⭐ तलाक, हलाला और खुला की हकीकत (Talaq, Halala aur Khula Ki Hakikat)


Talaq Khula aur Halala ki hakikat

• तलाक की हकीकत:
यूं तो तलाक़ कोई अच्छी चीज़ नहीं है और सभी लोग इसको ना पसंद करते हैं इस्लाम में भी यह एक बुरी बात समझी जाती है लेकिन इसका मतलब यह हरगिज़ नहीं कि तलाक़ का हक ही इंसानों से छीन लिया जाए,

पति पत्नी में अगर किसी तरह भी निबाह नहीं हो पा रहा है तो अपनी ज़िदगी जहन्नम बनाने से बहतर है कि वो अलग हो कर अपनी ज़िन्दगी का सफ़र अपनी मर्ज़ी से पूरा करें जो कि इंसान होने के नाते उनका हक है, इसी लिए दुनियां भर के कानून में तलाक़ की गुंजाइश मौजूद है.
और इसी लिए पैगम्बरों के दीन (धर्म) में भी तलाक़ की गुंजाइश हमेशा से रही है,.. – @[156344474474186:]
• दीने इब्राहीम की रिवायात के मुताबिक अरब जाहिलियत के दौर में भी तलाक़ से अनजान नहीं थे, उनका इतिहास बताता है कि तलाक़ का कानून उनके यहाँ भी लगभग वही था जो अब इस्लाम में है लेकिन कुछ बिदअतें उन्होंने इसमें भी दाखिल कर दी थी.
*किसी जोड़े में तलाक की नौबत आने से पहले हर किसी की यह कोशिश होनी चाहिए कि जो रिश्ते की डोर एक बार बन्ध गई है उसे मुमकिन हद तक टूटने से बचाया जाए,
*जब किसी पति-पत्नी का झगड़ा बढ़ता दिखाई दे तो अल्लाह ने कुरआन में उनके करीबी रिश्तेदारों और उनका भला चाहने वालों को यह हिदायत दी है कि वो आगे बढ़ें और मामले को सुधारने की कोशिश करें इसका तरीका कुरआन ने यह बतलाया है कि – “एक फैसला करने वाला शोहर के खानदान में से मुकर्रर करें और एक फैसला करने वाला बीवी के खानदान में से चुने और वो दोनों जज मिल कर उनमे सुलह कराने की कोशिश करें, इससे उम्मीद है कि जिस झगड़े को पति पत्नी नहीं सुलझा सके वो खानदान के बुज़ुर्ग और दूसरे हमदर्द लोगों के बीच में आने से सुलझ जाए”..

♥ कुरआन ने इसे कुछ यूं बयान किया है“और अगर तुम्हे शोहर बीवी में फूट पड़ जाने का अंदेशा हो तो एक हकम (जज) मर्द के लोगों में से और एक औरत के लोगों में से मुक़र्रर कर दो, अगर शोहर बीवी दोनों सुलह चाहेंगे तो अल्लाह उनके बीच सुलह करा देगा, बेशक अल्लाह सब कुछ जानने वाला और सब की खबर रखने वाला है” – (सूरेह निसा-35).

इसके बावजूद भी अगर शोहर और बीवी दोनों या दोनों में से किसी एक ने तलाक का फैसला कर ही लिया है तो शोहर बीवी के खास दिनों (Menstruation) के आने का इन्तिज़ार करे, और खास दिनों के गुज़र जाने के बाद जब बीवी पाक़ हो जाए तो बिना हम बिस्तर हुए कम से कम दो जुम्मेदार लोगों को गवाह बना कर उनके सामने बीवी को एक तलाक दे, यानि शोहर बीवी से सिर्फ इतना कहे कि ”मैं तुम्हे तलाक देता हूँ”.

* तलाक हर हाल में एक ही दी जाएगी दो या तीन या सौ नहीं, जो लोग जिहालत की हदें पार करते हुए दो तीन या हज़ार तलाक बोल देते हैं यह इस्लाम के बिल्कुल खिलाफ अमल है और बहुत बड़ा गुनाह है अल्लाह के रसूल (सल्लाहू अलैहि वसल्लम) के फरमान के मुताबिक जो ऐसा बोलता है वो इस्लामी शर्यत और कुरआन का मज़ाक उड़ा रहा होता है.

