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शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः “सर्वश्रेष्ट रात“, ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के […]

इसरा और मेराज एक चमत्कार | Isra aur Meraj ka Safar

मेराज की घटना मुहम्मद (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) का एक महान चमत्कार है, और इस में आप (सल्ललाहो अलैहि वसल्लम) को अल्लाह ने विभिन्न निशानियों का जो अनुभव कराया यह भी अति महत्वपूर्ण है। मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही […]

जो कोई दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहेगा उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी

🌟 रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया : ❝जो कोई दिल से अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन कहेगा (यानी ज़ुबान के साथ दिल से भी इसका यकीन हो की तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है) तो उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी और 30 गुनाह मिटा दिए जाएँगे”❞ 📕 […]

कजाए उमरी नमाज़ की हकीकत: हिंदी में

अक्सर रमजान का आखरी जुमा आने तक कजा नमाज वाली पोस्ट शोशल मिडीया पर वायरल होती रहती है, यह मैसेज किसने अपलोड किया, कोई नहीं जानता! लेकिन ताज्जुब इस बात का है के, यह कुछ मुसलमान भाई बिना सोचे समझे ऐसे मैसेज खूब फोर्वड कर रहे है , अल्लाह रेहम करे नतीजतन लोगों में बेशुमार […]

रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना ?

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही […]

इस्लाम सुलह और शांति सिखाता है

♥ मफहूम-ऐ-हदीस ﷺ अल्लाह के नबी (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने एक रोज़ सहाबा से फ़रमाया: “क्या मै तुम्हे उस चीज़ के बारे में न बता दू जिसका दर्जा रोज़े , नमाज़ , सदके से भी ज्यादा ?” लोगो ने जवाब दिया: ए अल्लाह के रसूल! हमे जरुर बताये! आप (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: “उन […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 3

✦ दज्जाल का इरान से ताल्लुक: ❝ दज्जाल के साथ अश्फहान के सत्तर हजार यहुदी होगे जो इरानी चादरे ओढे हुए होगे। (सही मुस्लिम किताब अल फितन हदीस न. 2944) ❝ दज्जाल कौम यहुद से होगा। (सही मुस्लिम किताब अल फितन हदीस न. 2937) अश्फहान इरान आबाद का तीसरा बडा शहर है और शोबा अश्फहान […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 2

✦ दज्जाल का नाम और इसका मतलब: यहुदी अपने इस नजात दहिन्दा का आखिरी नाम यबुल, युबील, या हुबल बताते है, जो हमारी इस्लामी इस्तलाह मे तागुत और बुतो का नाम है और इसका लकब इनके यहा مسیحا या مسیا है। दज्जाल का असल नाम मालूम नही, क्योंकि हदीस मे नही आया, ये अपने लकब […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 5

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा? दज्जाल कौन है इस हवाले से बाज़ हज़रात का दुसरा कौल है के वो “हैरम आबीफ” है। २.हैरम आबीफ : बाज अहले इल्म की राय है कि इससे हैरम आबीफ (या सखरा आसफ) मुराद है, ये हजरत सुलेमान (अलैहि सलाम) के दौर मे हैकल सुलेमानी के नो बडे मास्टर […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 4

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा? ✦ दज्जाल कौन है? दज्जाल कौन है इस हवाले से मुख्तलिफ बाते की जाती रही है, बाज तो इतनी मजाहका खेज है कि बे अख्तियार हंसी आती है, हम इनसे सिर्फ नजर करते हुए यहा तीन मशहूर कौल जिक्र करके इन पर तबसीरा करते हुए चलेगे। १. सामरी […]

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 6

दज्जाल के मुतालिक जो तीन कौल मशहूर है के ये दज्जाल है उनमे पहला सामरी जादूगर, दुसरा हैरम आबीफ तीसरा है अमेरिका। आईये इस पार्ट में अमेरिका पर एक नजर  डालते है। ३. अमेरिका ” बाज हजरात का कहना है कि अमेरिका दज्जाल है, क्योंकि दज्जाल की भी एक आंख होगी और अमेरिका की भी एक […]

जिसकी बुनियाद शरीयत मे नही ऐसा काम दीन मे ईजाद करना मरदूद है

हजरते आयेशा (रज़ीअल्लाहु अन्हा) से रिवायत है की, रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: “जिसने दीन मे कोई ऐसा काम किया जिसकी बुनियाद शरीअत में नहीं वो काम मरदूद है।” – (सुनन इब्न माजाह, हदीस 14) ✦ वजाहत: मसलन वो तमाम आमाल जिन्हे हम नेकी और सवाब की उम्मीद से करते है लेकिन जो सुन्नत से साबित न […]