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Best Islamic Status for Whatsapp in Hindi

दज्जाल की हकीकत (फितना ऐ दज्जाल) पार्ट 5

दज्जाल कौन है? कहा है? और कब निकलेगा? दज्जाल कौन है इस हवाले से बाज़ हज़रात का दुसरा कौल है के वो “हैरम आबीफ” है। २.हैरम आबीफ : बाज अहले इल्म की राय है कि इससे हैरम आबीफ (या सखरा आसफ) मुराद है, ये हजरत सुलेमान (अलैहि सलाम) के दौर मे हैकल सुलेमानी के नो बडे मास्टर […]

इस्लाम से पहले क्या था – What was the before Islam ?

✦ प्रायः यह पूछा जाता है कि इस्लाम से पहले कौन सा धर्म था ? ✦ अगर इस्लाम ही सच्चा धर्म है तो क्या उससे पहले के व्यक्ति की मुक्ति कैसे होगी ?. यह अक्सर प्रश्न नॉन-मुस्लिम भाई पूछते रहते हैं। वैसे इसका एक मुख्य कारण है क्यूं कि वे समझते हैं कि इस्लाम मुहम्मद (सलल्लाहो […]

जिसकी बुनियाद शरीयत मे नही ऐसा काम दीन मे ईजाद करना मरदूद है

हजरते आयेशा (रज़ीअल्लाहु अन्हा) से रिवायत है की, रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फरमाया: “जिसने दीन मे कोई ऐसा काम किया जिसकी बुनियाद शरीअत में नहीं वो काम मरदूद है।” – (सुनन इब्न माजाह, हदीस 14) ✦ वजाहत: मसलन वो तमाम आमाल जिन्हे हम नेकी और सवाब की उम्मीद से करते है लेकिन जो सुन्नत से साबित न […]

अल्लाह और आखिरत(महा प्रलय) के दिन पर ईमान रखने वाले इन बातो पर जरुर ध्यान दे

✦ हज़रत अबू हुरैरह रज़िअल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं कि नबी सलल्लाहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया “जो कोई भी अल्लाह और आखिरी दिन पर ईमान रखता है, वो दूसरों के साथ या तो भले तरीके से अच्छे अल्फाज़ मे बात करे, नहीं तो खामोश रहे, ! जो कोई भी अल्लाह और आखिरी दिन पर ईमान […]

दुआ इबादत है – तो इबादत के उसूल – हदीस की रौशनी में

♥ मह्फुम ऐ हदीस: हजरत अब्दुल्लाह इब्न अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम रसूल मुहम्मद (सलाल्लाहो अलैहि वसल्लम) के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख, अल्लाह तेरी रक्षा करेगा। अल्लाह को याद रख अल्लाह को […]

हदिस का परिचय – हदीस पर अमल की जरुरत

पवित्र क़ुरआन के बाद मुसलमानों के पास इस्लाम का दूसरा शास्त्र अल्लाह के रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कथनी और करनी है जिसे हम हदीस और सीरत के नाम से जानते हैं। हदिस की परिभाषाः हदीस का शाब्दिक अर्थ है: बात, वाणी और ख़बर। इस्लामी परिभाषा में ‘हदीस’ मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) […]

रिसालत – इस्लाम की दूसरी अनिर्वाय आस्था

*रिसालत का अर्थ होता है के जब अल्लाह ने पृथ्वी पर मानवो को भेजा तो मानव क्या करे और क्या ना करे , कैसे जीवन व्यक्त करे इसके मार्गदर्शन के लिए इश्वर(अल्लाह) मानवो में से एक मानव को चुन लेता था फिर वो अपनी वाणी उस तक भेजता था और फिर उन्हें मार्गदर्शन बताता के […]

इंडोनेशिया के एक स्कूल ने वाल्दैन की खिदमत का दिया ऐसा दरस के भर आई सबकी आँखे

*इंडोनेशिया के एक स्कूल ने अपने सभी छात्रों की मां को एक दिन स्कूल में आमंत्रित किया और बच्चों से मां के पाँव साफ़ करवाये और उन्हें अपने वाल्दैन की खिदमत करने की व्यवहारिक शिक्षा दी | एक आहदीस का मह्फुम है के – अल्लाह के रसूल (सलल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने फ़रमाया “तुम्हारी जन्नत तुम्हारी […]

ताजियों का इस्लाम से नहीं कोई रिश्ता , जानिए ताजियों के शुरूआत की हकीकत

✦ मुहर्रम क्या है ? मुहर्रम कोई त्योहार नहीं है, यह सिर्फ इस्लामी हिजरी सन् का पहला महीना है। पूरी इस्लामी दुनिया में मुहर्रम की नौ और दस तारीख को मुसलमान रोजे रखते हैं और मस्जिदों-घरों में इबादत की जाती है। क्यूंकि ये तारीख इस्लामी इतिहास कि बहुत खास तारीख है….. रहा सवाल भारत में […]

क्या इस्लाम औरतों को पर्दे में रखकर उनका अपमान करता है और क्या बुरखा औरतो की आज़ादी के खिलाफ है ?

» उत्तर: इस्लाम में औरतों की जो स्थिति है, उसपर सेक्यूलर मीडिया का ज़बरदस्त हमला होता है। वे पर्दे और इस्लामी लिबास को इस्लामी क़ानून में स्त्रियों की दासता के तर्क के रूप में पेश करते हैं। इससे पहले कि हम पर्दे के धार्मिक निर्देश के पीछे मौजूद कारणों पर विचार करें, इस्लाम से पूर्व […]