Islamic Quotes in Hindi
31 अगस्त 2025
बीमार को परहेज़ का हुक्म
एक मर्तबा उम्मे मुन्जिर (र.अ) के घर पर रसूलुल्लाह (ﷺ) के साथ साथ हजरत अली (र.अ) भी खजूर खा रहे थे,... [Read More]
Read Moreगाय के दूध में शिफा है
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “गाय का दूध इस्तेमाल किया करो, क्योंकि वह हर किस्म के पौधों को चरती है (इस... [Read More]
Read Moreनमाज़ गुनाहों को ऐसे ही खत्म कर देती है जिस तरह पानी गन्दगी को
नमाज़ गुनाहों को ऐसे ही खत्म कर देती है जिस तरह पानी गन्दगी को ۞ हदीस: अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमाया:... [Read More]
Read Moreरुख्सत के वक़्त मुसाफा करना
रसूलुल्लाह (ﷺ) जब किसी को रुख्सत फर्माते, तो उस का हाथ अपने हाथ में ले लेते और उस वक़्त तक (उसका... [Read More]
Read Moreखाने के बाद उंगलियां चाटने का फ़ायदा
रसूलुल्लाह (ﷺ) जब खाना खा लेते तो अपनी तीनों उंगलियों को चाटते। फायदा : अल्लामा इब्ने कय्यिम कहते हैं के खाना... [Read More]
Read Moreमेरी नमाज़, क़ुरबानी, मेरा जीना मरना सब कुछ अल्लाह के लिए है
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ मेरी नमाज़, क़ुरबानी, मेरा जीना मरना सब कुछ अल्लाह के लिए है “आप फ़रमा दीजिए बेशक! मेरी नमाज़ मेरी कुर्बानी मेरा... [Read More]
Read Moreगुनाह देख कर खामोश ना रहो
कुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता है – “तुम ऐसे अज़ाब से बचो, जो सिर्फ गुनाह करने वालों ही पर नहीं आएगा,... [Read More]
Read Moreवसीयत जरूर लिखे
रसूलल्लाह (सलाल्लाहू अलैही वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया: “किसी मुसलमान के पास कोई भी चीज़ हो (यानी किसी का लेना-देना या उस... [Read More]
Read Moreदूसरों की औरतों से दूर रहो तुम्हारी औरतें भी पाक दामन रहेंगी
अबू हुरैरह (र.अ) से रिवायत है के,रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “दूसरों की औरतों से दूर रहो तुम्हारी औरतें भी पाक दामन रहेंगी,... [Read More]
Read Moreमौत के वक्त कलमा तय्यबा पढ़ने की फ़ज़ीलत : हदीस
मौत के वक्त कलमा तय्यबा पढ़ने की फ़ज़ीलत ۞ हदीस: मुआद बिन जबल (र.अ.) से रिवायत है के, रसूलअल्लाह (ﷺ) ने... [Read More]
Read Moreपाक दामन औरतों पर तोहमत लगाने का गुनाह
क़ुरान में अल्लाह तआला फ़रमाता है – “जो लोग पाक दामन औरतों पर (ज़िना की) तोहमत लगाते हैं, फिर अपने दावे... [Read More]
Read Moreसूद खाने का अजाब
रसूलुल्लाह (ﷺ) फ़रमाते हैं के : “मेराज की शब मेरा गुजर चंद ऐसे लोगों पर हुआ जिन के पेट धड़ों के... [Read More]
Read Moreमाल व औलाद की मुहब्बत
कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “(माल व औलाद की) कसरत और (दुनिया के सामान पर) फख्र ने तुम को... [Read More]
Read Moreक़यामत के दिन काफिर की तमन्ना
क़ुरआन में अल्लाह तआला ने फ़रमाया है – “हमने तुमको एक करीब आने वाले अज़ाब से डरा दिया है (जो उस... [Read More]
Read Moreमुजिजात को न मानने का गुनाह
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “जब उन के रसूल उन के पास खुली हुई दलीलें ले कर आए, तो... [Read More]
Read Moreशिर्क करने वाले की मिसाल
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “तुम सिर्फ अल्लाह की तरफ मुतवज्जेह रहो, उस के साथ किसी को शरीक मत... [Read More]
Read Moreकंधे का अच्छा हो जाना
एक गज़वे में हजरत खुबैब बिन यसाफ़ (र.अ) को कंधे और गर्दन के बीच में तलवार लगी, जिस की वजह से वह... [Read More]
Read Moreघरवालों पर सवाब की नियत से खर्च करना भी सदक़ा है
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब आदमी अपने अहले खाना पर सवाब की निय्यत से खर्च करता है, तो यह खर्च... [Read More]
