7 Muharram | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

7 Muharram | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

तारीख: काबील और हाबील, अल्लाह की कुदरत : सूरज, एक फ़र्ज़ : दीन में नमाज़ की अहमियत, अहेम अमल : आशूरा के रोजे का सवाब, बिला ज़रूरत मांगने का वबाल …

6 Muharram | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

6 Muharram | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

तारीख: हज़रत आदम (अ.स) का दुनिया में आना, मुअजिजा : चाँद के दो टुकड़े होना, एक सुन्नत: मेजबान को दुआ देना, अहेम अमल : माहे मुहर्रम में रोजा रखना, यतीमों का माल खाने का गुनाह …

5 Muharram | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

5 Muharram | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

तारीख: हज़रत आदम (अ.स), अल्लाह की कुदरत : ज़मीन और उस की पैदावार, सुबह की नमाज़ अदा करने पर हिफाजत का जिम्मा, एक सुन्नत: पूरे सर का मसह करना, अहेम अमल : इस्लाम में बेहतर आमाल, गुनाह की वजह से रिज़्क से महरूमी …

30 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

30 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

तारीख: तातारी फ़ितना और आलमे इस्लाम, हुजूर (ﷺ) का मुअजिजा : रौशनी का तेज़ होना, एक फर्ज : नमाज़े जुमा के लिए जमात का होना, अहेम अमल : मोमिन की परेशानी में मगफिरत , एक गुनाह : बुरे कामों की सज़ा, नज़रे बद और शैतानी असर से हिफ़ाज़त …

29 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

29 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

इस्लामी तारीख : टीपू सुलतान की शहादत, मेरे नजदीक शेर की एक दिन की जिंदगी गीदड़ की सौ साला जिंदगी से बेहतर है। , अल्लाह की कुदरत: हवा में आवाज़, एक फर्ज : वालिदैन के साथ अच्छा बर्ताव करना …

19 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

19 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

हज़रत मौलाना जलालुद्दीन रूमी (रह.), सितारे, तकदीर पर ईमान लाना, खूशबू को रद नहीं करना चाहिए, हाजी से मुलाकात करना, मुसलमानों के क़त्ल में मदद करने की सज़ा , दुनिया से बे रग़बती पैदा करना …

14 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

14 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

(1). अल्लामा अब्दुर्रहमान बिन जौज़ी (रह.), (2). बेहोशी से शिफ़ा पाना, (3). कज़ा नमाज़ों की अदायगी, (4). गुनाहों से बचने की दुआ, (5). मस्जिद की सफाई का इन्आम, (6). कुफ्र की सज़ा जहन्नम है, (7). माल व औलाद दुनिया के लिए ज़ीनत, (8). कब्र की पुकार, (9). बड़ी बीमारियों से हिफ़ाज़त, (10). जन्नत में दाखिल करने वाले आमाल…

Meri Namaz Roza Qurbani sab Allah ke liye hai.jpg

मेरी नमाज़, क़ुरबानी, मेरा जीना मरना सब कुछ अल्लाह के लिए है

۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞

मेरी नमाज़, क़ुरबानी, मेरा जीना मरना सब कुछ अल्लाह के लिए है

“आप फ़रमा दीजिए बेशक! मेरी नमाज़ मेरी कुर्बानी मेरा जीना मेरा मरना सब कुछ अल्लाह ही के लिए है जो सारे जहान का मालिक है।”

📕 क़ुरआन; सूरह अल अनआम 6:162

4.7/5 - (12 votes)
Qurbani ka Gosht 3 din se jyada rakhna kaisa Hadees ki roshni me

कुर्बानी का गोश्त ३ दिन से ज्यादा रखना कैसा ?

कुर्बानी का गोश्त ३ दिन से ज्यादा रखना कैसा है ?

अल्लाह के रसूल ने 3 दिन से ज़्यादा कुर्बानी का गोश्त रखने से कभी मना नहीं किया।

उम्मुल मोमिनीन आयशा रज़ियल्लाहु अन्हा से पूछा गया –
क्या रसूल अल्लाह (ﷺ) ने तीन दिन से ज़्यादा कुर्बानी का गोश्त खाने से मना किया है ?

