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उम्मत की इस्लाह

शादी के बाद दूसरी औरतें खूबसूरत क्यों लगती है ?

एक शख्स एक तजुर्बा कार आलिमे दीन से अपना मसला दरयाफ़्त करते हुए कहने लगा :शुरू शुरू में जब मेरी बीवी मुझे पसंद आई थी तो उस वक्त वह मेरी निगाह में ऐसी थी जिसे अल्लाह तआला ने इस दुनिया के अंदर उस जैसा किसी को बनाया ही नहीं।और जब मैंने…
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अल्लाह की रहमत का एक खुबसूरत वाकिया

Islamic Waqiat In Hindi अल्लाह की रहमत का एक खुबसूरत वाकिया इब्न खुदामा अपनी किताब अत-तवाबिंन में बनी इस्राईल का वाकिया पेश करते हुए कहते है के, मूसा (अलैहि सलाम) के ज़माने में  एक बार केहत आया (सुखा पड़ा), आप अपने तमाम सहाबा के साथ अल्लाह…
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शेख अब्दुल कादिर जीलानी रह. (सिरत व इरशादात)

۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है। सब तारीफे अल्लाह तआला के लिये हैं जो सारे जहानों का पालनहार है। हम उसी की तारीफ करते हैं और उसी से मदद और माफी चाहते हैं। अल्लाह की लातादाद सलामती,…
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बेहतरीन बीवी और बेहतरीन शौहर की पहचान

1बेहतरीन बीवी की पहचान ✓ जो अपने शौहर की फरमाबरदारी और ख़िदमत गुज़ारी को अपना फ़र्ज़-ऐ-अज़ीम समझे।✓ जो अपने शौहर के तमाम हुक़ूक़ अदा करने में कोताही न करें।✓ जो अपने शौहर की खूबियों पर नज़र रखे और उसके ऐब और खांमियों को नज़र-अंदाज़…
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हज का सुन्नत तरीका हिंदी में

Contentतारूफ (Intro) हज के फ़र्ज़ होने की दलील हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें • हज में एहतियात करने वाली बाते • ख़वातीन और परदे का अहतमाम एहराम की हालत में ममनूअ (मना की हुई) चीज़ें एहराम की हालत में ममनूअ की तीन हालतें…
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शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः "सर्वश्रेष्ट रात", ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात।शबे क़द्र बहुत…
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शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा ?

👉🏽आजकल व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शबे बारात के हवाले से लोग एक दूसरे से अपनी गलतियों की मुआफ़ी मांग रहे हे और ये समज रहे हे हमने मुआफ़ी का हक्क अदा कर दिया.!🔅इंसान के दो हक्क है एक हकुकुल्लाह और दुसरा हुकुकुल ईबाद🔅👉🏽एक…
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कोरोना वायरस: संक्रामक रोग एवं इस्लाम

आजकल कोरोना वायरस चारों तरफ फैल चुका है, लोगों के अंदर दहशत पैदा हो चुकी है, खासतौर से मुसलमानो में कोरोना  वायरस के बारे में बेशुमार गलतफहमियां पायी जा रही है , तो आईये इस पोस्ट में कोरोना वायरस जैसे संक्रामक रोग के बारे में इस्लाम में…
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जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।

पोस्ट 49 : जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।हसन बसरी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं:❝ एक बूढ़ी औरत नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह से दुआ़ कीजिए कि वो मुझे जऩ्नत में दाख़िल कर दे । इस पर आप ने फ़रमाया: ओ फुलां, जऩ्नत में बुढ़ी औरत…
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सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।

पोस्ट 48 : सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।साबित अल बुनानी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि:❝ मैं ने अनस बिन मालिक रज़िअल्लाहु अ़न्हु को उनके घर की किसी ख़ातून से फ़रमाते सुना: क्या तुम फुलां औ़रत को जानती हो ? उन्होंने कहा:…
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जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।

पोस्ट 47 : जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।अ़त़ा बिन अबी रबाह़ से रिवायत है कि, मुझसे इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया:❝ क्या मैं तुम्हें एक जन्नती औरत ना दिखाऊं ! मैं ने कहा: ज़रूर। फ़रमाया: ये काली औ़रत,…
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नौहा (मातम) करने वाली औ़रत।

पोस्ट 46 : नौहा (मातम) करने वाली औ़रत।अबू मालिक अल अश्अ़री से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया:❝ जाहिलियत की चार चीज़ें मेरी उम्मत में बाक़ी रहेंगी, वो उसे नहीं छोड़ेंगे। हसब पर फ़ख़्र करना, नसब पर ताअ़्न करना, सितारों से…
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पडोसन के हदिये की क़द्र करना।

