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Eid-Ul-Adha ~Qurbani

Youm-e-Arfa ka Roza aur Uski Fazilat

✦ Mafhum-e-Hadees: Abu Qatada (RaziAllahu Anhu) se riwayat hai ke, Rasool’Allah (ﷺ) se Youm-e-Arfa (9 Zil Hajj) ke Rozey ke baarey me poocha gaya tou Aap (ﷺ) ne farmaya: “Is din ka Roza guzishta(guzre hue) saal aur aainda(aane wale) saal ke Gunnaho ka kaffara hai.” 📕 Sahih Muslim, Kitabul Siyaam, Hadith no. 367 ۞ Wajahat: […]

Gareebi ki wajah se Hajj na karne walo ke liye Hajj ka Sawab

✦ Mafhum-e-Hadees: Hazrat Abu Hurairah (RaziAllahu Anhu) ne farmaya Gareeb log (Sahaba) Nabi (ﷺ) ki khidmat me hazir huye aur kaha ki: Ameer aur Raees log buland darjat aur hamesha rahne waali Jannat haasil kar chuke halanki jis tarah hum Namaz parhte hain wo bhi parhte hain aur jaise hum roze rakhte hain wo bhi […]

अशरा ज़ुल हज की फ़ज़ीलत क़ुरानो सुन्नत की रौशनी में

Content अशरा ज़ुलहिज्जा क्या है ? अशरा ज़ुलहिज्जा को इतनी फ़ज़ीलत क्यों? अरफ़ा के रोजे की फजीलत सहाबा किराम (र.अ.) का अमल तकबीरों का मसअला कुर्बानी का इरादा रख़ने वाला ज़ुलहिज्जा के दस दिनों में बाल न कटवाए क़ुरबानी की ताकत न रखने वाले लोग क्या करे ? ۞ बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम ۞ तमाम तारीफे है अल्लाह […]

Ashra Zul-hijjah mein qasrath se Karne waale Amaal

۞ Hadees: Sayyiduna Abdullah bin Omer (RaziAllahu Anhu) bayan karte hai ke RasoolAllah (ﷺ) ne farmaya: “In dino (Ashrah Zilhijjah, 1-10) se Zyadah azmat waale din aur in mein kiye gaye amaal se zyadah mahboob amal Allah Ta’ala ke nazdeek koi nahi, Lehaza tum in (10 dino) mein qasrat se Tahleel (La ilaha illallah) aur […]

How to perform hajj step by step

1. Have Bath 2. Put on Ihram in Makkah & pray 2 rakat 3. Make intention for Hajj and say the talbiyah, 4. On the Day of Arafah, pray Fazr and go to Arafa. 5. Pray Zohar and Asar Combined in Arafah. Remember Allah & make Dua in Arafah till sunset. 6. Go to Muzdalifa […]

जानिए – क्यों मनायी जाती है बकरी ईद

ईद उल अज़हा को सुन्नते इब्राहीम भी कहते है। इस्लाम के मुताबिक, अल्लाह ने अपने नबी(प्रेषित) हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की परीक्षा लेने के उद्देश्य से अपनी सबसे प्रिय चीज की कुर्बानी देने का हुक्म दिया। – हजरत इब्राहिम को लगा कि उन्हें सबसे प्रिय तो उनका बेटा है इसलिए उन्होंने अपने बेटे की ही बलि […]

पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) का विदायी अभिभाषण (इस्लाम में मानवाधिकार)

पैग़म्बर मुहम्मद (सल्ल॰) ईश्वर की ओर से, सत्यधर्म को उसके पूर्ण और अन्तिम रूप में स्थापित करने के जिस मिशन पर नियुक्त किए गए थे वह 21 वर्ष (23 चांद्र वर्ष) में पूरा हो गया और ईशवाणी अवतरित हुई : ‘‘…आज मैंने तुम्हारे दीन (इस्लामी जीवन व्यवस्था की पूर्ण रूपरेखा) को तुम्हारे लिए पूर्ण कर […]

जानिए- क्यों मनाई जाती ही क़ुरबानी ईद ? (क़ुरबानी की हिक़मत)

“कह दो कि मेरी नमाज़ मेरी क़ुरबानी ‘यानि’ मेरा जीना मेरा मरना अल्लाह के लिए है जो सब आलमों का रब है” – (कुरआन 6:162) *बकरा ईद का असल नाम “ईदुल-अज़हा” है, मुसलमानों में साल में दो ही त्यौहार मजहबी तौर पर मनाए जाते हैं एक “ईदुल फ़ित्र” और दूसरा “ईदुल अज़हा”,.. – ईदुल फ़ित्र […]