अमल का दारोमदार नियत पर है | Amal ka Daromadar Niyat par hai: Hadees
अमल का दारोमदार नियत पर है: हदीस
हज़रत उमर बिन अल-खत्ताब (रज़ि) से रिवायत है की रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया –
“अमल का दारोमदार नियत पर है और हर शक्स को वही मिलता है जिसकी वो नियत करे, इसलिए जिसकी हिजरत अल्लाह और उसकी रसूल की रज़ा हासिल करने के लिए हो तो उसको अल्लाह और उसके रसूल की रज़ा हासिल होगी। लेकिन जिसकी हिजरत “दुनिया हासिल करने के लिए हो या किसी औरत से शादी करने के इरादे से हो तो उसकी हिजरत उसके लिए है जिसके लिए वह हिजरत की।”
141+ हदीस की अच्छी-अच्छी बातें | पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब (ﷺ) की शिक्षाओं की एक झलक हदीस की अच्छी-अच्छी बातें अल्लाह के आखरी पैगंबर मुहम्मद साहब (ﷺ) की शिक्षाओं की एक झलक हिंदी में। हदीस की अच्छी-अच्छी बातें संसार के विषय में | Best Islamic Quotes 1-10 1. समस्त संसार को बनाने वाला एक ही मालिक अल्लाह हैं। वह निहायत मेहरबान और रहम करने वाला है। उसी की ईबादत (पूजा) करो और उसी का हुक्म मानो। 2. मैं अल्लाह की ओर से संसार का मार्गदर्शक नियुक्त किया गया हूॅ। मार्ग दर्शन का कोई बदला तुमसे नही चाहता। मेरी बातें सुनों और मेरी आज्ञा का पालन करो। 3. अल्लाह ने इन्सान पर अनगिनत उपकार किए हैं। धरती…
इस्लामी इतिहास | Islamic history in Hindi इस्लामी इतिहास | Islamic history in Hindi इस्लामी इतिहास हिंदी में - पैगंबर मुहम्मद (स.) का जीवन, महत्वपूर्ण घटनाएँ, और इस्लामी संस्कृति। विस्तृत लेख, तथ्यों और शिक्षाओं के लिए उम्मत-ए-नबी.कॉम पर जाएँ। विश्वसनीय जानकारी और गहन अध्ययन! अल्लाह तआला ने कलम को पैदा किया जमीन व आसमान की पैदाइश फरिश्ते अल्लाह की मख्लूक हैं जिन्नात की पैदाइश हज़रत आदम (अ.स) हज़रत आदम का दुनिया में आना काबील और हाबील हज़रत शीस (अ.स) हजरत इदरीस (अ.स) हज़रत इदरीस (अ.स) की दावत हज़रत नूह (अ.स) हज़रत नूह (अ.स) की दावत कौमे नूह (अ.स) पर अल्लाह का अजाब कौमे आद हज़रत हूद (अ.स)…
शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा? शबे बरात से पहले मुआफ़ी मांगना कैसा ? 👉🏽 आजकल व्हाट्सऐप और फेसबुक पर शबे बारात के हवाले से लोग एक दूसरे से अपनी गलतियों की मुआफ़ी मांग रहे हे और ये समज रहे हे हमने मुआफ़ी का हक्क अदा कर दिया.! 🔅 इंसान के दो हक्क है एक हकुकुल्लाह और दुसरा हुकुकुल ईबाद🔅 👉🏽 एक अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) का हक्क है जैसे की… हमने नमाज़ नही पड़ी, रोज़ा नहीं रखा तो इस रात में आप अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) से मुआफ़ी मांगे अल्लाह(عَزَّوَجَلَّ) रहीम है मुआफ़ फरमा देगा.! ✒लैकीन किसी बन्दे का हक्क आपने दबाया, किसी का दील दुखाया या तक़लीफ पोहचाई तो उससे…
ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना: हदीस Hadees of the Day ज़ुल्म के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना: हदीस अबु बक्र सिद्दीक (रजी) से रिवायत है की,रसुलल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: "अगर लोग जालीम को जुल्म करते हुए देखे और उसे न रोके तो करीब है की अल्लाह तआला उन सबको अजाब मे मुब्तला कर देगा।" 📕 रियाद अस-सलीहिन, हदीस, 197
