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उम्मत की इस्लाह

किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना

पोस्ट 33 : किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना।इब्ने मस्ऊद रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ कोई औ़रत अपने शोहर से किसी औ़रत की स़िफ़ात इस त़रह़ बयान ना करे कि गोया वो उस औ़रत को खुद देख रहा…
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उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम

पोस्ट 32 : उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ जहऩ्नमी लोगों की दो किस्में हैं जिन्हें मैं ने नहीं देखा है। एक तो वो लोग होंगे जिन के हाथों में बैल की दुमों की…
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औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत

पोस्ट 31 : औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत।अबू मूसा अश्अ़री रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया:❝ जो भी औ़रत इत़्र लगा कर लोगों के करीब से गुज़रती है ताकि वो उसकी खुश्बू मह़सूस करें तो…
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बालों में नक़्ली बाल जोड़ने की मुमानअ़्त।

पोस्ट 30 : बालों में नक़्ली बाल जोड़ने की मुमानअ़्त।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ एक अन्सा़री औ़रत ने अपनी बेटी का निकाह किया। (किसी मर्ज़ की वज़ह से) उसके बाल झड़ गए तो वो अल्लाह के रसूल ﷺ के पास आई और आप से ये बात बयान…
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बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।

पोस्ट 29 : बेवजाह तलाक़ चाहने की बुराई।सौबान रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ जो भी औ़रत बिला किसी मजबूरी के अपने शोहर से तलाक़ का मुतालबा करती है उस पर जन्ऩत की खुश्बू ह़राम है। ❞ 📕 मुस्नद…
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निकाह़ के लिए औ़रत की भी इजाज़त ज़रूरी है।

पोस्ट 28 : निकाह़ के लिए औ़रत की भी इजाज़त ज़रूरी है।इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ स़य्यिबा (यानी मुत़ल्लिका या बेवा औ़रत) वली के मुकाबले में अपने निकाह़ का ज़ियादा इख़्तियार रखती…
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औ़रतों का जिहाद ह़ज है।

पोस्ट 27 : औ़रतों का जिहाद ह़ज है।उम्मुल मोमिनीन आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि, उन्होंने अल्लाह के रसूल ﷺ से अ़र्ज़ किया:❝ ऐ अल्लाह के रसूल, हम समझते हैं कि जिहाद सबसे अफ़ज़ल अमल है, फिर क्या हम भी जिहाद ना करें? आप ﷺ…
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शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।

पोस्ट 26 : शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ एक औ़रत जब अपने शोहर की कमाई में से उसके हुक्म के बग़ैर (ख़ैर के कामों में) ख़र्च करती है तो उस को…
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नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।

पोस्ट 25 : नबी ﷺ के दौर में औ़रतों का फ़रमाने नबवी की ताबेदारी करना।अब्दुल्लाह बिन अ़म्र बिन आ़स़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि:❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और उसके साथ उसकी बेटी थी जिसके हाथों में सोने के मोटे मोटे कंगन…
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ख़्वातीन और नमाज़े ईद।

पोस्ट 24 : ख़्वातीन और नमाज़े ईद।उम्मे अ़तिय्या फ़रमाती हैं: हमें इस बात का हुक्म दिया गया था कि हम ईदैन में हाएज़ा और पर्दानशीन (कुंवारी) ख़्वातीन को भी (ईदगाह) ले आएं ताकि वो मुसलमानों की जमात और उन की दुआ़ में शामिल हो…
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औरत और इल्मी तह़क़ीक़ व उलमा से सवाल।

पोस्ट 23 : औरत और इल्मी तह़क़ीक़ व उलमा से सवाल।इब्ने अबी मुलैका से रिवायत है कि;❝ नबी ﷺ की ज़ौजा मोहतरमा आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा का मुआ़मला ये था कि जब भी वो नबी ﷺ से कोई बात सुनती और वो बात उन की समझ में ना आती तो उसे दोबारा…
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ख़्वातीन का मस्जिद में आना।

पोस्ट 22 : ख़्वातीन का मस्जिद में आना।इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि;❝ उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की ज़ौजा मोहतरमा फ़ज़्र और इशा की नमाज़ मस्जिद में बाजमात अदा करती थीं। उन से किसी ने पूछा: आप क्यूं (नमाज़ के लिए) घर से…
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औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।

