बेचैनी की दुआ ❶

बेचैनी की दुआ | Bechaini ki Dua

यूँ तो मुकम्मल कुरआन हमारे दिल को सुकून पोहचाता है,
लेकिनं इस पोस्ट में हम महज कुछ ही दुआओं का तज़किरा कर रहे है
जो बेचैनी और बेकरारी के इलाज के लिए
कुरआन व सुन्नत से मुफीद साबित है। 

Bechaini ki Dua - 1
बेचैनी की दुआ ❶

لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ سُبْحَانَكَ إِنِّي كُنْتُ مِنَ الظّالِمِينَ

La ilaha illa anta subhanaka 
innee kuntu mina-zalimeen.

तेरे सिवा कोई भी इबादत के लायक़ नहीं,
तू पाक है। बेशक मैं ही ज़ालिमों में से था।

[ तिर्मज़ीः5/529, ह़दीस संख़्याः3505 ]


Bechaini ki Dua - 2
बेचैनी की दुआ ❷

اللَّهُ اللَّهُ رَبِّي لاَ أُشْرِكُ بِهِ شَيْئاً

Allahu! Allahu! 
Rabbi la ushriku bihi shay’aaa

अल्लाह, अल्लाह मेरा रब है, 
मैं उसके साथ किसी चीज़ को शरीक नहीं करता।

[ अबू दीऊदः2/87, ह़दीस संख्याः1525 ]
[ इब्ने माजा ह़दीस संख्याः3882]


Bechaini ki Dua - 3
बेचैनी की दुआ ❸

اللَّهُمَّ رَحْمَتَكَ أَرْجُو، فَلاَ تَكِلْنِي إِلَى نَفْسِي
طَرْفَةَ عَيْنٍ، وَأَصْلِحْ لِي شَأْنِي كُلَّهُ، لاَ إِلَهَ إِلاَّ أَنْتَ

Allahumma rahmataka arjoo fala
takilnee ila nafsee tarfata AAayn,
wa-aslih lee sha/nee kullah,
la ilaha illa ant.

(ऐ अल्लाह! मैं तेरी रह़मत की आशा रखता हूं,
इस लिए तू मुझे पलक झपकने के बराबर भी
मेरे नफ़्स (आत्मा) के ह़वाले न कर और
मेरे लिए मेरे तमाम काम ठीक कर दे।
तेरे सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।)

[ अबू दाऊदः4/324, ह़दीस संख्याः5090, अह़मदः5/42 ]


Bechaini ki Dua - 4
बेचैनी की दुआ ❹

لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ الْعَظِيمُ الْحَلِيمُ، لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ رَبُّ الْعَرْشِ الْعَظِيمِ،
 لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ رَبُّ السَّمَوَاتِ وَرَبُّ الْأَرْضِ وَرَبُّ الْعَرْشِ الْكَرِيمِ

La ilaha illal-lahul-AAatheemul-haleem,
la ilaha illal-lahu rabbul-AAarshil-AAatheem,
la ilaha illal-lahu rabbus-samawati warabbul-ardi
warabbul-AAarshil-kareem.

(अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं। वह महान तथा सहनशील है।
अल्लाह के अलावा कोई इबादत के लायक़ नहीं, जो बड़े अर्श का रब है।
अल्लाह के सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं, जो आस्मानों का रब,
ज़मीन का रब और अर्शे करीम का रब है।)

[ बुखारीः7/154, हदीस संख्याः6345]
[ मुस्लिमः4/2092,हदीस संख्याः2730 ]

Qurbani ki Niyat / Dua kya hai?

Qurbani ki Niyat / Dua kya hai?

Qurbani ki Dua, Qurbani ki niyat se murad woh Dua hai Jo Sunnat se Sabit hai. « Bismillaahi wallaahu ‘Akbar » [Sahih Muslim: 1965]

Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

— Roman Urdu Hadees —

Allah ke Rasool (ﷺ) ka farman hai:

Sharab se bacho isiliye kyunki wo har burayi ki chabi hai.

📚 Mustadrak: 7313


— हिंदी हदीस —

अल्लाह के अंतिम पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया :

शराब से बचो इसलिए क्यूंकि वो हर बुराई की चाबी है।

मुस्तदरक: ७३१३


— English Hadith —

Do not drink wine, for it is the key to all evils.’”

Sayings of Prophet (ﷺ)
Grade : Hasan (Darussalam)
English reference : Vol. 4, Book 30, Hadith 3371
Arabic reference : Book 30, Hadith 3496