Read Moreकब्र का अज़ाब बरहक है
रसूलुल्लाह (ﷺ) दो कब्रों के करीब से गुजरे, आप ने फ़र्माया : “इन दो कब्र वालों को अज़ाब हो रहा है,... [Read More]
Read Moreनेकियों का हुक्म देना और बुराइयों से रोकना
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “कसम है उस जात की जिस के कब्जे में मेरी जान है तुम जरूर बिज जरूर... [Read More]
Read Moreअस्र की नमाज़ की फज़ीलत
एक मर्तबा रसूलुल्लाह (ﷺ) ने अस्र की नमाज़ पढ़ाई और फिर लोगों की तरफ मुतवज्जेह हो कर फ़रमाया – “यह नमाज़... [Read More]
Read Moreकब्र में ही ठिकाने का फैसला
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “जब तुम में से कोई वफात पा जाता है, तो उस को सुबह व शाम उस का... [Read More]
Read Moreकयामत में तीन किस्म के लोग
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “कयामत के दिन जहन्नम से एक गर्दन निकलेगी, जिस की दो देखने वाली औंखें, दो सुनने... [Read More]
Read Moreरास्ते से तकलीफ़ देह चीज़ को हटाने की फ़ज़ीलत
सूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “एक आदमी का इन्तेकाल हो गया, उसने कोई नेकी नहीं की थी, हां! उस ने रास्ते... [Read More]
Read Moreइत्र लगाना
हजरते आयशा (र.अ) से मालूम किया गया के रसूलुल्लाह इत्र लगाया करते थे? उन्होंने फ़रमाया : “हाँ मुश्क वगैरह की उम्दा... [Read More]
Read Moreकसरत से इस्तिग़फार करने की सुन्नत
हज़रत अबू हुरैरा (र.अ) फर्माते हैं के मैं ने रसूलुल्लाह (ﷺ) को फर्माते हुए सुना के: “ख़ुदा की कसम ! मैं... [Read More]
Read Moreरोज़े आख़िरत (क़यामत के दिन) हर अमल का बदला मिल जायेगा
क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता है : “जो शख्स क़यामत के दिन नेकी लेकर हाज़िर होगा, तो उस को उस नेकी... [Read More]
Read Moreकाइनात की सबसे बड़ी मशीनरी
इन्सान इस कायनात की सबसे बड़ी मशीनरी है, अल्लाह तआला ने इस को किस अजीब साँचे में ढाला है, एक नुत्फे... [Read More]
Read Moreनेकी और परहेज़गारी के कामों में एक दूसरे की मदद किया करो
क़ुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “नेकी और परहेज़गारी के कामों में एक दूसरे की मदद किया करो गुनाह और ज़ुल्म... [Read More]
Read Moreअपने मातहतों पर तोहमत लगाने गुनाह
रसूलल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जिस ने अपने मातहत पर किसी ऐसी बात की तोहमत लगाई जिस से वह बरी है... [Read More]
Read Moreसफर जल (बही, Pear) से इलाज
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “सफर जल (यानी बही) खाया करो, क्योंकि यह दिल को राहत पहुँचाता है।” 📕 इब्ने माजा:... [Read More]
Read Moreहर मर्ज़ का इलाज मौजूद है
हज़रत उसामा (र.अ) बयान करते है के, मैं हुज़ूर (ﷺ) की ख़िदमत में मौजूद था के, कुछ देहात के रहने वाले... [Read More]
Read Moreसमुन्दरी मछली में अल्लाह की कुदरत
जिस तरह अल्लाह तआला ने हमारे लिये जमीन पर बेशुमार ग़िज़ाएँ पैदा फ़रमाई इसी तरह समन्दर में बेशुमार किस्म की मछलियों... [Read More]
Read Moreकुरआन का मजाक उड़ाने का गुनाह
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “जब इन्सान के सामने हमारी आयतें पढ़ी जाती हैं, तो कहता है के यह पहले... [Read More]
Read Moreमियाँ बीवी अपना राज़ बयान न करें
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “कयामत के रोज़ अल्लाह की नज़र में लोगों में सब से बदतरीन वह शख्स होगा, जो... [Read More]
Read Moreऔरत के लिये चंद आमाल
रसुलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब औरत पाँच वक्त की नमाज पढती रहे और अपनी इज्जत की हिफाजत करती रहे और... [Read More]
Read Moreबैतुलखला जाने का तरीका
रसूलल्लाह (ﷺ) जब इस्तंजा के लिये तशरीफ ले जाते, तो चप्पल पहन लेते और सर को ढांप लेते। 📕 बैहकी फी... [Read More]
