Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

— Roman Urdu Hadees —

Allah ke Rasool (ﷺ) ka farman hai:

Sharab se bacho isiliye kyunki wo har burayi ki chabi hai.

📚 Mustadrak: 7313


— हिंदी हदीस —

अल्लाह के अंतिम पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया :

शराब से बचो इसलिए क्यूंकि वो हर बुराई की चाबी है।

मुस्तदरक: ७३१३


— English Hadith —

Do not drink wine, for it is the key to all evils.’”

Sayings of Prophet (ﷺ)
Grade : Hasan (Darussalam)
English reference : Vol. 4, Book 30, Hadith 3371
Arabic reference : Book 30, Hadith 3496

नशा थोड़ा भी खतरनाक है, ज़्यादा लेने पर मदहोशी देने वाले का थोड़ा भी निषिद्ध है।

नशा थोड़ा भी खतरनाक है

नशा खतरनाक है :   “थोड़ा भी खतरनाक है! ज़्यादा लेने पर मदहोशी देने वाले का थोड़ा भी निषिद्ध है।” [ पैगंबर

jo choton par raham nahi karta wo hum me se nahi

जो भी अपने से छोटों पर रहम नहीं करता वो हम में से नहीं

अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमायाः

“जो भी अपने छोटे (युवाओं-बच्चों) पर रहम नहीं करता
और जो बड़ों के हक अदा नहीं करता
वो हम (मोमिनों) में से नहीं है।”

[ मुसनद अहमद – 7033 ]

Dusro ke baare me bure khayal mat rakho

दूसरों के बारे में बुरे विचार मत रखो क्योंकि यह अधिकतर झूठे होते है

अल्लाह के अन्तिम ईशदूत मुहम्मद (ﷺ) ने कहा कि :

” दूसरों के बारे में बुरे विचार मत रखो क्योंकि यह अधिकतर झूठे होते है।
लोगों की खराबियों को मत ढूंढो,
दूसरों से जलन न रखो, किसी के पीठ पीछे उसकी बुराई न करो,
घृणा न करो, ईश्वर के भक्त और भाई-भाई बन कर रहो।”

[ बुखारी शरीफ 6064 ]

वसीयत जरूर लिखे

रसूलल्लाह (सलाल्लाहू अलैही वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: “किसी मुसलमान के पास कोई भी चीज़ हो(यानीकिसी का लेना-देना या उस के

Safar me Gaane Sunna Kaisa - Hadees

Safar me Gaane Sunna Kaisa ?

SAFAR MEIN GAANE SUNNA

۞ Hadees: Nabi e Kareem ﷺ ne farmaya:
“Jo Shakhs Safar Ki haalat mein ALLAH ki Yaad aur ZIKR mein Lagaa Rehta hai tou FARISHTA Uska HUMSAFAR ho Jata hai.

Aur Agar (GAANE WA MUSIC) Mein MASHGUL Rehta hai tou SHAITAN Uske SAFAR KA SATHI Ban Jata hai.”
[ Sahih Al Jame : 5706 ]

Tumhara Maal aur Aulad bas Aazmaish hai

तुम्हारा माल और औलादे बस आज़माइश है

अल्लाह तआला कुरान ए करीम में फरमाता है:

“तुम्हारे माल (दौलत) और तुम्हारी औलादे (संतान) बस आज़माइश (परीक्षा) है
और अल्लाह के यहाँ तो बड़ा अज्र (पुण्य) मौजूद है।”

[ पवित्र कुरआन ६४:१५ ]

अरबी एक जीवित भाषा: “३६ देशों में ४२ करोड़ जनता, संयुक्त राष्ट्र की एक आधिकारिक भाषा

अरबी एक जीवित भाषा: “३६ देशों में ४२ करोड़ जनता, संयुक्त राष्ट्र की एक आधिकारिक भाषा

अरबी; एक जीवित भाषा:  “३६ देशों में ४२ करोड़ जनता, संयुक्त राष्ट्र की एक आधिकारिक भाषा। १८० करोड विश्वासियों वाला

गैरकानूनी रिश्ते लोगों के पारिवारिक संबंध को नष्ट-भ्रष्ट करनेवाली सामाजिक आपदा है

गैरकानूनी रिश्ते लोगों के पारिवारिक संबंध को नष्ट-भ्रष्ट करनेवाली सामाजिक आपदा है

अवैध रिश्तों में खतरा :

“अवैध/गैरकानूनी रिश्ते अनैतिक है। यह दो व्यक्तियों के पाप से बढकर,
अनेक लोगों के पारिवारिक संबंध को नष्ट-भ्रष्ट करनेवाली सामाजिक आपदा है।”

Ref: Wisdom Media School
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प्रेम की पवित्रता: विवाह से ही पवित्र प्रेम होता है। विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं।

प्रेम की पवित्रता: विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं।

प्रेम की पवित्रता: 

विवाह से ही पवित्र प्रेम होता है।

विवाह से पहले या बाद अवैध संबंध अनैतिक और विनाशकारी हैं। 

Ref: Wisdom Media School
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वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल

वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल

नबी करीम (ﷺ) ने फरमाया:

❝ वह वक्त करीब है जब मुसलमानो का सबसे उम्दा माल
(उसकी बकरियां होंगी)

जिनके पीछे वो पहाड़ो की चोंटी और बरसाती वादियों में
अपने दिन को बचाने के लिए कूच कर जायेगा। ❞

सहीह बुखारी 19;
बुक 2, हदीस 12

विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए, नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं। [कुरआन २:२५६]

विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए, नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं। [कुरआन २:२५६]

समझ भावना को संयम में लता है: 

“विरोध समस्यावों के हल के लिए होना चाहिए,
नई समस्याएं पैदा करने के लिए नहीं।” 

[ कुरआन २:२५६ ]

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अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं बल्कि दिल और कर्म की ओर देखता है।

अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं बल्कि दिल और कर्म की ओर देखता है। [हजरत मुहम्मद ﷺ]

सुधार चाहिए दिल को।  

“सुनिश्चत, अल्लाह आपके रूप या धन की ओर नहीं देखते; बल्कि देखते हैं आपके दिल और कर्म की ओर।”

[ हजरत मुहम्मद ﷺ ]

Ref: Wisdom Media School
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