6 Muharram | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा तारीख: हज़रत आदम (अ.स) का दुनिया में आना, मुअजिजा : चाँद के दो टुकड़े होना, एक सुन्नत: मेजबान को दुआ देना, अहेम अमल : माहे मुहर्रम में रोजा रखना, यतीमों का माल खाने का गुनाह ...
12. मुहर्रम | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा तारीख: हजरत नूह (अ.स) की दावत, मुअजिजा : दरख्त का हुजूर (ﷺ) को इत्तेला देना, एक फ़र्ज़ : नमाजी पर जहन्नम की आग हराम है, अहेम अमल : नेअमत के मिलने पर अल्हम्दुलिल्लाह कहना, अल्लाह के साथ शिर्क करने का गुनाह, दुनिया चाहने वालों का अन्जाम ...
इस्मे आजम का वजीफा रसूलुल्लाह (ﷺ) ने एक शख्स को दुआ मांगते हुए सुना तो फ़र्माया : तुम ने इस्मे आजम के साथ दुआ मांगी है के उस के साथ जो भी सवाल व दुआ की जाती है वह पूरी की जाती है, वह इस्मे आज़म यह है – “Allahu la ilaha illa hu al ahad’us samad’ ulladhee lam yalid walam yulad wa lam yakun lahu kufuwan ahad” 📕 तिर्मिज़ी : ३४७५, अन बुरैदा (र.अ)
अल्लाह के रास्ते में जाने वाले को दुआ देना रसूलुल्लाह (ﷺ) ने एक जमात को अल्लाह के रास्ते में रवाना करते हुए फ़रमाया : “अल्लाह के नाम पर सफर शुरू करो और यह दुआ दी: तर्जमा: ऐ अल्लाह! इनकी मदद फ़र्मा। 📕 तबरानी कबीर: ११३८९
कर्जो और ग़मों से नजात की दुआ रसूलल्लाह (ﷺ) ने कर्ज़ों और ग़मों से छुटकारे के लिये सुबह व शाम यह दुआ पढ़ने के लिये फर्माया : "Allahumma inni a’udhu bika minal-hammi wal hazan, wa a’udhu bika minal-‘ajzi wal-kasal wa a’udhu bika minal-jubni wal-bukhul wa a’udhu bika min ghalabatid-dayn wa qahrir-rijal." तर्जुमा: ए अल्लाह मैं पनाह चाहता हु रंज और ग़म से, और पनाह चाहता हूँ आजज़ी और कुसली (सुस्ती) से और पनाह चाहता हूँ बुख़ल और बुज़दिली से और पनाह चाहता हु कसरत ए क़र्ज़ से और लोगों के ग़लबा पाने से। 📕 अबू दाऊद : १५५५
24. मुहर्रम | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा तारीख: हजरत इस्माईल (अ.स), मुअजिजा : अहद नामे को कीड़े के खाने की खबर देना, एक फ़र्ज़ : गुस्ल के लिए तयम्मुम करना, एक सुन्नत : खुशखबरी सुन कर दुआ पढ़ना, अहेम अमल : जुमा के दिन सूरह कहफ पढ़ना, अल्लाह की आयतों को न मानने का गुनाह ...
30 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा तारीख: तातारी फ़ितना और आलमे इस्लाम, हुजूर (ﷺ) का मुअजिजा : रौशनी का तेज़ होना, एक फर्ज : नमाज़े जुमा के लिए जमात का होना, अहेम अमल : मोमिन की परेशानी में मगफिरत , एक गुनाह : बुरे कामों की सज़ा, नज़रे बद और शैतानी असर से हिफ़ाज़त ...
26. मुहर्रम | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा हज़रत इस्हाक़ (अ.स) की खुसूसियत व अज़मत, मुअजिजा : हज़रत फातिमा (र.अ) के चेहरे का रोशन हो जाना, एक फ़र्ज़ : तमाम रसूलों पर ईमान लाना, एक सुन्नत : कनाअत और सब्र हासिल करने की दुआ, अहेम अमल : तकलीफों पर सब्र करना, नाप तौल में कमी करने का गुनाह ...
पुरे यकींन से दुआ करो रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : "तुम अल्लाह तआला से ऐसी हालत में दुआ किया करो के तुम्हें कुबूलियत का पूरा यकीन हो और यह जान रखो के अल्लाह तआला गफलत से भरे दिल की दुआ कबूल नहीं करता।” 📕 तिर्मिजी: ३४७९
Nazar Se Bachne Ki Dua aur Nazar Utarne Ki Dua (Arabic, Hindi, Tarjuma ke Saath) Nazar se Bachne ki Dua aur Nazar Utarne ki dua in Arabic, Hindi & Tarjuma : बुरी नज़र से बचने कि दुआ, बुरी नज़र लग जाये तो दूर करने की दुआ, नजर उतारने की सूरत, नजर उतारने का इस्लामी तरीका, छोटे बच्चों की नजर कैसे उतारे, Nazar Utarne ki Dua in Quran and Hadees
बुरे लोगों की सोहबत से बचने की दुआ अपने आप को और अपनी औलाद को बुरे लोगों की सोहबत से बचाने के लिये यह दुआ पढ़े: “Rabbi najjinee waahlee mimma yaAAmaloon” तर्जमा: ऐ मेरे रब! मुझे और मेरे अहल व अयाल को उनके (बुरे) काम से नजात अता फ़र्मा। 📕 सूरह शुअरा : १६९
19 Zil Hijjah | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा हज़रत मौलाना जलालुद्दीन रूमी (रह.), सितारे, तकदीर पर ईमान लाना, खूशबू को रद नहीं करना चाहिए, हाजी से मुलाकात करना, मुसलमानों के क़त्ल में मदद करने की सज़ा , दुनिया से बे रग़बती पैदा करना ...
अपनी जानों पर जुल्म ना करो: कुरआन अपनी जानों पर ज़ुल्म न करो: अल्लाह ताला ज़ुल्म से बचने के बारे में इरशाद फरमाता है: और अपने आप को क़त्ल न करो। और जो शख्स जोरो ज़ुल्म से नाहक़ ऐसा करेगा (ख़ुदकुशी करेगा) तो (याद रहे कि) हम बहुत जल्द उसको जहन्नुम की आग में झोंक देंगे यह ख़ुदा के लिये आसान है। सूरह निसा 4:29-30 और अल्लाह की राह में ख़र्च करो और अपने हाथ जान हलाकत मे न डालो और नेकी करो बेशक अल्लाह नेकी करने वालों को दोस्त रखता है। सूरह बकराह 2:195 अल्लाह ने ज़ुल्म को हराम कर दिया: (ऐ रसूल) तुम साफ कह…
30. सफर | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा हज़रत उज़ैर (अ.स), सज्दा-ए-सहव करना, मोमिन के हक़ में दुआ, बरकत वाला निकाह, रसूलुल्लाह (ﷺ) के हुक्म को ना मानने का गुनाह,जनाज़े को दफ़नाने में देर ना करो …