फज़र और असर पाबन्दी से अदा करना

हदीस: फज़र और असर पाबन्दी से अदा करना…

हदीस: फज़र और असर पाबन्दी से अदा करना। रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “हरगिज़ वह आदमी जहन्नम में दाखिल नहीं हो सकता, जो सूरज निकलने से पहले फज़्र की नमाज और सूरज गुरूब होने से पहले अस्र की नमाज़ पढ़े।” 📕 मुस्लिम : १४३६

मौत की तमन्ना करना कैसा?

मौत की तमन्ना करना कैसा?

मौत की तमन्ना करना कैसा ?, “किसी तकलीफ़ में अगर कोई शख़्स मुबतला हो तो उसे मौत की तमन्ना नहीं करनी चाहीए और अगर कोई मौत की तमन्ना करने ही लगे तो ये

जुमा के दिन की फज़ीलत | Jumma ki Fazilat

Jumma ki Fazilat : जुमा के दिन की फज़ीलत: जुमा का दिन अल्लाह के नज़दीक “ईद उज़ जुहा” और “ईद उल फ़ित्र “से भी बड़ा है …

Jumma ki Fazilat : जुमा के दिन की फज़ीलत बेहतरीन दिन जिस पर सूरज तोलू हुआ जुमा का दिन है, जुमा का दिन दिनों का सरदार है। ..

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दूसरों की औरतों से दूर रहो तुम्हारी औरतें भी पाक दामन रहेंगी

अबू हुरैरह (र.अ) से रिवायत है के,रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “दूसरों की औरतों से दूर रहो तुम्हारी औरतें भी पाक दामन … आगे पढ़े