जहन्नमी हथौड़े

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “अगर जहन्नम के लोहे के हथौड़े से पहाड़ को मारा जाए, तो वह रेजा रेजा

अहले जन्नत की नेअमतें

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “परहेज़गारों के लिये (आखिरत में) अच्छा ठिकाना है, हमेशा रहने वाले बागात हैं,

अहले जन्नत का हाल

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “जो लोग अपने रब से डरते रहे, वह गिरोह के गिरोह हो कर जन्नत

अहले जन्नत की उम्र

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया: “जन्नती लोग जन्नत में बगैर दाढ़ी के सुरमा लगाए हुए तीस या तैंतीस साला नौजवान की

जन्नत का खेमा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जन्नत में मोती का खोलदार खेमा होगा, जिस की चौड़ाई साठ मील ही होगी। उस

कयामत के हालात

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है “जब सूरज बेनूर हो जाएगा और सितारे टूट कर गिर पड़ेंगे और जब पहाड़

कब्र की पुकार

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “कब्र रोज़ाना पुकार कर कहती है, मैं तन्हाई का घर हूँ, मैं मिट्टी का घर

आखिरत दुनिया से बेहतर है

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “तुम दुनियावी जिंदगी को मुकद्दम रखते हो, हालांके ! आखिरत दुनिया से बेहतर है और बाकी

हौजे कौसर की कैफियत

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “हौज़े कौसर के बर्तन सितारों के बराबर होंगे, उस से जो भी इन्सान एक घूंट

कुफ्र की सज़ा जहन्नम है

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “जो लोग कुफ्र करते हैं तो अल्लाह तआला के मुकाबले में उन का माल

जन्नतियों का लिबास

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “उन जन्नतियों के बदन पर बारीक और मोटे रेशम के कपड़े होंगे और उनको

हौज़े कौसर क्या है ?

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “कौसर जन्नत में एक नहेर है, जिस के दोनों किनारे सोने के हैं और वह

काफ़िर नाकाम होंगे

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “बेशक जो लोग काफिर हो गए और (दूसरों को भी) अल्लाह के रास्ते

हमेशा की जन्नत व जहन्नम

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “अल्लाह तआला जन्नतियों को जन्नत में दाखिल कर देगा और जहन्नमियों को जहन्नम में दाखिल

कयामत का हौलनाक मंजर

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “(क़यामत का मुन्किर) पूछता है के कयामत का दिन कब आएगा? जिस दिन आँखें

जहन्नमियों का खाना

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “जहन्नम वालों का आज न कोई दोस्त होगा और न कोई खाने की

कयामत से हर एक डरता है

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “कोई मुकर्रब फरिश्ता, कोई आसमान, कोई ज़मीन, कोई हवा, कोई पहाड़. कोई समुन्दर ऐसा नहीं जो

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