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Islam Dharm ke Sansthapak

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

” कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।” [कुरआन 6:162] – बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा“ है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा“….। – […]

इस्लाम में महिलाओं के अधिकार से प्रेरित हो कर डॉ. कमला दास ने अपनाया इस्लाम! रखा कमला सुरैया नाम

“मुझे हर अच्छे मुसलमान की तरह इस्लाम की एक-एक शिक्षा से गहरी मुहब्बत है। मैंने इसे दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप से अपना लिया है और धर्म के मुक़ाबले में दौलत मेरे नज़दीक बेमानी चीज़ है।” – डॉक्टर कमला सुरैया [भूतपूर्व ‘डॉक्टर कमला दास’] » सम्पादन कमेटी ‘इलस्ट्रेटेड वीकली ऑफ़ इण्डिया’ से संबद्ध » अध्यक्ष […]

इस्लाम से पहले क्या था – What was the before Islam ?

✦ प्रायः यह पूछा जाता है कि इस्लाम से पहले कौन सा धर्म था ? ✦ अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो क्या उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?. यह अक्सर प्रश्न नॉन-मुस्लिम भाई पूछते रहते हैं। वैसे इसका एक मुख्य कारण है क्यूं कि वे समझते हैं कि इस्लाम मुहम्मद (सलल्लाहो […]

Kya Islam Talwar ki Jor Se Faila hai ? by Brother Imran

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इस्लाम क्या सिखाता है ?

इस्लाम की तालीम क्या है ?, इस्लाम का सन्देश, इस्लाम क्या सिखाता है ?, इस्लाम कैसा संसार चाहता है ?, इस्लाम की निति क्या है ? इसके बारे में जानने के लिए इस छोटे से पोस्ट पर जरुर गौर करे ,. ? इस्लाम यह कहता है कि हमें एक ईश्वर को पुजना चाहिए जो हम […]

धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ?

• सवाल 1. धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ? • सवाल 2. आप धर्म को क्यों मानते हो और जीवन मै इसका क्या महतव है ? » जवाब: ● धर्म……… धर्म मौलिक मानवीय मूल्यों (अच्छे गुणों) से आगे की चीज़ है। अच्छे गुण (उदाहरणतः नेकी, अच्छाई, सच बोलना, झूठ से बचना, दूसरों […]

अकीदा क्या होता है ? और इसका महत्त्व

1- प्रश्नः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है क्या है और उसका अर्थ क्या होता है ? उत्तरः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है कलमा शहादत ( अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मोहम्मदन रसूलुल्लाह) है। जिसका अर्थ होता है में गवाही देता हूँ कि अल्लाह के अलावा […]

तौहीद – इस्लाम की पहली अनिर्वाय आस्था

इस्लाम की सबसे पहली जो आस्था है तौहिद इसको हम आपके सामने रखते है जो मानवता को बताने के लिए इश्वर (अल्लाह) ने हर समय, हर समुदाय, हर जाती के अंदर प्रेषित (नबी, इश्दुत) भेजे ताकि मानवों को बता दे और उनका रिश्ता श्रुष्टि के रचियेता एक इश्वर से जोड़ दे। *तो तौहिद का अर्थ […]

अल्लाह कौन है? अल्लाह का परिचय और विशेषताएं

हमारे मन में यह प्रश्न बार बार उभरता है कि अल्लाह कौन है ? वह कैसा है ? उस के गुण क्या हैं ? वह कहाँ है ? अल्लाह का परिचय अल्लाह का शब्द मन में आते ही एक महान महिमा की कल्पना मन में पैदा होती है जो हर वस्तु का स्वामी और रब […]

इस्लाम क्या है और मुस्लिम किसे कहते है ? (संशित परिचय)

इस्लाम क्या है ? “..सम्पूर्ण प्रशंशा उस एक सत्य इश्वर (अल्लाह) के लिए है जो सारे संसार का रचियेता और पालनकर्ता है, और इश्वर की शांति और कृपा हो उसके अंतिम संदेष्ठा मुहम्मद सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम पर।” इस्लाम धर्म एक ऐसा धर्म है जिसके बारे में खुद मुसलमानों को और गैरमुसलमानो को सबसे ज्यादा गलत […]

आखिरत – इस्लाम की तीसरी अनिर्वाय आस्था

आखिरत का अर्थ होता है – परलोकवाद (अंतिम प्रलय या मृत्यु के पच्छात जीवन पर विश्वास): *जैसे के: हम इस जीवन से पहले मृत्य थे, इश्वर(अल्लाह) ने हमे पृथ्वी पर भेजा (जीवन दिया).. तो एक मृत्यु और उसके बाद ये जीवन एक हुआ ,. इस जीवन के बाद फिर एक मृत्यु है और उस मृत्यु […]

इस्लाम की मूल आस्थाये: तौहिद, रिसालत और आखिरत

इस्लाम की मुल आस्थाये ३ है , जिन्हें मानना सम्पूर्ण मानवजाति के लिए अनिर्वाय (Compulsory) है | तौहिद – एकेश्वरवाद (एक इश्वर में आस्था रखना) रिसालत – प्रेशित्वाद (इशदुत, नबी, Messengers) आखिरत – परलोकवाद (मृत्यु के बाद का जीवन) पहली अनिर्वाय आस्था – तौहीद इस्लाम की सबसे पहली जो आस्था है तौहिद इसको हम आपके […]

रिसालत – इस्लाम की दूसरी अनिर्वाय आस्था

*रिसालत का अर्थ होता है के जब अल्लाह ने पृथ्वी पर मानवो को भेजा तो मानव क्या करे और क्या ना करे , कैसे जीवन व्यक्त करे इसके मार्गदर्शन के लिए इश्वर(अल्लाह) मानवो में से एक मानव को चुन लेता था फिर वो अपनी वाणी उस तक भेजता था और फिर उन्हें मार्गदर्शन बताता के […]