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सुन्नत अमल

सुन्नत क्या है?, सुन्नत के अक्साम और सुन्नत अमल के बारे में तफ्सील में जानकारी कुरान और हदीस की रौशनी में

मगफिरत की क़ुरानी दुआ: 01

अपने परवरदिगार से इस तरह मगफिरत तलब करनी चाहिये:(Rabbana zalamna anfusina wa il lam taghfir lana wa tarhamna lana kunan minal-khasireen)तर्जमा : ऐ हमारे पालने वाले हमने अपना आप नुकसान किया और अगर तू हमें माफ न फरमाएगा और हम पर रहम न…
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बच्चों को यह दुआ पढ़ कर दम करें

रसूलुल्लाह (ﷺ) हजरत हसन व हुसैन (र.अ) को यह दुआ पढ कर दम किया करते थे : أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لامَّةٍ आऊज़ु बिकालिमातिल्लाहीत ताम्माह वा मीन कुल्ली शयतानीव वा हाम्माह…
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रुकू में हाथों को घुटनों पर रखना

रसूलुल्लाह (ﷺ) रुकू फरमाते, तो "अपने हाथों को घुटनों पर रखते, ऐसा लगता था जैसे उन को पकड़ रखा हो और दोनों हाथों को थोडा मोड़ कर पहलुओं से अलग रखते थे।”
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बिजली कड़कने और बादल गरजने के वक़्त की दुआ

अब्दुल्लाह बिन ज़ुबैर रज़ियल्लाहु अन्हुमा जब बादल की गरज सुनते तो बातें छोड़ देते और यह दुआ पढ़ते।(Subhanal-lathee yusabbihur-raAAdu bihamdih, walmala-ikatu min kheefatih.)तर्जुमा : पाक है वह ज़ात बादल की गरज जिसकी तस्बीह़ बयान करती…
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इशा के बाद दो रकात नमाज पढना

हजरत अब्दुल्लाह बिन उमर (र.अ) बयान फ़र्माते हैं के,“मैंने रसूलुल्लाह (ﷺ) के साथ ईशा की फर्ज नमाज़ के बाद दो रकात (सुन्नत) पढ़ी है।”फायदा: इशा की नमाज के बाद वित्र से पहले दो रकात पढ़ना सुन्नते मोअक्कदा है।
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मुसीबत के वक्त की दुआ

जब कोई मुसीबत पहुँचे या उसकी खबर आए, तो यह दुआ पढ़ेः “इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलाही राजिऊन” तर्जमा : हम सब (मअ माल व औलाद हकीक़त में) अल्लाह तआला ही की मिल्कियत में है और मरने के बाद) हम सब को उसी के पास लौट कर जाना है।
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बीवियों को सलाम करना

हज़रत उम्मे सलमा (र.अ) बयान करती हैं के आप (ﷺ) रोजाना सुबह के वक्त बीवियों के पास तशरीफ ले जाया करते थे और उन को खुद सलाम किया करते थे।
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बुरे लोगों की सोहबत से बचने की दुआ

अपने आप को और अपनी औलाद को बुरे लोगों की सोहबत से बचाने के लिये यह दुआ पढ़े“Rabbi najjinee waahlee mimma yaAAmaloon”तर्जमा: ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे अहल व अयाल को उनके (बुरे) काम से नजात अता फ़र्मा।
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