शोहर के इजाजत की अहमियत: हदीस | Shohar ki ijazat Hadees
शोहर के इजाजत की अहमियत: हदीस
अबू हरैराह (रज़ी) से रिवायत है के, अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमाया:
“शोहर की गैर हाजिरी मे इसकी इजाजत के बगैर कोई औरत रोज़ा ना रखे सिवाय रमज़ान के, और बगैर इस की इजाजत के इस की मौजूदगी में किसी को घर में आने की इजाजत न दे।”
मुस्लिम बेहनों के लिए कुरआन सुन्नत से 50 नसीहतें… मुस्लिम बेहनों के लिए कुरआन सुन्नत से 50 नसीहतें बिस्मिल्लाहिरहमानिर्रहीम! अल्हम्दुलिल्लाह वस्सलातु वसल्लामु अला रसूलिल्लाहि (ﷺ) ऐ मुस्लिम बहन! मुस्लिम का मतलब होता है, अल्लाह का फर्माबरदार (आज्ञाकारी) होना. इस्लाम में यह ज़िम्मेदारी मर्द व औरत दोनों पर एक समान रूप से लागू है या'नी इसमें कोई जिन्सी (लैंगिक) भेदभाव नहीं है. इस लेख में कुरआन व सहीह हदीसों की रोशनी में 50 अहमतरीन नसीहतों का ज़िक्र किया गया है, अगर इन पर अमल किया जाए तो औरत अल्लाह की नेक बन्दी बनने के साथ-साथ समाज में इज्जत और वकार (सामाजिक प्रतिष्ठा) भी पा सकती है। लेकिन ये बेहद अफ़सोस की बात…
Hasad meaning in Hindi | हसद: एक खतरनाक बिमारी Hasad meaning in Hindi : कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की खुशहाली, समृद्धि, या सफलता देखकर असंतुष्ट और दुखी महसूस करता है इसे हसद कहते है
बदन में एक गोश का टुकड़ा है जब वो दुरुस्त होगा तो सारा बदन दुरुस्त होगा: हदीस हदिस: दिल के कैफ़ीयत की अहमियत नुमान बिन बशीर (र.अ.) से रिवायत है के, मैंने रसूलअल्लाह (ﷺ) से सुना की, "सुन लो ! बदन में एक गोश का टुकड़ा है जब वो दुरुस्त होगा तो सारा बदन दुरुस्त होगा और अगर वो बिगड़ गया तो सारा बदन बिगड़ गया और वो तुम्हारा दिल है।" 📕 सहीह अल बुखारी, हदीस: 52
Munafiq Meaning in Hindi (मुनाफिक का अर्थ) – कुरान और हदीस की रौशनी में Munafiq किसे कहते हैं? मुनाफिक (Munafiq) एक अरबी शब्द है जिसका मतलब होता है: ऐसा व्यक्ति जो बाहर से मुसलमान दिखे लेकिन दिल से ईमान न रखे। हिंदी में इसे पाखंडी या कपट करने वाला कहा जा सकता है। यह एक बहुत गंभीर इस्लामी संज्ञा है जिसका उल्लेख कुरान और हदीस में बार-बार हुआ है। 📖 मुनाफिक की पहचान – कुरान के अनुसार कुरान शरीफ मुनाफिकों को उन लोगों के रूप में पेश करता है जो जुबान से "हम ईमान लाए" कहते हैं, लेकिन उनके दिलों में ईमान नहीं होता। 🔹 आयत: “जब मुनाफिक तुम्हारे पास आते हैं, तो कहते…
पांच चीज़ों को 5 से पहले घनीमत समझो पांच चीज़ों को 5 से पहले घनीमत समझो हदीस: अब्दुल्ला इब्न अब्बास (र.) से रिवायत है के,अल्लाह के नबी (ﷺ) ने फरमाया: “पांच (5) चीज़ों को पांच (5) चीज़ों से पहले घनीमत समझो। (1). अपनी जवानी को बुढ़ापे से पहले,(2). अपनी सेहत को बीमारी से पहले,(3). अपनी मालदारी को गुरबत (गरीबी) से पहले,(4). अपनी फरागत को मसरुफियत से पहले,(5). अपनी जिंदगी को मौत से पहले। 📕 शुआब अल-ईमान, हदीस 9575
तलाक, हलाला और खुला की हकीकत (Triple Talaq & Halala) • तलाक की हकीकत: पति पत्नी में अगर किसी तरह भी निबाह नहीं हो पा रहा है तो अपनी ज़िदगी जहन्नम बनाने से बहतर है कि वो अलग हो कर अपनी ज़िन्दगी का सफ़र अपनी मर्ज़ी से पूरा करें इसी को तलाक कहते है जो कि इंसान होने के नाते उनका हक है, इसी लिए दुनियां भर के कानून में तलाक़ की गुंजाइश मौजूद है। और इसी लिए पैगम्बरों के दीन (धर्म) में भी तलाक़ की गुंजाइश हमेशा से रही है। यूं तो तलाक़ कोई अच्छी चीज़ नहीं है और सभी लोग इसको ना पसंद करते हैं इस्लाम में भी…
झूठे बादशाह का अंजाम: हदीस झूठे बादशाह का अंजाम: हदीस अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमाया: "अल्लाह तआला रोज़े क़यामत 3 तरह के लोगो से न कलाम करेगा और न ही उनकी तरफ नज़रे रेहमत से देखेगा, और उनको दर्दनाक अजाब में मुब्तेला करेगा, और वो 3 ये लोग होंगे: "बुढा जानी, झूठा बादशाह और मुतक्कबिर फ़क़ीर।" 📕 सहीह मुस्लिम, हदीस 107
नमाजे अस्र की अहमियत रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : "जिस शख्स ने अस्र की नमाज़ छोड़ दी, तो उस का अमल जाया हो गया।" 📕 बुखारी : ५५३. अन बुरैया (र.अ) वजाहत: दिन और रात में तमाम मुसलमानों पर पाँचों नमाजों को अदा करना तो फर्ज है ही, लेकिन ख़ास तौर से अस्त्र की नमाज़ छोड़ने वालों के हक में रसूलल्लाह (ﷺ) का वईद बयान फर्माना इस की अहमियत को मजीद बढ़ा देता है, चुनान्चे हमारे लिए जरूरी है के हम अस्र की नमाज वक्त पर अदा करें और कजा न करें। अल्लाहतआला हमे कहने सुनने से ज्यादा अमल की तौफीक दे , अमीन।