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Deeni Status in Hindi

कजाए उमरी नमाज़ की हकीकत: हिंदी में

कजाए उमरी पढना कैसा है। तफसीली वजाहत | Qaza e Umri Namaz ki hakikat

अक्सर रमजान का आखरी जुमा आने तक कजा नमाज वाली पोस्ट शोशल मिडीया पर वायरल होती रहती है, यह मैसेज किसने अपलोड किया, कोई नहीं जानता! लेकिन ताज्जुब इस बात का है के, यह कुछ मुसलमान भाई बिना सोचे समझे ऐसे मैसेज खूब फोर्वड कर रहे है , अल्लाह रेहम…
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रमज़ान का महिना … जानिए: इसमें क्या है हासिल करना ?

Ramzan me karne wali Ibadat aur Uska Sawaab

हम मुसलमानों ने कुरआन की तरह रमज़ान को भी सिर्फ सवाब की चीज़ बना कर रख छोड़ा है, हम रमज़ान के महीने से सवाब के अलावा कुछ हासिल नहीं करना चाहते इसी लिए हमारी ज़िन्दगी हर रमज़ान के बाद फ़ौरन फिर उसी पटरी पर आ जाती है जिस पर वो रमज़ान से पहले चल रही…
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इस्लाम सुलह और शांति सिखाता है

Islam hume Sulah aur Shanti sikhata hai

♥ मफहूम-ऐ-हदीस ﷺ अल्लाह के नबी (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने एक रोज़ सहाबा से फ़रमाया: "क्या मै तुम्हे उस चीज़ के बारे में न बता दू जिसका दर्जा रोज़े , नमाज़ , सदके से भी ज्यादा ?" लोगो ने जवाब दिया: ए अल्लाह के रसूल! हमे जरुर बताये!आप…
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Sabse Acche aur Bure Hakim ki Pehchan – About the Best and the Worst Leader

सबसे अच्छे और बुरे नेताओं के बारे में अल्लाह के पैगम्बर (ﷺ) की हदिस

۞ Hadees: Umar bin Khattab (R.A.) se riwayat hai ke Allah ke Rasool (Salallahu Alaihi Wasallam) ne farmaya: ❝ Kya mai tumhe sabse acche aur bure Hakim ke bare na bata du ?"  Sabse Acche Haqim wo hai jinse Tum(Riyaya) Mohabbat kare aur wo…
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दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 3

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 3)

✦ दज्जाल का इरान से ताल्लुक: ❝ दज्जाल के साथ अश्फहान के सत्तर हजार यहुदी होगे जो इरानी चादरे ओढे हुए होगे। (सही मुस्लिम किताब अल फितन हदीस न. 2944) ❝ दज्जाल कौम यहुद से होगा। (सही मुस्लिम किताब अल फितन हदीस न. 2937) अश्फहान इरान आबाद का…
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दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 5

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 5)

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा? दज्जाल कौन है इस हवाले से बाज़ हज़रात का दुसरा कौल है के वो "हैरम आबीफ" है। २.हैरम आबीफ : बाज अहले इल्म की राय है कि इससे हैरम आबीफ (या सखरा आसफ) मुराद है, ये हजरत सुलेमान (अलैहि सलाम) के दौर मे हैकल…
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दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 6

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 6)

दज्जाल के मुतालिक जो तीन कौल मशहूर है के ये दज्जाल है उनमे पहला सामरी जादूगर, दुसरा हैरम आबीफ तीसरा है अमेरिका। आईये इस पार्ट में अमेरिका पर एक नजर  डालते है। ३. अमेरिका" बाज हजरात का कहना है कि अमेरिका दज्जाल है, क्योंकि दज्जाल की भी एक…
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दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 4

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 4)

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा? ✦ दज्जाल कौन है? दज्जाल कौन है इस हवाले से मुख्तलिफ बाते की जाती रही है, बाज तो इतनी मजाहका खेज है कि बे अख्तियार हंसी आती है, हम इनसे सिर्फ नजर करते हुए यहा तीन मशहूर कौल जिक्र करके इन पर तबसीरा करते…
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दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 2

Complete Story of Dajjal from Birth to Death (Part 2)

✦ दज्जाल का नाम और इसका मतलब: यहुदी अपने इस नजात दहिन्दा का आखिरी नाम यबुल, युबील, या हुबल बताते है, जो हमारी इस्लामी इस्तलाह मे तागुत और बुतो का नाम है और इसका लकब इनके यहा مسیحا या مسیا है।दज्जाल का असल नाम मालूम नही, क्योंकि हदीस मे…
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इस्लाम से पहले क्या था – What was the before Islam ?

अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?

✦ प्रायः यह पूछा जाता है कि इस्लाम से पहले कौन सा धर्म था ? ✦ अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो क्या उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?. यह अक्सर प्रश्न नॉन-मुस्लिम भाई पूछते रहते हैं। वैसे इसका एक मुख्य कारण है क्यूं कि वे समझते हैं…
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जिसकी बुनियाद शरीयत मे नही ऐसा काम दीन मे ईजाद करना मरदूद है

हजरते आयेशा (रज़ीअल्लाहु अन्हा) से रिवायत है की, रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: “जिसने दीन मे कोई ऐसा काम किया जिसकी बुनियाद शरीअत में नहीं वो काम मरदूद है।” - (सुनन इब्न माजाह, हदीस 14) ✦ वजाहत: मसलन वो तमाम आमाल जिन्हे हम नेकी और सवाब…
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अल्लाह और आखिरत(महा प्रलय) के दिन पर ईमान रखने वाले इन बातो पर जरुर ध्यान दे

✦ हज़रत अबू हुरैरह रज़िअल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि नबी सलल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया “जो कोई भी अल्लाह और आखिरी दिन पर ईमान रखता है, वो दूसरों के साथ या तो भले तरीके से अच्छे अल्फाज़ मे बात करे, नहीं तो खामोश रहे, ! जो कोई भी अल्लाह…
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दुआ इबादत है – तो इबादत के उसूल – हदीस की रौशनी में

♥ मह्फुम ऐ हदीस: हजरत अब्दुल्लाह इब्न अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम रसूल मुहम्मद (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख,…
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