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⭐ बेटे के कातिल को मुआफ कर अब्दुल मोमिन ने दुनिया भर को दिया इस्लाम का असल पैगाम

Muslim Father Forgives Man Involved in His Son 's Killing.

अमेरिका में एक मुस्लिम पिता ने अपने बेटे के कातिल को मुआफ कर के इस्लाम की असल तस्वीर पेश की हैं, पिता ने कहा के ये मुआफी उसके बेटे के कातिल के लिए इस्लाम का सबसे बड़ा तोहफा होगा |

*विडियो देखे:

अमेरिका एक कोर्ट ने जैसे ही हत्यारे एलेग्जेंडर को ३१ साल की सजा सुनाई तो जिस लड़के का कतल हुआ था उसके पिता ने कातिल को इस्लाम का हवाला देकर मुआफ कर दिया, ये नज़ारा देख कर ना सिर्फ कोर्ट में मौजूद हर शख्स रो पड़ा बल्कि खुद कातिल के आँखों में भी आंसू आ गए |

पूरी दुनिया में जहा इस्लाम के नाम पर आतंक मचाया जा रहा है वही अमेरिका के एक कोर्ट ने एक मुस्लिम पिता के कातिल बेटे को सिर्फ इसलिए मुआफी दे दी क्यूंकि वो इस्लाम का असल चेहरा दुनिया के सामने पेश करना चाहता है,.
पिता अब्दुल मोमिन ने कहा “मै अपनी तरफ से, अपने बेटे सलाहुद्दीन और उसकी मरहूम माता की तरफ से ये कतल मुआफ करता हु, साथ ही में पिता ने कातिल से कहा के मै तुम्हे इस क़त्ल के बारे में जिम्मेदार नहीं ठहराता , मै मेरे बेटे को तकलीफ पोहचाने की वजह से तुमसे नाराज़ भी नहीं हु, बल्कि मै उस शख्स से खपा हु जिसने तुम्हे इन्सानियत से गिरा हुआ कदम उठाने के लिए गुमराह किया”

आगे वो कहते है के “इस्लाम का सबसे बड़ा तौफा मुआफी और खैरात है , इसीलिए ये तौफा मैंने अपने बेटे के कातिल को देने का फैसला किया है”

अब्दुल मोमिन आगे कहते है के “अल्लाह सब पर रेहम करनेवाला है, सबके गुनाहों को मुआफ करनेवाला है, उन्होंने कहा के अल्लाह ने कुरान में इंसानों से वादा किया है के अगर इन्सान उस से अपने गुनाहों की मुआफी मांगेगा तो अल्लाह उनके बड़े से बड़े गुनाहों को भी मुआफ कर देगा” इसीलिए कुरान के फरमान को सामने रखते हुए मैंने कातिल को मुआफ कर दिया ताकि वो आईंदा कोई अपराध न करे और अपने माता पिता के सपनो को साकार करे,.

*क्यों और कैसे हुआ था कतल:

ये बात २०१५ की है जब अब्दुल मोमिन का बेटा सलाहुद्दीन पिज़्ज़ा दिलिवेरी का काम करता था, एक रोज़ वो पिज़्ज़ा देने के लिए जा रहा था तब एलेग्जेंडर ने उसे लुटने के मकसद से हमला कर दिया और वो गंभीर रूप से घायल हो गया, जिस से सलाहुद्दीन की मौत हो गयी” ये मुआमला कोर्ट में 2 साल चलता रहा आखिर में केस की जब सुनिवाई हुई तो कोर्ट ने कातिल को ३१ साल की सजा सुनाई, लेकिन सलाहुद्दीन के पिता ने कोर्ट के सामने ही अपने बेटे के कातिल को मुआफ कर इस्लाम के अमन का पैगाम दिया,.

एक तरफ अब्दुल मोमिन है जिसने इस्लाम का असल पैगाम दुनिया भर के सामने लाया और दुसरी तरफ कुछ ऐसे लोग है जो इस्लाम को दहशतगर्दी से जोड़ रहे है ऐसे लोगो को अब्दुल मोमिन से सबक लेनी चाहिए और इस्लाम का जो असली मकसद है उसे दुनिया के सामने लाना चाहिए, याद रहे इस्लाम का असली मकसद मुआफ करना है ना की दहशत फैलाना,.

*खैर मुमकिन है के इस न्यूज़ को हमारी मीडिया नहीं दिखाएगी अब आपको ही इसे आगे पोहचाना है,.

– साभार: रियल फ्लेवर न्यूज़

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