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Islamic baatein in Hindi

17. रबी उल आखिर | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

(1). रसूलुल्लाह (ﷺ) की ताइफ से वापसी, (2). नाक के बाल, (3). शौहर के भाइयों से परदा करना, (4). इस्तिन्जे के बाद वुजू करना, (5). अगली सफ में नमाज़ अदा करना, (6). नमाज़ छोड़ना, (7). दुनिया से बचो, (8). पागलपन का इलाज, (9). शराब, जुवा, बूत और…
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अल्लाह की रहमत का एक खुबसूरत वाकिया

Islamic Waqiat In Hindi अल्लाह की रहमत का एक खुबसूरत वाकिया इब्न खुदामा अपनी किताब अत-तवाबिंन में बनी इस्राईल का वाकिया पेश करते हुए कहते है के, मूसा (अलैहि सलाम) के ज़माने में  एक बार केहत आया (सुखा पड़ा), आप अपने तमाम सहाबा के साथ अल्लाह…
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जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

" कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।" - बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा "ईदुल…
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हज का सुन्नत तरीका हिंदी में

Content तारूफ (Intro) हज के फ़र्ज़ होने की दलील हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें • हज में एहतियात करने वाली बाते • ख़वातीन और परदे का अहतमाम एहराम की हालत में ममनूअ (मना की हुई) चीज़ें एहराम की हालत में ममनूअ की तीन हालतें…
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14. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: इत्तिबाए सुन्नत का एक नमूना हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: दरख्त का आप (ﷺ) की खिदमत में आना एक फर्ज के बारे में: तक्बीरे तहरीमा एक सुन्नत के बारे में: अरफ़ात में…
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7. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: हजरत अली बिन हुसैन (रह.) अल्लाह की कुदरत: फलों में रंग, मज़ा और खुश्बू एक फर्ज के बारे में: हज के महीने में एहराम बांधना एक सुन्नत के बारे में: जम जम खड़े…
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5. ज़िल कदा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा 5 Minute Ka Madarsa in Hindi इस्लामी तारीख: अरफ़ात अल्लाह की कुदरत: समुंदरी मखलूक की हिफाजत एक फर्ज के बारे में: सई को तवाफ के बाद करना एक सुन्नत के बारे में: सवारी पर सवार होने के बाद की दुआ एक…
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शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में)

शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः "सर्वश्रेष्ट रात", ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत…
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कोरोना के डर से घरों में नमाज़ अदा करना कैसा है?

कुछ खाडी देश जिन में सऊदी अरब भी शामिल है, वहां की राज्य सरकार की तरफ से मस्जिदों में पंज वक्ता और नमाज़े जुमा पर पाबन्दी लगाने से मुस्लिम समाज में यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या ऐसा करना सही है?, क्या क़ुरआन व हदीस की रोशनी में मस्जिद…
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इस्लाम में महिलाओं के अधिकार से प्रेरित हो कर डॉ. कमला दास ने अपनाया इस्लाम! रखा कमला सुरैया नाम

"मुझे हर अच्छे मुसलमान की तरह इस्लाम की एक-एक शिक्षा से गहरी मुहब्बत है। मैंने इसे दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप से अपना लिया है और धर्म के मुक़ाबले में दौलत मेरे नज़दीक बेमानी चीज़ है।" - डॉक्टर कमला सुरैया » सम्पादन कमेटी…
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दहेज़ की हक़ीकत और दहेज प्रथा के दुष्प्रभाव (Reality of Dowry)

ये वो विषय है जिस पर अगर तफसील से लिखा जाए तो रुकना मुश्किल है। बहरहाल फिर भी हम इस पर दहेज़ के ताल्लुक से कुछ अहम बात करने की कोशिश करेंगे। • सबसे पहली बात अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त नें क़ुरआन में फरमाया: “मर्द औरतों पर क़व्वाम हैं इसलिए कि…
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हज़रत इदरीस अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 5

Content नाम-नसब और जमाना हज़रत इदरीस की ख़ास बाते हजरत इदरीस अलैहि सलाम की तालीम का ख़ुलासा बाद में आने वाले नबियों के बारे में बशारत हज़रत इदरीस अलैहि सलाम की ज़मीनी खिलाफ़त॑ हज़रत इदरीस अलैहि सलाम की नसीहते…
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हज़रत नूह अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 4

Content हज़रत नूह अलैहि सलाम पहले रसूल है नूह हक की कौम, दाबत व तब्लीग़ और कौम की नाफ़रमानी नाव की बुनियाद जूदी पहाड़ (अज़ाब का ख़त्म होना) नूह अलैहि सलाम का बेटा नूह अलैहि सलाम का तुफ़ान आम था वा खास नूह अलैहि…
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काबिल और हाबील » Qasas ul Anbiya: Part 3