उन्हों ने कहा अल्लाह के रसूल ने ऐसा कभी नहीं किया सिर्फ़ एक साल उस का हुक्म दिया था जिस साल सुखा पड़ा था अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने चाहा था ( उस हुक्म के ज़रिए ) के जो मालदार है वो ( गोश्त जमा करने के बजाए ) मोहताजो को खिला दें (यानी गरीबों में गोश्त बांट दे )।

📕 बुखारी शरीफ़ हदीस नं. 5423

Qurbani ka Gosht 3 din se jyada rakhna kaisa

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अरफा के दिन की दुआ सबसे बेहतरीन है

अरफा के दिन की दुआ सबसे बेहतरीन है

अरफा के दिन की दुआ सबसे बेहतरीन है

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:

सबसे बेहतर दुआ अरफा (9 ज़िल-हिज्जा) वाले दिन की दुआ है और मैंने अब तक जो कुछ (बतौर ज़िक्र) कहा है और मुझसे पहले जो दुसरे नबियों ने कहा उसमें सबसे बेहतर दुआ है –

“ला इलाहा इल्लल्लाहू, वाहदहू ला शरीका लहू, लहूल मुल्क वल-हूल हम्द, व-हूवा अला कुल्ली शैइन क़दीर”

अल्लाह के सिवा कोई (सच्चा माबूद) नहीं, वो अकेला है और उसका कोई शरीक नहीं, उसी के लिए सारी बादशाही है और उसी के लिए सारी तारीफ है और वो हर चीज़ पर ख़ूब क़ुदरत रखता है।

📕 Jam e Tirmazi#3585 (Sahih)

4.4/5 - (20 votes)

Youm-e-Arfa ka Roza aur Uski Fazilat

Arfa – 9 Zil Hijja ka Roza 2022 (India)

India me Youm-e-Arfa ka Roza Saturday, 9 July 2022 ko hoga.

SEHRI 4:22 | IFTARI 7:17 (Mumbai, Pune)

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Mafhum-e-Hadees

Youm-e-Arfa ke Roze ki Fazilat

Abu Qatada (RaziAllahu Anhu) se riwayat hai ke,
Rasool’Allah (ﷺ) se Youm-e-Arfa (9 Zil Hajj) ke Rozey ke baarey me poocha gaya tou Aap (ﷺ) ne farmaya: “Is din ka Roza guzishta(guzre hue) saal aur aainda(aane wale) saal ke Gunnaho ka kaffara hai.

📕 Sahih Muslim, Kitabul Siyaam, Hadith no. 367

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8 Zil Hijjah

8 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम इब्ने माजा (रहमतुल्लाहि अलैहि), हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा: छूहारों में बरकत, एक फर्ज के बारे में: तक्बीराते तशरीक, खैर व भलाई की दुआ, दुनियावी जिंदगी पर खुश न होना, बीमारी से मुतअल्लिक अहम हिदायत …

7 Zil Hijjah

7 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम नसई (रहमतुल्लाहि अलैहि), मुखतलिफ तरीके से पानी का उतरना, एक फर्ज : आप (ﷺ) की आखरी वसिय्यत, एक अहेम अमल: अरफ़ा के दिन रोजा रखना, नमाज़ दिखलावे के लिये पढ़ने का गुनाह, कुरआन की नसीहत: गवाही मत छुपाया करो …

Hadees: Dhul Hijjah ke Amaal-e-Swaaleh ki Fazilat

Hadees: Dhul Hijjah ke Amaal-e-Swaaleh ki Fazilat

Hadees of the Day

Dhul Hijjah ke Amaal-e-Swaaleh ki Fazilat

Ibn Abbas (R.A) bayan karte hain ke, Rasool’Allah (ﷺ) ne irshad farmaya:

Ashrah Dhul Hijjah ke Amaal-e-Swaaleh Allah Ta’ala ko Jis Qadar Mahboob wa Pasand hain, Dusre dino ke Aamal iss Qadr mahboob nahi.

Sahaba-e-Kiram (R.A) ne arz kiya: “Aye Allah ke Rasool (ﷺ)! Dusre dino ka jihaad bhi ?”

Aap (ﷺ) ne farmaya:

“Dusre dino ka Jihaad bhi iss Qadr mahboob nahi, haan! Mujaahid apni jaan aur maal Allah Ta’ala ke raastey me Qurbaan kar dey tou aisa Jihaad afzal aur pasandeedah ho sakta hai.”

