किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना

पोस्ट 33 :
किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना।

इब्ने मस्ऊद रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:

कोई औ़रत अपने शोहर से किसी औ़रत की स़िफ़ात इस त़रह़ बयान ना करे कि गोया वो उस औ़रत को खुद देख रहा हो। 

 📕 बुख़ारी: अऩ्निकाह 4241, 4240

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyबुख़ारीसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में


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