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Islam Dharm ki Kahani in Hindi

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

" कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी 'यानि' मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है ।"- बकरा ईद का असल नाम "ईदुल-अज़हा" है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक "ईदुल फ़ित्र" और दूसरा "ईदुल…
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इस्लाम में महिलाओं के अधिकार से प्रेरित हो कर डॉ. कमला दास ने अपनाया इस्लाम! रखा कमला सुरैया नाम

"मुझे हर अच्छे मुसलमान की तरह इस्लाम की एक-एक शिक्षा से गहरी मुहब्बत है। मैंने इसे दैनिक जीवन में व्यावहारिक रूप से अपना लिया है और धर्म के मुक़ाबले में दौलत मेरे नज़दीक बेमानी चीज़ है।" - डॉक्टर कमला सुरैया» सम्पादन कमेटी…
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इस्लाम से पहले क्या था – What was the before Islam ?

✦ प्रायः यह पूछा जाता है कि इस्लाम से पहले कौन सा धर्म था ? ✦ अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो क्या उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?. यह अक्सर प्रश्न नॉन-मुस्लिम भाई पूछते रहते हैं। वैसे इसका एक मुख्य कारण है क्यूं कि वे समझते हैं…
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Kya Islam Talwar ki Jor Se Faila hai ? by Brother Imran

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इस्लाम क्या सिखाता है ?

इस्लाम की तालीम क्या है ?, इस्लाम का सन्देश, इस्लाम क्या सिखाता है ?, इस्लाम कैसा संसार चाहता है ?, इस्लाम की निति क्या है ? इसके बारे में जानने के लिए इस छोटे से पोस्ट पर जरुर गौर करे ,.? इस्लाम यह कहता है कि हमें एक ईश्वर को पुजना…
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धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ?

• सवाल 1. धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ? • सवाल 2. आप धर्म को क्यों मानते हो और जीवन मै इसका क्या महतव है ? » जवाब: ● धर्म......... धर्म मौलिक मानवीय मूल्यों (अच्छे गुणों) से आगे की चीज़ है। अच्छे गुण (उदाहरणतः नेकी, अच्छाई, सच…
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अकीदा क्या होता है ? और इसका महत्त्व

1- प्रश्नः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है क्या है और उसका अर्थ क्या होता है ? उत्तरः वह कलमा जिसे बोलकर एक आदमी मुसलमान बनता है कलमा शहादत ( अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्न मोहम्मदन रसूलुल्लाह) है। जिसका अर्थ होता है…
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तौहीद – इस्लाम की पहली अनिर्वाय आस्था

इस्लाम की सबसे पहली जो आस्था है तौहिद इसको हम आपके सामने रखते है जो मानवता को बताने के लिए इश्वर (अल्लाह) ने हर समय, हर समुदाय, हर जाती के अंदर प्रेषित (नबी, इश्दुत) भेजे ताकि मानवों को बता दे और उनका रिश्ता श्रुष्टि के रचियेता एक इश्वर से…
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इस्लाम क्या है और मुस्लिम किसे कहते है ? (संशित परिचय)

इस्लाम क्या है ? "..सम्पूर्ण प्रशंशा उस एक सत्य इश्वर (अल्लाह) के लिए है जो सारे संसार का रचियेता और पालनकर्ता है, और इश्वर की शांति और कृपा हो उसके अंतिम संदेष्ठा मुहम्मद सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम पर।"इस्लाम धर्म एक ऐसा धर्म है जिसके…
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अल्लाह कौन है? अल्लाह का परिचय और विशेषताएं

हमारे मन में यह प्रश्न बार बार उभरता है कि अल्लाह कौन है ? वह कैसा है ? उस के गुण क्या हैं ? वह कहाँ है ? अल्लाह का परिचय अल्लाह का शब्द मन में आते ही एक महान महिमा की कल्पना मन में पैदा होती है जो हर वस्तु का स्वामी और रब हो। उसने हर…
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इस्लाम की मूल आस्थाये: तौहिद, रिसालत और आखिरत

इस्लाम की मुल आस्थाये ३ है , जिन्हें मानना सम्पूर्ण मानवजाति के लिए अनिर्वाय (Compulsory) है |तौहिद – एकेश्वरवाद (एक इश्वर में आस्था रखना) रिसालत – प्रेशित्वाद (इशदुत, नबी, Messengers) आखिरत – परलोकवाद (मृत्यु के बाद का जीवन)…
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रिसालत – इस्लाम की दूसरी अनिर्वाय आस्था

