कुरआन और तिब्बे नबवी से इलाज | Quraan aur Tib e Nabvi se ilaj

मिस्वाक के फायदे

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने इर्शाद फ़रमाया : “मिस्वाक मुंह की सफाई और अल्लाह की रज़ामंदी का ज़रिया है।” 📕 नसई :

कुरआन और तिब्बे नबवी से इलाज | Quraan aur Tib e Nabvi se ilaj

आटे की छान से इलाज

۞ हदीस: हजरत उम्मे ऐमन (र.अ) आटे को छान कर रसूलुल्लाह (ﷺ) के लिये रोटी तय्यार कर रही थीं के

कद्दू (दूधी) से इलाज

۞ हदीस: हज़रत अनस (र.अ) फर्माते हैं के, “मैंने खाने के दौरान रसूलुल्लाह (ﷺ) को देखा के प्याले के चारों

कुरआन और तिब्बे नबवी से इलाज | Quraan aur Tib e Nabvi se ilaj

मोतदिल गिज़ा का इस्तेमाल

रसूलुल्लाह (ﷺ) खजूर के साथ खीरे खाते थे। फायदा : मुहद्विसी ने किराम फ़र्माते हैं के खजूर चूँकि गर्म होती

कै (उल्टी) के जरिये इलाज

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने कै (Vomit) की और फिर वुजू फ़रमाया। वजाहत : अल्लामा इब्ने कय्यिम (रह.) लिखते हैं : कै(उलटी)

ककड़ी के फवाइद

रसूलुल्लाह (ﷺ) से खजूर के साथ ककड़ी खाते थे। फायदा : अल्लामा इब्ने कय्यिम (रह.) ककड़ी के फवाइद में लिखते

आबे जमजम के फवाइद

हजरत जाबिर बिन अब्दुल्लाह (र.अ.) कहते के मैंने रसूलअल्लाह (ﷺ) को फरमाते हुए सुना: “जमजम का पानी जिस निय्यत से

सूरह बक़रह से इलाज

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अपने घरों में सूरह बक्ररह पढ़ो, इस लिये के शयातीन व आसेब उस घर में

खुजली का इलाज

हजरत अनस बिन मालिक (र.अ) फर्माते हैं के रसूलल्लाह (ﷺ) ने हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ (र.अ) और जुबैर बिन अव्वाम

सना के फायदे

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “मौत से अगर किसी चीज में शिफा होती तो सना में होती।” फायदा: सना एक

दुआए जिब्रईल से इलाज

हजरत आयशा (र.अ) बयान करती है के जब रसूलुल्लाह (ﷺ) बीमार हुए, तो जिब्रईल ने इस दुआ को पढ़ कर

बिमारियों का इलाज

हज़रत अनस (र.अ) के पास दो शख्स आए, जिन में से एक ने कहा: ऐ अबू हम्जा (यह हजरत अनस

सब से बेहतरीन दवा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “सबसे बेहतरीन दवा कुरआन है।” फायदा : उलमाए किराम फर्माते हैं के क़ुरआनी आयात के मफ़हूम के मुताबिक

आबे ज़म ज़म से इलाज

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “जमीन पर सबसे बेहतरीन पानी आबे जम जम है, यह खाने वाले के लिये खाना

तलबीना से इलाज

हजरत आयशा बीमार के लिये तलबीना तय्यार करने का हुकम देती थीं और फर्माती थीं के मैंने हुजूर (ﷺ) को

नींद न आने का इलाज

हजरत जैद बिन साबित (र.अ) ने हुजूर (ﷺ) से नींद न आने की शिकायत की, तो आप (ﷺ) ने फ़र्माया:

बिच्छू के जहर का इलाज

हजरत अली फरमाते हैं : एक रात रसूलुल्लाह (ﷺ) नमाज़ पढ़ रहे थे के नमाज के दौरान एक बिच्छू ने

जख्म वगैरह का इलाज

हजरत आयशा (र.अ) फ़र्माती हैं : अगर किसी को कोई ज़ख्म हो जाता या दाना निकल आता, तो । आप

नज़रे बद का इलाज

एक शख्स को नजर लग गई, तो रसूलुल्लाह (ﷺ) ने उसके सीने पर हाथ मार कर यह दुआ फरमाई: तर्जुमा

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