उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम

पोस्ट 32 :
उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम।

अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:

❝ जहऩ्नमी लोगों की दो किस्में हैं जिन्हें मैं ने नहीं देखा है। एक तो वो लोग होंगे जिन के हाथों में बैल की दुमों की त़रह़ कोड़े होंगे जिन से वो लोगों को मारेंगे।

और दूसरें वो औ़रतें हैं जो अगरचा लिबास पहने होंगी लेकिन ह़क़ीक़त में बरहना होगी। वो दूसरों को अपनी तरफ़ माएल करने वाली और खुद भी (गुमराही की तरफ़) माएल होंगी । उन के सरों का हाल बुख़्ती ऊंटों की माएल कोहानों की तरह होगा। वो ना जऩ्नत में दाख़िल होंगी और ना ही उस की खुश्बू पाएंगी हालांकि जऩ्नत की खुश्बू बहुत दूर से महसूस होती है। 

 📕 मुस्लिम: अल्लिबास वज़्ज़िनाह 3971
(अल जऩ्नति व स़िफ़ति नईमिहा व अहलिहा 5098)

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

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