इस एक तलाक के बाद बीवी 3 महीने यानि 3 तीन हैज़ (जिन्हें इद्दत कहा जाता है और अगर वो प्रेग्नेंट है तो बच्चा होने) तक शोहर ही के घर रहेगी और उसका खर्च भी शोहर ही के जुम्मे रहेगा लेकिन उनके बिस्तर अलग रहेंगे, कुरआन ने सूरेह तलाक में हुक्म फ़रमाया है कि इद्दत पूरी होने से पहले ना तो बीवी को ससुराल से निकाला जाए और ना ही वो खुद निकले, इसकी वजह कुरआन ने यह बतलाई है कि इससे उम्मीद है कि इद्दत के दौरान शोहर बीवी में सुलह हो जाए और वो तलाक का फैसला वापस लेने को तैयार हो जाएं.

* अक्ल की रौशनी से अगर इस हुक्म पर गोर किया जाए तो मालूम होगा कि इसमें बड़ी अच्छी हिकमत है, हर मआशरे(समाज) में बीच में आज भड़काने वाले लोग मौजूद होते ही हैं, अगर बीवी तलाक मिलते ही अपनी माँ के घर चली जाए तो ऐसे लोगों को दोनों तरफ कान भरने का मौका मिल जाएगा, इसलिए यह ज़रूरी है कि बीवी इद्दत का वक़्त शोहर ही के घर गुज़ारे.

फिर अगर शोहर बीवी में इद्दत के दौरान सुलह हो जाए तो फिरसे वो दोनों बिना कुछ किये शोहर और बीवी की हेस्यत से रह सकते हैं इसके लिए उन्हें सिर्फ इतना करना होगा कि जिन गवाहों के सामने तलाक दी थी उनको खबर करदें कि हम ने अपना फैसला बदल लिया है, कानून में इसे ही ”रुजू” करना कहते हैं और यह ज़िन्दगी में दो बार किया जा सकता है इससे ज्यादा नहीं.(सूरेह बक्राह-229)

*शोहर रुजू ना करे तो इद्दत के पूरा होने पर शोहर बीवी का रिश्ता ख़त्म हो जाएगा, लिहाज़ा कुरआन ने यह हिदायत फरमाई है कि इद्दत अगर पूरी होने वाली है तो शोहर को यह फैसला कर लेना चाहिए कि उसे बीवी को रोकना है या रुखसत करना है, दोनों ही सूरतों में अल्लाह का हुक्म है कि मामला भले तरीके से किया जाए, सूरेह बक्राह में हिदायत फरमाई है कि अगर बीवी को रोकने का फैसला किया है तो यह रोकना वीबी को परेशान करने के लिए हरगिज़ नहीं होना चाहिए बल्कि सिर्फ भलाई के लिए ही रोका जाए.

♥ अल्लाह कुरआन में फरमाता है – “और जब तुम औरतों को तलाक दो और वो अपनी इद्दत के खात्मे पर पहुँच जाएँ तो या तो उन्हें भले तरीक़े से रोक लो या भले तरीक़े से रुखसत कर दो, और उन्हें नुक्सान पहुँचाने के इरादे से ना रोको के उनपर ज़ुल्म करो, और याद रखो के जो कोई ऐसा करेगा वो दर हकीकत अपने ही ऊपर ज़ुल्म ढाएगा, और अल्लाह की आयातों को मज़ाक ना बनाओ और अपने ऊपर अल्लाह की नेमतों को याद रखो और उस कानून और हिकमत को याद रखो जो अल्लाह ने उतारी है जिसकी वो तुम्हे नसीहत करता है, और अल्लाह से डरते रहो और ध्यान रहे के अल्लाह हर चीज़ से वाकिफ है” – (सूरेह बक्राह-231)