Read Moreइन्कार करने वालो का अजाब
कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “जो लोग हमारी आयतों का इन्कार करते रहे हैं, तो वही बडबख्त हैं, (जिन... [Read More]
Read Moreदुनिया चाहने वालों के लिये नुकसान
कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है : “जो शख्स आखिरत की खेती का तालिब हो, हम उसकी खेती में तरक्की देंगे... [Read More]
Read Moreकिसी बुराई को देखे तो उसे रोकने की कोशिश करे
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “तुम में से जो शख्स किसी बुराई को देखे तो उसे अपने हाथ से रोके अगर... [Read More]
Read Moreअच्छे और बुरे अख़्लाक़ की मिसाल
हदीस: रसूलल्लाह (ﷺ) ने फरमाया : “अच्छे अख्लाक बुराइयों को इस तरह खत्म कर देते हैं जिस तरह पानी बरफ को... [Read More]
Read Moreबीमारों की इयादत करना
रसूलुल्लाह (ﷺ) बीमारों की इयादत करते और जनाजे में शरीक होते और गुलामों की दावत कबूल फरमाते थे। 📕 मुस्तदरक लिल... [Read More]
Read Moreइंसाफ करने की फ़ज़ीलत
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “थोड़ी देर का इन्साफ साठ साल की शब बेदारी और रोजा रखने की इबादत से बेहतर... [Read More]
Read Moreबगैर वुजू के नमाज़ और हराम माल से सद्का कबूल नहीं होता
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया: “बगैर वुजू के नमाज़ क़बूल नहीं होती, इसी तरह हराम माल से सद्का कबूल नहीं होता।” 📕 तिर्मिज़ी:... [Read More]
Read Moreमुसीबतें किस पर आसान होगी?
हज़रत अली (र.अ) फर्माते हैं के, “जो शख्स दुनिया से बे रगबती इख्तियार करेगा, उस पर मुसीबतें आसान हो जाएँगी और... [Read More]
Read Moreवुजू में तीन मर्तबा कुल्ली करना
हजरत अली (र.अ) रसूलुल्लाह (ﷺ) के वुजू की कैफियत बयान करते हुए फ़र्माते हैं के : “रसूलुल्लाह (ﷺ) ने तीन बार... [Read More]
Read Moreनेक और अच्छे काम न करने की कसमें मत खाओ
۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ “नेकी और परहेज़गारी इख्तियार करने और लोगों के दर्मियान सुलह कराने में अल्लाह को अपनी कस्मों में आड... [Read More]
Read Moreदुआए जिब्रईल से इलाज
हजरत आयशा (र.अ) बयान करती है के जब रसूलुल्लाह (ﷺ) बीमार हुए, तो जिब्रईल ने इस दुआ को पढ़ कर दम... [Read More]
Read Moreकब्र में मिट्टी डालते वक़्त की दुआ
जब रसूलुल्लाह (ﷺ) ने उम्मे कुलसूम को कब्र में रखा तो पढ़ा: “मिन्हा खलकना कुम, व फिहा नुईदुकुम, व मिन्हा नुखरिजुकुम... [Read More]
Read Moreजहन्नुम की गहराई
दोजख (जहन्नुम) की गहराई रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “एक पत्थर को जहन्नम के किनारे से फेंका गया, वह सत्तर साल... [Read More]
Read Moreदुनिया के लालची अल्लाह की रहमत से दूर होंगे
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “क़यामत करीब आ चुकी है और लोग दुनिया की हिर्स व लालच और अल्लाह तआला की... [Read More]
Read Moreदिलों को भी जंग लग जाता है, जैसे लोहे में पानी पहुँचने के बाद जंग लग जाता है
रसूलअल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “दिलों को भी जंग लग जाता है, जैसे लोहे में पानी पहुँचने के बाद जंग लग... [Read More]
Read Moreमाल आरियत (उधार) है
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (अ.स) फ़रमाते हैं – “तुम में से हर एक मेहमान है और उस का माल आरियत (उधार)... [Read More]
Read Moreजन्नत की सिफात
कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “वह घर हमेशा रहने के बाग़ हैं, जिन में परहेजगार लोग दाखिल होंगे। उन... [Read More]
Read Moreतुम्हारा माल और औलादे बस आज़माइश है
अल्लाह तआला कुरान ए करीम में फरमाता है: “तुम्हारे माल (दौलत) और तुम्हारी औलादे (संतान) बस आज़माइश (परीक्षा) है और अल्लाह... [Read More]
