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इस्लाम के बारे में संदेह और उत्तर

इस्लाम आतंक या आदर्श – स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य

#_इस्लाम_आतंक_या_आदर्श - यह पुस्तक कानपुर के स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य जी ने लिखी है। - इस पुस्तक में स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य ने इस्लाम के अपने अध्ययन को बखूबी पेश किया है। स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य के साथ दिलचस्प वाकिया जुड़ा हुआ है।…
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औरत की आबरू का आदर

*इस्लाम के दिए हुए मानव-अधिकारों में अहम चीज़ यह है कि औरत के शील और उसकी इज़्ज़त हर हाल में आदर के योग्य है, चाहे औरत अपनी क़ौम की हो, या दुमन क़ौम की, जंगल बियाबान में मिले या फ़तह किए हुए शहर में, हमारी अपने मज़हब की हो या दूसरे मज़हब की, या…
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मुस्लिम महिला ने क़ायम की थी दुनिया की पहली यूनिवर्सिटी

फ़ातिमा अल फ़िहरी, ये नाम शायद आपने नहीं सुना होगा लेकिन ये नाम उतनी ही एहमियत रखता है जितना कि गाँधी, लूथर जूनियर, मंडेला, एडिसन या टेस्ला या फिर न्यूटन का नाम. # “लेडी ऑफ़ फ़ेज़” के नाम से मशहूर फ़ातिमा वो पहली इंसान हैं जिन्होनें इस…
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आतंकवाद के खिलाफ एक मंच पर आए सभी मुस्लिम धर्मगुरु, फतवा जारी

नई दिल्ली: आतंकवादी संगठन अलकायदा के बाद अब ISIS अपनी आतंकवादी हरकतों से पूरी दुनिया में हैवानियत का खूनी खेल खेल रहा है। फ्रांस की राजधानी पेरिस में ISIS ने पिछले दिनों लगातार आतंकवादी हमले किए, जिनमें 129 से अधिक लोग मारे गए और 300 से…
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कत्ल और आतंकवाद को इस्लाम का समर्थन नहीं …

वो लोग जो अपने क़त्लो-गारत और दहशतगर्दी के कामों को इस्लाम के आदेशानुसार बतलातें हैं वो कुरान और रसूल (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) की तालीमों का अपमान करतें है। - क्योंकि कुरान वो ग्रंथ है जिसने एक कत्ल के अपराध को पूरी इंसानियत के कत्ल करने…
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जिहाद का वास्तविक अर्थ होता है “संघर्ष करना”….

अक्सर हमारे नोंमुस्लिम भाइयों में यह ग़लतफहमी पायी जाती है के वो जिहाद जैसे शब्द का तथाकथित लोगों से अलग अलग अर्थ समझकर मुसलमानों के अमन के पैगाम को ठुकरा देते है, आईये आज इसका सही मूल्य जानने की कोशिश करते है... » जिहाद: अरबी भाषा का…
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जानिए : क्या इस्लाम तलवार की जोर से फैला ?

*कुछ गै़र-मुस्लिम भाइयों की यह आम शिकायत है कि संसार भर में इस्लाम के मानने वालों की संख्या लाखों में भी नहीं होती यदि इस धर्म को बलपूर्वक नहीं फैलाया गया होता। निम्न बिन्दु इस तथ्य को स्पष्ट कर देंगे कि इस्लाम की सत्यता, दर्शन और तर्क ही…
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हज़रत मुहम्मद (ﷺ) और बौद्ध धर्म ग्रन्थ (डा. एम.ए.श्रीवास्‍तव)

डा. एम. ए. श्रीवास्‍तव नें एक पुस्तक लिखी (हज़रत मुहम्‍मद सलल्लाहो अलैहि वसल्लम और भारतीय धर्मग्रन्‍थ) अपनी इस पुस्तक की भूमिका में वह लिखते हैं- हज़रत मुहम्मद (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) के आगमन की पूर्व सूचना हमें बाइबिल, तौरेत और अन्य…
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इस्लाम दूसरे धर्मों के बारे में अपमानजनक बातें कहने की अनुमति नहीं देता ..

» प्रश्नः क्या दूसरे मज़हबों के धार्मिक ग्रंथों और उनके ईष्ट देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें करने से... उनका दिल दुखाने से अल्ल्लाह ख़ुश होगा...? • उत्तरः हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य धर्मों के धार्मिक ग्रन्थ या तो मानव रचित हैं…
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जानीये – क्यों हराम है सुअर का मांस ….

इस्लाम में सुअर का माँस खाना वर्जित(हराम) होने की बात से सभी परिचित हैं। निम्नलिखित तथ्यों द्वारा इस प्रतिबन्ध की व्याख्या की गई है। 1). सुअर के मांस का निषेध पवित्र कुरआन में । पवित्र क़ुरआन में कम से कम चार स्थानों पर सुअर का मांस…
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