Talaaqलेकिन अगर उन्होंने इद्दत के दौरान रुजू नहीं किया और इद्दत का वक़्त ख़त्म हो गया तो अब उनका रिश्ता ख़त्म हो जाएगा, अब उन्हें जुदा होना है.
इस मौके पर कुरआन ने कम से कम दो जगह (सूरेह बक्राह आयत 229 और सूरेह निसा आयत 20 में) इस बात पर बहुत ज़ोर दिया है कि मर्द ने जो कुछ बीवी को पहले गहने, कीमती सामान, रूपये या कोई जाएदाद तोहफे के तौर पर दे रखी थी उसका वापस लेना शोहर के लिए बिल्कुल जायज़ नहीं है वो सब माल जो बीवी को तलाक से पहले दिया था वो अब भी बीवी का ही रहेगा और वो उस माल को अपने साथ लेकर ही घर से जाएगी, शोहर के लिए वो माल वापस मांगना या लेना या बीवी पर माल वापस करने के लिए किसी तरह का दबाव बनाना बिल्कुल जायज़ नहीं है.
(नोट– अगर बीवी ने खुद तलाक मांगी थी जबकि शोहर उसके सारे हक सही से अदा कर रहा था या बीवी खुली बदकारी पर उतर आई थी जिसके बाद उसको बीवी बनाए रखना मुमकिन नहीं रहा था तो महर के अलावा उसको दिए हुए माल में से कुछ को वापस मांगना या लेना शोहर के लिए जायज़ है.)
अब इसके बाद बीवी आज़ाद है वो चाहे जहाँ जाए और जिससे चाहे शादी करे, अब पहले शोहर का उस पर कोई हक बाकि नहीं रहा.

इसके बाद तलाक देने वाला मर्द और औरत जब कभी ज़िन्दगी में दोबारा शादी करना चाहें तो वो कर सकते हैं इसके लिए उन्हें आम निकाह की तरह ही फिरसे निकाह करना होगा और शोहर को महर देने होंगे और बीवी को महर लेने होंगे.

# अब फ़र्ज़ करें कि दूसरी बार निकाह करने के बाद कुछ समय के बाद उनमे फिरसे झगड़ा हो जाए और उनमे फिरसे तलाक हो जाए तो फिर से वही पूरा प्रोसेस दोहराना होगा जो मैंने ऊपर लिखा है,

# अब फ़र्ज़ करें कि दूसरी बार भी तलाक के बाद वो दोनों आपस में शादी करना चाहें तो शरयत में तीसरी बार भी उन्हें निकाह करने की इजाज़त है.
लेकिन अब अगर उनको तलाक हुई तो यह तीसरी तलाक होगी जिस के बाद ना तो रुजू कर सकते हैं और ना ही आपस में निकाह किया जा सकता है.

• हलाला:
# अब चौथी बार उनकी आपस में निकाह करने की कोई गुंजाइश नहीं लेकिन सिर्फ ऐसे कि अपनी आज़ाद मर्ज़ी से वो औरत किसी दुसरे मर्द से शादी करे और इत्तिफाक़ से उनका भी निभा ना हो सके और वो दूसरा शोहर भी उसे तलाक देदे या मर जाए तो ही वो औरत पहले मर्द से निकाह कर सकती है, इसी को कानून में ”हलाला” कहते हैं.
लेकिन याद रहे यह इत्तिफ़ाक से हो तो जायज़ है जान बूझ कर या प्लान बना कर किसी और मर्द से शादी करना और फिर उससे सिर्फ इस लिए तलाक लेना ताकि पहले शोहर से निकाह जायज़ हो सके यह साजिश सरासर नाजायज़ है और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने ऐसी साजिश करने वालों पर लानत फरमाई है.

• खुला:
*अगर सिर्फ बीवी तलाक चाहे तो उसे शोहर से तलाक मांगना होगी, अगर शोहर नेक इंसान होगा तो ज़ाहिर है वो बीवी को समझाने की कोशिश करेगा और फिर उसे एक तलाक दे देगा, लेकिन अगर शोहर मांगने के बावजूद भी तलाक नहीं देता तो बीवी के लिए इस्लाम में यह आसानी रखी गई है कि वो शहर काज़ी (जज) के पास जाए और उससे शोहर से तलाक दिलवाने के लिए कहे, इस्लाम ने काज़ी को यह हक़ दे रखा है कि वो उनका रिश्ता ख़त्म करने का ऐलान कर दे, जिससे उनकी तलाक हो जाएगी, कानून में इसे ”खुला” कहा जाता है.