Content क़ाबिल और हाबिल की नज़्र इबरत की जगह कुरआन मजीद ने हज़रत आदम अलैहि सलाम के इन दोनों बैटों का नाम ज़िक्र नहीं किया सिर्फ़ “आदम के दो बेटे” कहकर मुज्मल छोड़ दिया है, अलबत्ता तौरात में उनके नाम बयान किए गए हैं। कुछ…
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हज़रत आदम अलैहि सलाम » Qasas ul Anbiya: Part 2

Content आदम अलैहि सलाम की पैदाइश, फ़रिश्तों को सज्दे का हुक्म, शैतान का इंकार सज्दे से इन्कार करने पर इब्लीस का मुनाज़रा इब्लीस ने मोहलत तलब की आदम अलैहि सलाम और दूसरे फ़रिश्ते आदम अलैहि सलाम की तालीम…
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क़सस उल अंबिया | नबियों के किस्से और वाक़ियात हिंदी में

क़सस उल अम्बिया अम्बिया अलैहि सलाम के वाक़ियात हिंदी में कायनात की पैदाइश और पहला इंसान पहला इंसान इल्मी बहसों से मुतालिक इस्लामी नुक्ता-ए-नज़र (दृष्टिकोण) हज़रत आदम अलैहि सलाम आदम अलैहि सलाम पैदाइश, फ़रिश्तों को…
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अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

Content अशरा ज़ुलहिज्जा क्या है ? अशरा ज़ुलहिज्जा को इतनी फ़ज़ीलत क्यों? अरफ़ा के रोजे की फजीलत सहाबा किराम (र.अ.) का अमल तकबीरों का मसअला कुर्बानी का इरादा रख़ने वाला ज़ुलहिज्जा के दस दिनों में बाल न कटवाए क़ुरबानी की…
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कयामत की तारीख की ख़बर?

Content मैदाने हश्र – मुख्य सूचि क़यामत की तारीख ? कयामत अचानक आ जाएगी जुम्मा का दिन होगा ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ कयामत की तारीख़ की ख़बर नहीं दी गई अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ही जानता हैं कि कयामत कब आयेगी। कुरान ऐ करीम में…
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क़यामत क्या है और क्यों आएगी?

Content मैदाने हश्र – मुख्य सूचि क़यामत किसे कहते है ? क़यामत क्यों आएगी ? क़यामत की जरुरत क्यों है ? क़यामत कब आएगी ? ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ क़यामत क्या है ? इस दुनिया में जो भी आया, हर एक ने इसको…
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सूर फूंका जायेगा

Content मैदाने हश्र – मुख्य सूचि सुर क्या है ? दो सुर के दरमियान कितना वक्त होगा ? सुर फुकने के बाद कौन लोग होश में बाकि रहेंगे ? ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ सुर क्या है ? कयामत की शुरूआत सूर फूंकने से होगी। प्यारे नबी…
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कयामत किन लोगों पर कायम होगी?

Content मैदाने हश्र – मुख्य सूचि ज़ालिमों पर क़यामत नाज़िल होगी ठंडी हवा के जरिए मोमिनो को मौत आयेगी हज़ार में 999 दोजखी होंगे ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ सबसे बड़े ज़ालिमों पर क़यामत नाज़िल होगी हजरत अब्दुल्लाह…
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कजाए उमरी नमाज़ की हकीकत: हिंदी में

अक्सर रमजान का आखरी जुमा आने तक कजा नमाज वाली पोस्ट शोशल मिडीया पर वायरल होती रहती है, यह मैसेज किसने अपलोड किया, कोई नहीं जानता! लेकिन ताज्जुब इस बात का है के, यह कुछ मुसलमान भाई बिना सोचे समझे ऐसे मैसेज खूब फोर्वड कर रहे है , अल्लाह रेहम…
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रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना ?

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही…
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मस्जिद को बम से उड़ाने के ख्वाब देखने वाला खुद बन गया मुसलमान।

इस्लाम से बेइंतहा नफरत करने वाला एक शख्स कभी मस्जिद को बम से उड़ाना चाहता था लेकिन अब उसने खुद ही इस्लाम कबूल कर लिया। 'द संडे प्रोजेक्ट' नामी टॉक शो से रिचर्ड मैकिने नाम के एक शख्स ने अपनी अनोखी कहानी शेयर की है। रिचर्ड इंडियाना के…
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शोहर के ख़राब रवैये से हर बीवी के सामने तीन रास्ते होते है

शोहर का ख़राब रवैया देखकर हर बीवी के सामने तीन रास्ते होते है, और हर बीवी इन तीन रास्तों मे से एक रास्ता ज़रूर चुनती है, अगर शोहर बीवी के साथ अच्छा सुलूक नही करता, उसे वक़्त नही देता, मोबाइल टीवी और दोस्तों मे मसरूफ़ रहता है, उसे इज़्ज़त व…
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