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इस्लाम और विज्ञानं

मॉडर्न सर्जरी है “इब्न ज़ुहर” की देन

अवेन्ज़ोअर (Avenzoar) (1094–1162): जो लोग मेडिसिन से ताल्लुक रखते है वो ज़रूर इस नाम को जानते होंगे। इनका असल नाम “इब्न ज़ुहर” था। यह वो थे जिन्होंने बहुत सारे ऐसे आलात(इक्यूपमेंट) ईजाद किये जिसके ज़रिये सर्जरी की जाती है,.. मॉडर्न सर्जरी !!! बहुत सारे आलात फिर चाहे वो ब्लेड की शक्लें हो , मुख़तलिफ़ किस्म […]

औद्योगिककरन के बानी कहलाते है – अल-जज़री

दुनिया में इंडस्ट्रियल ऐज जो आया उसके लिए सबसे पहले बुनियादी चीज़ थी वो मशीनरी, और मशीनरी के लिए सबसे अहम् चीज़ थी वो था “क्रैनशाफ़्ट”। क्रैनशाफ़्ट के बगैर मशीनरी का कोई तसव्वुर नहीं, क्यूकी क्रैनशाफ़्ट के जरये गोल घुमने वाली चीजों से सीधी ताकत पैदा की जाती है. जिसे इंग्लिश में कहते है रोटरी […]

भ्रूणशास्त्र की आयते देखकर डॉ किथ मूर को विश्वास हो गया के “कुरान ईश्वरीय ग्रन्थ है”

प्रो. डॉ. कीथ मूर जो कि वर्तमान समय मे विश्व मे एम्ब्रियोलॉजी अर्थात् भ्रूण शास्त्र के सबसे बड़े ज्ञाता माने जाते हैं, और टोरंटो विश्वविद्यालय (कनाडा) के डिपार्टमेण्ट आफ एनाटॉमी एण्ड सेल बॉयोलॉजी मे विभागाध्यक्ष रह चुके हैं, इन्होंने जब शोध कार्य के लिए कुरान की कुछ पवित्र आयतों का अध्ययन किया तो कुरान को […]

इब्न-अल-हेथम थे कैमेरा के सबसे पहले अविष्कारक

इब्न अल हैथम [965ई -1040ई] इराक के रहने वाले यह वो शख्स है जिन्हे हम कह सकते है “फादर ऑफ़ मॉडर्न ऑप्टिक्स”। – ऑप्टिक्स यानी चश्मे जो हम लगा रहे है, कैमरे जो चल रहे है, तमाम चीज़ों के ये बानी (फाउंडर) कहलाते है! – इसलिए के यह पहले थे जिन्होंने सबसे पहला कैमरा बनाया […]

मेडिकल साइंस के सबसे पहले जनक – इब्न अली सीना

इब्न सीना का पूरा नाम अली अल हुसैन बिन अब्दुल्लाह बिन अल-हसन बिन अली बिन सीना है | इनकी गणना इस्लाम के प्रमुख डाक्टर और दर्शिनिकों में होती है पश्चिम में इन्हें अवेसेन्ना (Avicenna) के नाम से जाना जाता है ये इस्लाम के बड़े विचारकों में से थे ,इब्न सीना ने 10 साल की उम्र […]

पेड़ पौंधो में जीवन होने के प्रमाण – १४०० साल से केहता है कुरान

ईश्वर(अल्लाह) द्वारा रची गई इस अद्भुत सृष्टि मे एक अद्भुत रचना है, वनस्पति जगत …. – पेड़ पौधों को हम अपनी आंखो से जीवित प्राणियों की तरह छोटे से बड़ा होते, बढ़ते बनते देखते हैं …. – पेड़ों को खुद हम अपने हाथ से भोजन खिलाते और पानी पिलाते हैं यानी उन्हें खाद और पानी […]

पवित्र क़ुरआन और शरीर रचना विज्ञान

रक्त प्रवाह (Blood circulations) और दूध: – पवित्र क़ुरआन का अवतरण रक्त प्रवाह की व्याख्या करने वाले प्रारम्भिक मुसलमान वैज्ञानिक “इब्न-अन-नफ़ीस” से 600 वर्ष पहले और इस खोज को पश्चिम में परिचित करवाने वाले विलियम हॉरवे से 1000 वर्ष पहले हुआ था। – तक़रीबन 1300 वर्ष पहले यह मालूम हो चुका था कि आंतों के […]

पवित्र क़ुरआन और अंतरिक्ष विज्ञान (Holy-Quran & Space Science)…

– जब से इस पृथ्वी ग्रह पर मानवजाति का जन्म हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि प्राकृतिक व्यवस्था कैसे काम करती है, रचनाओं और प्राणियों के ताने-बाने में इसका अपना क्या स्थान है और यह कि आखि़र खु़द जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्देश्य क्या है ? […]

पवित्र क़ुरआन और परमाणु: (Holy Quran & Atoms)

*तमाम संस्कृतियों में मानवीय शक्ति वचन और रचनात्मक क्षमताओं की अभिव्यक्ति के प्रमुख साधनों में साहित्य और शायरी (काव्य रचना) सर्वोरि है। विश्व इतिहास में ऐसा भी ज़माना गु़ज़रा है जब समाज में साहित्य और काव्य को वही स्थान प्राप्त था जो आज विज्ञान और तकनीक को प्राप्त है। – गै़र-मुस्लिम भाषा-वैज्ञानिकों की सहमति है […]

नर और मादा पौधे (Holy-Quran & Botany) ….

*पवित्र क़ुरआन और वनस्पति विज्ञान: – प्राचीन काल के मानवों को यह ज्ञान नहीं था कि पौधों में भी जीव जन्तुओं की तरह नर (पुरूष) मादा (महिला) तत्व होते हैं। अलबत्ता आधुनिक वनस्पति विज्ञान यह बताता है कि पौधे की प्रत्येक प्रजाति में नर एवं मादा लिंग होते हैं। यहां तक कि वह पौधे जो […]

पशुओं और परिंदों का समाजी जीवन …

*पवित्र क़ुरआन और जीव विज्ञान (Holy Quran & Biology) ♥ अल-क़ुरआन: “धरती पर चलने वाले किसी पशु और हवा में परों से उड़ने वाले किसी परिंदे को देख लो यह सब तुम्हारे ही जैसी नस्लें हैं और हम ने उनका भाग्य लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैः फिर यह सब अपने रब की ओर […]