending Post

Leave a Reply

close
Ummate Nabi Android Mobile App