यही तलाक का सही तरीका है लेकिन अफ़सोस की बात है कि हमारे यहाँ इस तरीके की खिलाफ वर्जी भी होती है और कुछ लोग बिना सोचे समझे इस्लाम के खिलाफ तरीके से तलाक देते हैं जिससे खुद भी परेशानी उठाते हैं और इस्लाम की भी बदनामी होती है.
– (मुशर्रफ अहमद)

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31 Comments on "तलाक, हलाला और खुला की हकीकत (Talaq, Halala aur Khula Ki Hakikat)"

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yasmin
Guest
yasmin
9 months 23 days ago

aslamulekum.g mera nam yasmun hy. meri shadi k 4 sal bad mujhe mere husband se khulla lena pada majboori me.. kya ab my un se doobara nikkah kar sakti hoo.aur kya doobara nikah k liye halala zaroori hy

पूजा
Guest
पूजा
4 months 28 days ago

बहुत बहुत शुक्रिया जनाब।

rahul
Guest
rahul
2 months 7 hours ago

bahut laga i am interest to know more about islam +917202030545 whatsapp

Sohaib Ahmed khan
Guest
Sohaib Ahmed khan
1 year 5 months ago

Maaf kijiye ga text karne me galti hoyi lekin bina talaq liye wo aapki baatein na maane to wo aurat khud apna jahannam ka rasta bana rahi hai .

Kazi Mahfooz Ali
Guest
Kazi Mahfooz Ali
10 months 15 days ago

Agar kesy ny dil aur dimag sy talaaq ka irada kar liya ya talaaq ka massege send kar diya to iss Surat mey TalaaQ ho gaya ya Nahi

Arshad
Guest
Arshad
3 months 26 days ago

Bhai asslam alaikum ye talaq ka masla Quran se takra raha hai plz Meri islah kare

firoj ansari
Guest
firoj ansari
1 year 9 months ago

Meri bibi Jo hi wise to be intihan mohbbat karte hain par me uski har galti hansi se tall tall deta hun par ab WO mera koi kahna nai manti aise me kya karu

Ginni
Guest
Ginni
6 months 6 days ago

agar tum sahi ho na to talak ki naubat hi nahin ayegi kyunki aurato me ghar basane ki chahat rahti hai aur mardon ko dusri shadi karne me

Sohaib Ahmed khan
Guest
Sohaib Ahmed khan
1 year 5 months ago

Assalam alekum Firoz Vai ?
Aap apni biwi KO samjhai or quraan & hadees ki baatein bataye..Talaq to aakhri waqt pe halal kiya gaya hai.lekin bina talaq liye wo aapki baatein maane to wo aurat khud apna jahannam ka rasta bana rahi hai .ise kufr kehte hai…Allah aapki pareshanio KO dor kare..Allah hafiz

khan
Guest
khan
6 months 23 days ago

Aslamualikum

imran khan
Guest
imran khan
2 months 8 days ago

Asslamuwalikum…mere sawal yeh hai ke…agar shohar ghuse me akar 3 bar khula boldene se kya khula hoga….
aur kya biwi ghuse me akar 3 bar talaq bolne se kya talaq hoga…plz mujhe ans dijiye….

rahul
Guest
rahul
2 months 7 hours ago

mughe janana hai islam 7202030545

Sadaf khan
Guest
Sadaf khan
1 month 29 days ago

As salam me aap ko itna bata sakta hu ki meri biwi ne samne se talaq magrhi thi mhuje itna pata he ki meri koy galti nhi he or allh behtar jane wala he to mene meri biwi ko talaq diya he to mhuje koy guna hoga bas ye bat dil me he to aap log se puch na cha ta hu me apne pariwar walo ko bata nhi sakta.bas muje dar eis bat ka he.

