रोज़े की हालत में भी झूठ और दगाबाज़ी से बचे | Roze ki Halat me bhi Jhoot aur Dagabazi se bachey

रोज़े की हालत में भी झूठ और दगाबाज़ी से बचे | Roze ki Halat me bhi Jhoot aur Dagabazi se bachey

Hadees of the Day

रोज़े की हालत में भी झूठ और दगाबाज़ी से बचे

۞ हदीस: अबू हुरैरा (र.अ.) से रिवायत है की,
रसूलअल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया –

“अगर कोई शक्श (रोजा रख कर भी) झूठ बोलना और दगाबाजी करना ना छोड़े तो अल्लाह सुभानहु ताला को उसकी कोई जरूरत नहीं कि वो अपना खाना पीना छोड़ दे।”

📕 सहिह बुखारी, खंड 3, हदीस 1903

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