हज्जतुल विदा का ख़ुतबा: पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) का विदायी अभिभाषण (इस्लाम में मानवाधिकार) हज्जतुल विदा का ख़ुतबा पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) का विदायी अभिभाषण (इस्लाम में मानवाधिकार) पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) ईश्वर की ओर से, सत्यधर्म को उसके पूर्ण और अन्तिम रूप में स्थापित करने के जिस मिशन पर नियुक्त किए गए थे वह 21 वर्ष (23 चांद्र वर्ष) में पूरा हो गया और ईशवाणी अवतरित हुई : ‘‘...आज मैंने तुम्हारे दीन (इस्लामी जीवन व्यवस्था की पूर्ण रूपरेखा) को तुम्हारे लिए पूर्ण कर दिया है और तुम पर अपनी नेमत पूरी कर दी और मैंने तुम्हारे लिए इस्लाम को तुम्हारे दीन की हैसियत से क़बूल कर लिया है...।’’ (कु़रआन, 5:3) पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) ने हज…
सुन्नत पर अमल करने पर शहीद का सवाब रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : "जो मेरी उम्मत में बिगाड़ के वक्त मेरी सुन्नत को मजबूती से थामे रहेगा, उसके लिये एक शहीद का सवाब है।" 📕 तबरानी औसत: ५५७२
इस्लाम कैसा इन्सान बनाता हैं? ..... इन्सान को अच्छा इन्सान बनाने की इस्लाम से बेहतर दूसरी कोर्इ व्यवस्था नही। इस्लाम मनुष्य को उसका सही स्थान बताता हैं, उसकी महानता का रहस्य उस पर खोलता हैं उसका दायित्व उसे याद दिलाता हैं और उसकी चेतना को जगाता हैं उसे याद दिलाता हैं कि उसे एक उद्देश्य के साथ पैदा किया गया हैं, निरर्थक नही। इस संसार का जीवन मौजमस्ती के लिये नही हैं। हमे अपने हर काम का हिसाब अपने मालिक को देना हैं। यहां हर काम खूब सोच-समझ कर करना हैं कि यहां हमारे कामो से समाज सुगन्धित भी हो सकता हैं ,..और हमारे दुष्कर्मो से…
हज का सुन्नत तरीका ~ कुरआन व सुन्नत की रौशनी में हज का सुन्नत तरीका | हज का तारूफ , हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें, हज में एहतियात करने वाली बाते, एहराम की हालत में मना की हुई चीज़ें, हज्ज के तीन किस्मे, यौमूत्तर्वियह, अरफा का दिन , मुज़दलिफा में रात बिताना, यौमुन्नह्र (10 जिल हिज्जा – क़ुरबानी का दिन), अय्यामुत्तश्रीक़ (11,12,13 जिल हिज्जा), जिल हिज्जा की 12वीं तारीख
Shab-e-Barat : शबे बराअत की हकीकत | सुन्नी इस्लाम शबे बराअत / 15 शाबान की इबादतें ? क़ब्रिस्तान में चिरागाह ? रात की नमांजे ? हलवा पकाना ? रूहों की वापसी ? १५ Shaban | Shab e Barat ki hakikat Quran aur sunnat ki roshni mein ۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान बहुत रहमवाला है। अल्लाह के नाम से जो सब तअरीफे अल्लाह तअला के लिए हैं हम उसी की तअरीफ करते है और उसी से मदद चाहते हैं। अल्लाह की बेशुमार रहमतें, बरकतें और सलामती नाज़िल हो मुहम्मद सल्लललाहु अलैहि वसल्लम पर और आप की आल व औलाद व असहाब रज़ि. पर। अम्मा बअद! आज…
दहेज़ की हक़ीकत और दहेज प्रथा के दुष्प्रभाव (Reality of Dowry) ये वो विषय है जिस पर अगर तफसील से लिखा जाए तो रुकना मुश्किल है। बहरहाल फिर भी हम इस पर दहेज़ के ताल्लुक से कुछ अहम बात करने की कोशिश करेंगे। • सबसे पहली बात अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त नें क़ुरआन में फरमाया: “मर्द औरतों पर क़व्वाम हैं इसलिए कि अल्लाह तआला नें उनमें से एक को दूसरे पर फज़ीलत दी और इसलिए कि मर्द अपना माल खर्च करते हैं ” [अल-क़ुरआन; 4:34] *तो कमाने की जिम्मेदारी अल्लाह नें मर्द को दि है। लेकिन आज फिर भी देखा जाता है के बोहोत से मर्द अपनी मर्दानगी दांव पर लगाकर ससुराल…