दुनिया आरजी और आखिरत मुस्तकिल है

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है:

“दुनिया की ज़िन्दगी महज चंद रोज़ा है और अस्ल ठहरने की जगह तो आखिरत ही है।”

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