पोस्ट 45 : पडोसन के हदिये की क़द्र करना।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया:❝ ऐ मुसलमान औरतों! कोई औ़रत अपनी पडौसन (के हदिये) को हकीर ना समझे चाहे वो हदिये में बकरी का खुर ही क्यूं ना दे। ❞…
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इबादत और हकूकुल इबाद।

पोस्ट 44 : इबादत और हकूकुल इबाद।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है, फ़रमाते हैं:❝ एक शख़्स़ ने कहा: अल्लाह के रसूल ﷺ, एक औरत अपनी नमाज़, रोज़े और स़दकात की कसरत के लिए मशहूर है लेकिन वो अपनी ज़बान से अपने पडौसियों को…
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बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ।

पोस्ट 43 : बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ।अब्दुल्लाह बिन उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ एक औ़रत मह़ज़ एक बिल्ली की वजह से अ़ज़ाब दी गई। उसने उस बिल्ली को क़ैद कर के रखा यहां तक कि…
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कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा।

पोस्ट 42 : कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ एक कुत्ता कुंवे के करीब चक्कर लगा रहा था और ह़ाल ये था कि प्यास से मर जाएगा। इस का ये ह़ाल बनी इसराइल…
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औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना।

पोस्ट 41 : औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना।"रूबय्यिअ़् बिन्ते मुअ़्वविज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ अल्लाह के नबी ﷺ ने आ़शूरा की सुब्ह़ अन्सा़र की बस्तियों में (इस ऐलान के साथ) आदमी भेजा कि जिस ने आज इस हाल में…
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बेटियों की परवरिश का अज्र।

पोस्ट 40 : बेटियों की परवरिश का अज्र।उक्बा बिन आ़मिर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि मैं ने अल्लाह के रसूल ﷺ को यूं फ़रमाते सुना:❝ जिस की तीन बेटियां हो, और वो उन पर स़ब्र करे और अपनी ताक़त के बक़द्र उन्हें खिलाए पिलाए और पहनाए…
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बच्चियों का अच्छा नाम रखना।

पोस्ट 39 : बच्चियों का अच्छा नाम रखनाइब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; " उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की एक बेटी थी जिसका नाम आ़स़िया था, अल्लाह के रसूल ﷺ ने उस का नाम (बदल कर) जमीला रक दिया। "📕 मुस्लिम: अल अ़दब 3988…
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दय्यूस कौन है ?

पोस्ट 38 : दय्यूस कौन है ?इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ तीन लोगों पर अल्लाह ने जन्ऩत हराम कर दी है। शराब से मस्त रहने वाला, मां बाप से बदसुलूकी करने वाला और दय्यूस जो अपने घर में…
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घर की निगरानी और बच्चों की सरपरस्ती औ़रतों के ज़िम्मे है।

पोस्ट 37 : घर की निगरानी और बच्चों की सरपरस्ती औ़रतों के ज़िम्मे है।अब्दुल्लाह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:"तुम में से हर एक चरवाहा (सरपरस्त, निगरां) है और हर एक से उसके मातेह़तों के बारे में पूछ…
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नबी ﷺ का औ़रतों से बैअ़्त लेना।

पोस्ट 36 : नबी ﷺ का औ़रतों से बैअ़्त लेना।अल्लाह के रसूल ﷺ की ज़ौजा मोहतरमा आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:"ईमान वाली औ़रतें जब अल्लाह के रसूल ﷺ के पास हिज़्रत कर के आती थीं तो अल्लाह तआ़ला के इस कौल से उन का इम्तिहान होता…
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बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।

पोस्ट 35 : बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, उन्होंने अल्लाह के नबी ﷺ को यूं फ़रमाते सुना कि:❝ कोई मर्द किसी (नामेहरम) औ़रत के साथ ख़लवत इख़्तियार ना करे, और कोई औ़रत मेहरम के…
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ग़ैर मेहरम औरत को छुना।

पोस्ट 34 : ग़ैर मेहरम औरत को छुना।माअ़्किल बिन यसार से रिवायत है कि "अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:"❝ तुम में से किसी के सर में लोहे की कील ठोक दी जाए ये इस से बेहतर है कि वो किसी औ़रत को छुवे जो उस के लिए ह़लाल ना हो। ❞📕…
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किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना

पोस्ट 33 : किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना।इब्ने मस्ऊद रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ कोई औ़रत अपने शोहर से किसी औ़रत की स़िफ़ात इस त़रह़ बयान ना करे कि गोया वो उस औ़रत को खुद देख रहा…
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