सुभानअल्लाह और ला इलाहा इलल्लाह की फ़ज़ीलत | तस्बीह, तहलील और तक्दिस

सुभानअल्लाह और ला इलाहा इलल्लाह की फ़ज़ीलत | तस्बीह, तहलील और तक्दिस

✦ मफ़हूम-ऐ-हदिस ✦

युसरा रजीअल्लाहु अन्हा फरमाती है के, नबी-ऐ-करीम (ﷺ) ने हम से फ़रमाया:

“तुम लोग तस्बीह (सुभानअल्लाह) , तहलील (ला इलाहा इलल्लाह) और तक्दिस (सुभानल मलिकिल कुद्दुस या सुबहू कुद्दुस, रब्बना व ल मलाईकतु वा रुहु ) पढ़ते रहा करो।”

और इनको उंगलियों के पोरों (Finger Tips) पर शुमार करो।

इस लिए की क़यामत के दिन इस (उंगलियों) से सवाल किया जायेगा और वो बोलेगी, फिर गाफिल न हो जाना क्यूंकि इस से तुम असबाब-ऐ-रहमत भूल जाओगे।”

📕 जामिया तिरमिज़ी , 1506-हसन

Subhan’Allah aur La ilaha illallah Ki Fazilat – Tasbeeh, Tahleel aur Taqdis Padhte Raha karo.

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