नमाज़ छोड़ने पर वईद

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया :

“नमाज का छोड़ना मुसलमान को कुफ़ व शिर्क तक पहुँचाने वाला है।”

मुस्लिम: २७

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया :

“नमाज़ का छोड़ना आदमी को कुफ्र से मिला देता है।”

मुस्लिम : २४६

एक दूसरी हदीस में आप (ﷺ) ने फ़र्माया:

“ईमान और कुफ्र के दरमियान फर्क करनेवाली चीज़ नमाज़ है।”

इब्ने माजा : १०७८
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