*रिसालत का अर्थ होता है के जब अल्लाह ने पृथ्वी पर मानवो को भेजा तो मानव क्या करे और क्या ना करे , कैसे जीवन व्यक्त करे इसके मार्गदर्शन के लिए इश्वर(अल्लाह) मानवो में से एक मानव को चुन लेता था फिर वो अपनी वाणी उस तक भेजता था और फिर उन्हें…
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आखिरत – इस्लाम की तीसरी अनिर्वाय आस्था

आखिरत का अर्थ होता है – परलोकवाद (अंतिम प्रलय या मृत्यु के पच्छात जीवन पर विश्वास): *जैसे के: हम इस जीवन से पहले मृत्य थे, इश्वर(अल्लाह) ने हमे पृथ्वी पर भेजा (जीवन दिया).. तो एक मृत्यु और उसके बाद ये जीवन एक हुआ ,. इस जीवन के बाद फिर एक…
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पैगम्बर मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) – संक्षिप्त जीवन परिचय

Contentहसब-नसब (Family tree) वंश – पिता की तरफ़ से वंश – माता की तरफ़ से बुज़ुर्गों के कुछ नाम पैदाइश मुबारक नाम पिता का देहान्त माता का देहान्त दादा-चाचा की परवरिश…
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Technology Industries aaj wajud me nahi hoti ! agar Musalman Scientist Na Hotey – Mrs Carlton…

"ट्विन टावर के हादसे के २ हफ्ते बाद ही जब इस्लाम पर सारी दुनिया दहशतगर्दी के इलज़ामात लगा रही थी तब एक ईसाई खातून जो की HP की CEO थी वो अपने स्पीच में "इस्लामी सिविलाइज़ेशन" के जो एहसानात है इंसानियत के लिए वो याद दिलाते हुए सबको हैरान कर…
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NonMuslim Yuwak ne Marwadi me Likhi Paigamber Muhammad (ﷺ) ki Jivani

राजस्थान में कोलसिया गांव के एक हिंदू युवक राजीव शर्मा (28) ने धार्मिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की है। राजीव ने बताया कि वे गांव का गुरुकुल नाम से एक ऑनलाइन लाइब्रेरी चलाते हैं। अगर कलम की ताकत का सही इस्तेमाल हो तो उसकी स्याही भाईचारे और…
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इस्लाम में क्यों हराम है ब्याजखोरी ? जानिए

अगर मुहम्मद (स.) साहब की शिक्षाओं पर मनन किया जाए तो - दो बातें उनमें सबसे अहम हैं। पहली, मुहम्मद साहब की शिक्षाएं किसी एक देश या धर्म के लिए नहीं हैं। वे सबके लिए हैं। ... और दूसरी, उनकी शिक्षाएं आज से डेढ़ हजार साल पहले जितनी प्रासंगिक…
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क्या इस्लाम औरतों को पर्दे में रखकर उनका अपमान करता है और क्या बुरखा औरतो की आज़ादी के खिलाफ है ?

» उत्तर: इस्लाम में औरतों की जो स्थिति है, उसपर सेक्यूलर मीडिया का ज़बरदस्त हमला होता है। वे पर्दे और इस्लामी लिबास को इस्लामी क़ानून में स्त्रियों की दासता के तर्क के रूप में पेश करते हैं। इससे पहले कि हम पर्दे के धार्मिक निर्देश के पीछे…
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इस्लाम का अध्ययन करना, बना सिस्टर जेनी केम्प की हिदायत की वजह

'पहले मैं सोचती थी कि इस्लाम तो महिलाओं को चूल्हा-चौका करने और घर में कैद रहने के लिए मजबूर करता होगा लेकिन मैंने इसमें ऐसा नहीं पाया बल्कि ये तो अपने समय से ही दूसरों के प्रति उदार और सम्मानपूर्ण व्यवहार की सीख देता है। - जेनी केम्प…
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इस्लाम में आदमी आदमी के बीच कोई भेद नहीं रह जाता: रामधारी सिंह दिनकर

- रामधारी सिंह दिनकर (प्रसिद्ध साहित्यकार और इतिहासकार): जब इस्लाम आया, उसे देश में फैलने से देर नहीं लगी। तलवार के भय अथवा पद के लोभ से तो बहुत थोड़े ही लोग मुसलमान हुए, ज़्यादा तो ऐसे ही थे जिन्होंने इस्लाम का वरण स्वेच्छा से किया। बंगाल,…
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इस्लाम में पड़ोसी के अधिकार …

हजरत मुहम्मद (सल्ललाहो अलाही वसल्लम) ने पड़ोसियों की खोज खबर लेने की बड़ी ताकीद की है, और इस बात पर बहुत बल दिया है कि कोई मुसलमान अपने पड़ोसी के कष्ट और दुख से बेखबर ना रहे। एक अवसर पर आपने फरमाया-' वह मोमिन नहीं जो खुद पेट भर खाकर सोए और…
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