पोस्ट 21 : औ़रतों का इल्म की त़लब के लिए जमा होना।अबू सईद खुद्री रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं:❝ एक औ़रत अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, आप की बातें तो स़िर्फ़ मर्दों ही को सुनने मिलती हैं। लिहाज़ा आप कोई दीन…
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औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।

पोस्ट 20 : औ़रतें मर्दों की शक़ाइक हैं।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ से पूछा गया कि:❝एक शख़्स़ (नींद से जागने पर कपड़ों में) गीलापन देखे लेकिन उसे एह्तेलाम याद ना हो (तो वो क्या करे ?) आप ने फ़रमाया: वो…
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बीवियों से मिज़ाह़ करना।

पोस्ट 19 : बीवियों से मिज़ाह़ करना।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ मैं एक सफ़र में नबी ﷺ के साथ थी, और उस वक़्त बस एक दुबली पतली लड़की ही थी। अल्लाह के नबी ﷺ ने साथ वाले लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल चलो। फ़िर मुझसे कहा: आओ…
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ह़ाएज़ा औ़रत से शफ़कत व मुहब्बत से पेश आना।

पोस्ट 18 : ह़ाएज़ा औ़रत से शफ़कत व मुहब्बत से पेश आना।आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:❝ मैं ह़ैज़ की हालत में हुवा करती और पानी पी कर बर्तन अल्लाह के नबी ﷺ को दे दिया करती। आप वहीं से मुंह लगा कर पीते जहां से मैं ने पिया था।…
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औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।

पोस्ट 17 : औ़रत टेढ़ी पस्ली से बनी है।अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ औ़रत पस्ली की त़रह़ है, अगर तू उसे सीधा करने की कोशिश करे तो उस को तोड़ देगा। और अगर तू उस से फ़ायदा हासिल करना चाहे…
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अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा हो

पोस्ट 16 : अच्छा मुस्लमान वो है जो अपने घर वालों से अच्छा होअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ ईमान वालों में सब से कामिल ईमान वाले वो हैं जो अख़्लाक़ में ज्यादा अच्छे हो, और तुम में सब से…
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औ़रत की कमियों के बावजूद उस से नफ़रत ना करने का हुक्म

पोस्ट 15 : औ़रत की कमियों के बावजूद उस से नफ़रत ना करने का हुक्मअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ कोई मोमिन मर्द किसी मोमिन औ़रत से नफ़रत ना रखे, अगर इस में कोई स़िफ़त उसे नापसंद हो भी तो…
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औ़रत का मर्द पर ह़क़

पोस्ट 14 : औ़रत का मर्द पर ह़क़मआ़विया अल कुशैरी रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत हैं, फ़रमाते हैं: मैं ने अर्ज़ किया:❝ ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ हमारी बीवियों का हम पर क्या ह़क़ है ? आप ﷺ ने फ़रमाया: ये कि जब तुम खाओ तो उन्हें भी खिलाओ, और…
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बीवियों में अ़दल की अहमियत

पोस्ट 13 : बीवियों में अ़दल की अहमियतअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ जब किसी शख़्स़ की दो बीवियां हो, और वो उन के दरमियान अ़दल ना करे तो क़ियामत के दिन वो इस हाल में आएगा कि उस का एक…
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शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियत

पोस्ट 12 : शोहर की ह़ाजत की रिआ़यत करने की अहमियतअबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ उस जात की क़सम जिस के हाथ में मेरी जान है! जो भी शख़्स़ अपनी बीवी को अपने बिछोने की त़रफ़ बुलाता है और…
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शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलत

पोस्ट 11 : शोहर को राज़ी करने की फ़ज़ीलतइब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ क्या मैं तुम्हें जन्ऩती मर्द कौन हैं ना बतादूं ? लोगों ने अ़र्ज़ किया: ज़रूर ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ ! आप ने…
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शोहर की नाशुक्री का अन्जाम

पोस्ट 10 : शोहर की नाशुक्री का अन्जामइब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:❝ मुझे जहन्ऩम दिखाई गई तो मैं ने देखा कि उस में अक्सरिय्यत औ़रतों की है । (क्यूंकि) वो (नाशुक्री, इन्कार) करती…
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शोहर का बीवी पर हक़

पोस्ट 09 : शोहर का बीवी पर हक़"अब्दुल्लाह बिन औफ़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, फ़रमाते हैं:" जब मुआ़ज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हु मुल्के शाम से लौटे तो आते ही नबी ﷺ के आगे सज्दे में गिर गए।आप ﷺ ने पूछा: ऐ मुआ़ज़ ये क्या है ? वो…
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