Surah Tauba Ayat 126

क्या वह लोग नहीं देखते कि हर साल मुसीबत में मुबितला किए जाते हैं फिर भी …

۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ ” क्या वह लोग (इतना भी) नहीं देखते कि हर साल एक मरतबा या दो मरतबा बला …

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धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें।

धोकेबाजी से सावधान रहें।

“झूठे वादे और चमक-धमक वाले उपहारों के द्वारा अनुचित कर्म करवाने का आह्वान करने वाले, दोस्त नहीं धोखेबाज हैं।”

नकली संबंधों में अपनी गरिमा और जीवन का बलिदान न करें।

Ref: Wisdom Media School

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है तथा आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है

धर्म आत्मज्ञान के लिए है।

“आस्था, कर्म और संस्कृति का संगम जब होता है तब धर्म प्रबुद्ध होता है। इन में से एक की भी कमी धर्म की आत्मा को नष्ट कर देती है।”

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। (कुरआन ३:१०३)

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो [कुरआन ३:१०३]

एकजुट हो कर रहें। और सब मिलकर अल्लाह की रस्सी को मज़बूती से पकड़ लो और विभेद में न पड़ो। …

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