दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहने की फ़ज़ीलत

दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहने की फ़ज़ीलत

अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन

तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है।


‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहने की फ़ज़ीलत

रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया :

“जो कोई दिल से अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन कहेगा (यानी ज़ुबान के साथ दिल से भी इसका यकीन हो की तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है) तो उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी और 30 गुनाह मिटा दिए जाएँगे”

📕 मसनद अहमद , हदीस 7813-सहीह 


रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया:

“अलहम्दुलिल्लाह कहने से मीज़ान भर जाता है।”

📕 सुनन इब्न माजा, जिल्द 1, 280-सहीह

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