📕 Bukhari, Tohfatul Ahwazi Jild 2 Pg 58,

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Ashra Zul-hijjah mein qasrath se Karne waale Amaal

Ashra Zul-hijjah mein qasrath se Karne waale Amaal

1 se 13 Zul Hijjah ko Sooraj Ghuroob Hone Tak Padhi Jane Wali Takbeeraat

الله اكبر الله اكبر لا اله الا الله والله اكبر الله أكبر ولله الحمد

Allah Sabse Bada hai, Allah Sabse Bada hai, Allah ke Siwa koi Ma’bood nahi, aur Allah Sabse Bada hai, Allah Sabse Bada hai, aur Allah ke Liye hi Sab Tareef hai.

📕 Musannaf Ibn Abi Shaybah: 5694

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6 Zil Hijjah

6 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम तिर्मिज़ी (रहमतुल्लाहि अलैहि), हज की फ़र्जियत, आमाल की कुबूलियत की दुआ, यतीम के सर पर हाथ फेरने की फजीलत, दीन को झुटलाने का गुनाह …

1 Zil Hijjah जिल हिज्जा

1. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

अंबर मछली में अल्लाह की क़ुदरत, अल्लाह तआला सबको दोबारा ज़िन्दा करेगा, कुर्बानी जहन्नम से हिफाजत का ज़रिया, क़ुरबानी न करने पर वईद, कयामत के दिन बदला कुबूल न होगा …

अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत ~ क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत ~ क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ तमाम तारीफे …

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17 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

17. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. इस्लामी तारीख
  2. अल्लाह की कुदरत
  3. एक फर्ज के बारे में
  4. एक सुन्नत के बारे में
  5. एक अहेम अमल की फजीलत
  6. एक गुनाह के बारे में
  7. दुनिया के बारे में
  8. तिब्बे नबवी से इलाज
  9. क़ुरान की नसीहत
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16 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

16. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. इस्लामी तारीख
  2. हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा:
  3. एक फर्ज के बारे में:
  4. एक सुन्नत के बारे में:
  5. एक अहेम अमल की फजीलत:
  6. एक गुनाह के बारे में:
  7. दुनिया के बारे में:
  8. तिब्बे नबवी से इलाज
  9. नबी (ﷺ) की नसीहत:
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15 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

15. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. अल्लाह की कुदरत
  2. एक फर्ज के बारे में
  3. एक सुन्नत के बारे में:
  4. एक अहेम अमल की फजीलत:
  5. एक गुनाह के बारे में:
  6. दुनिया के बारे में:
  7. आख़िरत के बारे में:
  8. तिब्बे नबवी से इलाज
  9. कुरआन की नसीहत:
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13. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

13 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. इस्लामी तारीख:
  2. अल्लाह की कुदरत
  3. एक फर्ज के बारे में
  4. एक सुन्नत के बारे में
  5. एक अहेम अमल की फजीलत
  6. एक गुनाह के बारे में
  7. दुनिया के बारे में
  8. आख़िरत के बारे में
  9. तिब्बे नबवी से इलाज
  10. क़ुरान की नसीहत
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12. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

12 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. इस्लामी तारीख:
  2. हुजूर (ﷺ) का मुअजीजा:
  3. एक फर्ज के बारे में:
  4. एक सुन्नत के बारे में:
  5. एक अहेम अमल की फजीलत:
  6. एक गुनाह के बारे में:
  7. दुनिया के बारे में :
  8. आख़िरत के बारे में
  9. तिब्बे नबवी से इलाज
  10. नबी (ﷺ) की नसीहत:
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11 Zil Hijjah | Sirf Paanch Minute ka Madarsa

11 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

  1. इस्लामी तारीख:
  2. अल्लाह की कुदरत:
  3. एक फर्ज के बारे में:
  4. एक सुन्नत के बारे में:
  5. एक अहेम अमल की फजीलत:
  6. एक गुनाह के बारे में:
  7. आख़िरत के बारे में:
  8. तिब्बे नबवी से इलाज:
  9. कुरआन की नसीहत:
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9 Zil Hijjah जिल हिज्जा

9 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

च्यूँटी अल्लाह की कुदरत का नमूना है, एक फर्ज: नमाज के लिये मस्जिद जाना, हर नमाज के बाद तस्बीह फातिमी अदा करना,
औरतों का खुशबु लगाकर बाहर निकलने का गुनाह, तिब्बे नबवी से इलाज: नजर लगने से हिफाजत, नबी (ﷺ) की इताअत की अहमियत …

जो क़ुरबानी ना कर सके वो क़ुरबानी का सवाब कैसे पाए ?