raju
Guest
raju
1 month 24 days ago

A/s w
mera shadi ko.2 Sal.lagbhag v nahi huye 7 Mahine ka 1ladka v hai mera
2016 Me bakraeid ke bad apne mayka.gae hue hai wapas aane ka Nam nahi le rahi ristedaro se bilti hai mai aisa bolungi waisa karo tab aaungi
uske maa bap bhai v uska.sport kar rahe hai
mere ghar me mai hi akela hu sab gharwalo ka kharcha chalane wala
biwi ke rahte huye maa khana bana rahi hai 1 Bar bil.chuka hu tu nahi aayi to dusri.shadi.karunga
uska bada bhai marpit karne.ka.dhamki deta hai samjhane ke jagah par gali galauj karta hai
please help kariye

Shahbaz shaikh
Guest
Shahbaz shaikh
1 month 2 days ago

Sir ek hindu ka mujhse sawal hai ki halala sirf aurto ke liye kyon hota hai mardo ke liye kyon nahi

noor
Guest
noor
20 days 11 hours ago

Mara talak ho gaya h…29 March ko usme hm dono ki galti thi n.a. wo apni galti man rahe the na mai ..fir sab logo ne mil kar hamre liye talak ka Rasta n ikala or ho gaya talak…lekin mai or mere shohar dono sath Rahna chate h apni apni galti ka ahsas hua h hm dono ko door kr hm fir se ek dusre ka sath rahna chate h…plsss koi Rasta bataiye …halala ..Na mai chahti hu na mere shohar…hm dono bas ek dusre ka sath cahte h..koi Rasta bataiye

noor
Guest
noor
19 days 16 hours ago

Assaalamolikum …bhaijan…Mene wo video Dekhi h …wo mere samjh me v aa gaya ….lekin iske liye mujhe Kya Krna hoga…..kisse bat kru..is bare me…

Vipin panwar
Guest
Vipin panwar
13 days 4 hours ago

Wa kya baat hai mushraf bhai muje islam k bare me jada nahi pata magr jo apne kaha wo sach hai to real me islam me arton k liye bahut samman hai

javed
Guest
javed
12 days 9 hours ago

Jo Quran Hazz ke douraan Haziyo ko milta hai uske page no. 94 par Talaaq ki sahi tafseel di gayi hai. Ek martaba mein hamesha ke liye talaq nahi hoti, bhale hi zubaan se ek baar talaaq kaha gaya ho ya kai ek baar.

Amar
Guest
Amar
9 days 14 hours ago

Great concept.
I don’t know about ‘Kuraan’ but ye Korat kacheri ke chakkar kaatne se batter hai.
I have one question……. kya muslim mahilaay me bhi apne husband ko 3 talaak de sakte hai?
Mera matlab is process ko ab ulta kar diya jaay…mahilaay 3 talaak dena chahe apne husband ko tab?

Amar
Guest
Amar
8 days 16 hours ago

I appreciate your 3 Talak concept, I have one doubt. As Muslim husband can give 3 talak to her wife, is it possible to same for Woman. I mean A muslim woman can ask to her husband for 3 talak and halala.

Fuzail
Guest
Fuzail
8 days 13 hours ago

6 ana ho kya

noor
Guest
noor
6 days 5 hours ago

Assalamoalikum bhaijan …meri madad kijiye…mai or mere shohar ek sath rhna chate h ..lekin hm log ko kahi se v madad nhi mil rahi h..Sab yahi lag re h halala ke bina kuch nhi hoga bhaijan hamari madad kijiye ..29 match ko hua tha hamara talak…plsss help me

noor
Guest
noor
2 days 4 hours ago

Mujhe madad ki jaruart h…plsss madad kijiye hmara talak hm dono ki jid me or gusse me ho gya hm dono us time apne apni bato me ade the na wo jhuk the na mai …lekin agle hi din hme apni galtiyo ka ahsas hua..Mai or mere shohar sath rhna chate h ..hmari madad kijiye ..hm ye galti dobara kabi nhi krege …koi Rasta bataiye ..koi v nhi man raha h sab kah rhe bagair halala kuch nhi hoga …dono side ke log …bhaijan apse madad ki gujarish h plsss

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