Baat me Narmi aur Bepardagi | Post 13 | Islam aur Humara Ghar

बात में नरमी और बेपर्दगी » पोस्ट 1⃣3⃣ » इस्लाम और हमारा घर

1 3,876

पोस्ट 1⃣3⃣

“इस्लाम और हमारा घर”

बात में नरमी और बेपर्दगी

अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:

“ऐ नबी की बीवियों! तुम आम औरतों की तरह नहीं हो, अगर तुम तक़्वा इख़्तियार करना चाहती हो तो बातों में लचक ना पैदा करो वरना जिसके दिल में बीमारी है वो तमऩ्ना करेगा। और तुम सीधी सीधी बात करो, अपने घरों में ठहरी रहो और ज़माने जाहिलिय्यत की औरतों की तरह ज़िनत इख़्तियार ना करो।”

( सूरह अल अह़ज़ाब 32, 33 )

सिरीज » इस्लाम और हमारा घर

——J,Salafy✒——

▪शेयर करें▪

जिस शख़्स ने किसी नेकी का पता बताया, उसके लिए (भी) नेकी करने वाले के जैसा अजर हैं।
(स़ही़ह़ मुस्लिम: ज़ी. 3, हदीस 4665)

Install App

Leave a Reply

1 Comment
  1. Ishak Khan rampur says

    Massaaalla very good app

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More