Browsing

आख़िरत के बारे में

आख़िरत की फ़िक्र व सोच, आख़िरत की अहिमयत और तैयारियों के बारे में कुराणो सुन्नत की रहनुमाई।

अहले ईमान का बदला

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:"उन (अहले ईमान और नेक अमल करने वालों) का बदला उन के रब के पास ऐसे हमेशा रहने वाले बाग़ होंगे, जिन के नीचे नहरें बह रही होंगी। यह लोग उन में हमेशा रहेंगे। अल्लाह तआला उन से राज़ी, और वह अल्लाह से खुश…
Read More...

दोज़ख़ की दीवार

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया :"दोजख की आग की कनातों को चार दीवारों ने घेर रखा है और हर एक दीवार की चौड़ाई चालीस साल चलने के बराबर है।"
Read More...

गुनहगारों के लिये जहन्नम की आग है

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है :"(अल्लाह का अज़ाब उस दिन होगा) जिस दिन आसमान थर थर काँपने लगेगा और पहाड़ अपनी जगह से चल पड़ेंगे। उस दिन झुटलाने वालों के लिये बड़ी खराबी होगी, जो बेहूदा मशगले में लगे रहते हैं, उस दिन उन को जहन्नम की आग…
Read More...

हर नबी का हौज होगा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया :"हर नबी के लिये एक हौज़ होगा और अम्बिया आपस में फख्र करेंगे के किस के हौज़ पर ज़ियादा उम्मती पानी पीने के लिये आते हैं। मुझे उम्मीद है के मेरे हौज पर आने वालों की तादाद सबसे ज़ियादा होगी।"
Read More...

जन्नत के फल और दरख्तों का साया

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:"मुत्तकियों से (तक़वा वालो से) जिस जन्नत का वादा किया गया है, उसकी कैफियत यह है के उसके नीचे नहरें जारी होंगी और उसका फल और साया हमेशा रहेगा।"
Read More...

जन्नत के दरख्तों की सुरीली आवाज़

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:"जन्नत में एक दरख्त है, जिसकी जड़ें सोने की और उनकी शाखें हीरे के जवाहरात की हैं, उस दरख्त से एक हवा चलती है, तो ऐसी सुरीली आवाज़ निकलती है, जिस से अच्छी आवाज़ सुनने वालों ने आज तक नहीं सुनी।"
Read More...

दोज़खियों का खाना

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:“दोज़खियों को खौलते हुए चश्मे का पानी पिलाया जाएगा, उन को कांटेदार दरख्त के अलावा कोई खाना नसीब न होगा, जो न मोटा करेगा और न भूक को दूर करेगा।”
Read More...

कयामत का होलनाक मंजर | जब शोर बरपा होगा

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है:“जब कानों के पर्दे फाड़ देने वाला शोर बरपा होगा, तो उस दिन आदमी अपने भाई से अपनी माँ और बाप से,अपनी बीवी और बेटों से भागेगा। उस दिन हर शख्स की ऐसी हालत होगी, जो उस को हर एक से बेखबर कर देगी।”
Read More...

क़यामत के दिन खुश नसीब इन्सान

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया:"कयामत के दिन लोगों में से वह खुश नसीब मेरी शफाअत का मुस्तहिक होगा, जिसने सच्चे दिल से "कलिम-ए-तय्यिबा" “ला इलाहा इलल्लाहु” पढ़ा होगा।"
Read More...

जन्नती का दिल पाक व साफ होगा

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है:"हम उन अहले जन्नत के दिलों से रंजिश व कदूरत को बाहर निकाल देंगे और उनके नीचे नहरें बह रही होंगी और वह कहेंगे के अल्लाह का शुक्र है, जिसने हम को इस मक़ाम तक पहुँचाया और अगर अल्लाह हम को न पहुँचाता, तो…
Read More...

हर शख्स मौत के बाद अफसोस करेगा

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: "हर शख्स मौत के बाद अफसोस करेगा, सहाबा ने अर्ज किया: या रसूलअल्लाह (ﷺ) ! किस बात का अफसोस करेगा? आप (ﷺ) ने फ़र्माया : अगर नेक है, तो जियादा नेकी न करने का अफसोस करेगा और अगर गुनहगार है तो गुनाह से न रूकने पर अफसोस…
Read More...

अहले जहन्नम पर दर्दनाक अजाब

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है :“बेशक जक्कूम का दरख्त बड़े मुजरिम का खाना होगा, जो तेल की तलछट जैसा होगा, वह पेट में तेज़ गर्म पानी की तरह खौलता होगा (कहा जाएगा) उस गुनहगार को पकड़ लो और घसीटते हुए दोजख के बीच में ले जाओ, फिर उसके सर…
Read More...

कयामत का मंजर

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया:"अगर (आखिरत के हौलनाक अहवाल के मुतअल्लिक) तुम्हें वह सब मालूम हो जाए जो मुझे मालूम है, तो तुम्हारा हँसना बहुत कम हो जाए और रोना बहुत बढ़ जाए।"
Read More...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. AcceptRead More