जो क़ुरबानी ना कर सके वो क़ुरबानी का सवाब कैसे पाए ?

जो शख़्स कुरबानी करने की ताक़त नहीं रखता हो उसे कुरबानी करने का सवाब कैसे मिलेगा?

रसूलअल्लाह (ﷺ) ने एक आदमी से फ़रमाया :

मुझे कुरबानियों वाले दिन को ईद बनाने का हुक्म दिया गया है जिसे अल्लाह तआला ने इस उम्मत के लिए मुकर्रर फ़रमाया है। 

उस शख़्स ने अर्ज़ किया अगर मेरे पास दूध वाली बकरी के इलावा कोई और जानवर कुरबानी के लिए न हो तो फरमाइए क्या मैं उसे ही ज़बह कर दू ? 

आप ने फ़रमाया नही! लेकिन तू (कुरबानी वाले दिन) अपने (जिस्म के) बाल काट ले , नाखून और मुंछे तराश ले और ज़ेरे नाफ बाल साफ़ कर ले अल्लाह तआला के यहां तेरी तरफ़ से यहीं मुकम्मल कुरबानी शुमार होगी।

( सुनन निसाई #4370 / सहीह )

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हज का सुन्नत तरीका ~ कुरआन व सुन्नत की रौशनी में

हज का सुन्नत तरीका ~ कुरआन व सुन्नत की रौशनी में

हज का तारूफ , हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें, हज में एहतियात करने वाली बाते, एहराम की हालत में मना की हुई चीज़ें, हज्ज के तीन किस्मे, यौमूत्तर्वियह, अरफा का दिन , मुज़दलिफा में रात बिताना, यौमुन्नह्र (10 जिल हिज्जा – क़ुरबानी का दिन), अय्यामुत्तश्रीक़ (11,12,13 जिल हिज्जा), जिल हिज्जा की 12वीं तारीख

5 Zil Hijjah जिल हिज्जा

5. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम अबू दाऊद (रहमतुल्लाहि अलैहि), अल्लाह की कुदरत – बिजली कुंदना, एक फर्ज – नेकियों का हुक्म और बुराइयों से रोकना, अच्छे अखलाक़ वाले का मर्तबा, नमाज़ से मुंह मोड़ने का गुनाह …

4 Zil Hijjah जिल हिज्जा

4. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम मुस्लिम (रहमतुल्लाहि अलैहि), हुजर का मुअजिजा (ﷺ) कंधे का ठीक होना, एक फर्ज – नमाजे अस्र की अहमियत, रास्ते से तकलीफ़ देह चीज़ को हटाने की फ़ज़ीलत, काफ़िरों के माल से तअज्जुब न करना …

3 Zil Hijjah जिल हिज्जा

3. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

सीरत – इमाम बुखारी (रहमतुल्लाहि अलैहि), अल्लाह की कुदरत – हीरा और कोयला, एक फर्ज – शौहर के भाइयों से पर्दा करना, जमीन नाहक लेने का अज़ाब, सब से ज़ियादा खौफ़ की चीज़ …

2 Zil Hijjah जिल हिज्जा

2. जिल हिज्जा | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

नमाज छोड़ने का नुकसान, मुसीबत या खतरे को टालने की दुआ, मस्जिदे नबवी में चालीस नमाज़ों का सवाब, तकब्बुर से दिल पर मुहर लग जाती है, आखिरत के मुकाबले में दुनिया से राजी होने से बचना, मोमिनों का पुल सिरात पर गुजर …

Khassi janwar ki Qurbani kya jaiz hai?

Khassi janwar ki Qurbani kya jaiz hai?

Ji Haa! Khassi kiya hua Janwar Qurbani me istemal karna Sunnat se sabit hai, tafseeli jankari ke liye post me di hui hadees ka muta’ala kare…

Qurbani ki Niyat / Dua kya hai?

Qurbani ki Niyat / Dua kya hai?

Qurbani ki Dua, Qurbani ki niyat se murad woh Dua hai Jo Sunnat se Sabit hai. « Bismillaahi wallaahu ‘Akbar » [Sahih Muslim: 1965]