Read Moreदुनिया की इमारतें साहिबे इमारत के लिए वबाल होगी
रसूलुल्लाह (ﷺ) एक मर्तबा एक गुंबद वाली इमारत के पास से गुज़रे तो फर्माया : “यह किस ने बनाया है? लोगों... [Read More]
Read Moreअल्लाह ही रोजी तकसीम करता हैं
क़ुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “दुनियवी जिंदगी में उन की रोज़ी हम ने ही तकसीम कर रखी है और... [Read More]
Read Moreहर एक को नाम-ए-आमाल के साथ बुलाया जाएगा
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “वह दिन याद करने के काबिल है, जिस दिन तमाम आदमियों को उनके नाम-ए-आमाल के... [Read More]
Read Moreअगली सफ में नमाज़ अदा करने की फजीलत
रसलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “अल्लाह तआला और उसके फरिश्ते पहली सफ वालों पर रहमत भेजते हैं और मोअज्जिन के बुलंद... [Read More]
Read Moreगुस्सा ना किया करो : हदीस
गुस्सा ना किया करो : हदीस अबू हुरैरा (रज़ि) से वर्णित है के : एक आदमी ने पैगंबर (ﷺ) से कहा,... [Read More]
Read Moreदावत कबूल करे
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब तुम में से किसी को खाने की दावत दी जाए तो उस को कबूल करना... [Read More]
Read Moreमाँगी हुई चीज़ का लौटाना
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “(वापसी की शर्त पर) माँगी हुई चीज़ को वापस किया जाएगा।” 📕 इब्ने माजा : २३९८... [Read More]
Read Moreअपने भाइयों के दर्मियान सुलह किया करो
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “मुसलमान आपस में एक दूसरे के भाई है (अगर उनके दरमियान लड़ाई हो जाए) तो... [Read More]
Read Moreआधी धुप और आधी छाँव में न बैठे
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने ऐसी जगह बैठने से मना फरमाया है के जहाँ बदन का कुछ हिस्सा साए में हो और कुछ... [Read More]
Read Moreबीवी की विरासत में शौहर का हिस्सा
कुरआन में अल्लाह ताआला फ़र्माता है : “तुम्हारे लिए तुम्हारी बीवियों के छोड़े हुए माल में से आधा हिस्सा है, जब... [Read More]
Read Moreदाढ़ के दर्द का इलाज
एक मर्तबा हजरत अब्दुल्लाह बिन रवाहा (र.अ) ने हुजूर (ﷺ) से दाढ में शदीद दर्द की शिकायत की, तो आप (ﷺ)... [Read More]
Read Moreदुनिया पर मुतमइन नहीं होना चाहिये
कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है : “जिन लोगों को हमारे पास आने की उम्मीद नहीं है और वह दुनिया की... [Read More]
Read Moreमुनाफ़क़त एक बीमारी है
मुनाफ़क़त एक बीमारी है जो मुनाफ़िक़ के दिल में होती है,और इसकी सज़ा अल्लाह फ़ौरन नहीं देताबल्कि उसे ढील देता चला जाता... [Read More]
Read Moreअल्लाह और उस के रसूल का हुक्म मानो
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “तुम अल्लाह तआला और उस के रसूल का हुक्म मानो और हुक्म की खिलाफ... [Read More]
Read Moreअमानत का वापस करना
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है: “अल्लाह तआला तुम को हुक्म देता है के जिन की अमानतें हैं उनको लौटा दो।”... [Read More]
Read Moreबुरी तदबीरें करने का गुनाह
कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “जो लोग बुरी बुरी तदबीरें (बुरी चाल) करते हैं उन को सख्त अज़ाब होगा... [Read More]
Read Moreकुरआन अपने पढ़ने वालो की शफाअत करेगा
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “कुरआन पढ़ा करो, क्योंकि कुरआन कयामत के रोज अपने पढ़ने वालों की शफाअत करेगा।” 📕 मुस्लिम:... [Read More]
Read Moreबेहोशी से शिफ़ा पाना
बेहोशी से शिफ़ा पाना हज़रत जाबिर (र.अ) फ़र्माते हैं के – “एक मर्तबा मैं सख्त बीमार हुआ, तो रसूलुल्लाह (ﷺ) और... [Read More]
Read Moreबदन की हड्डी कुदरत की निशानी
उस कादिरे मुतलक की कारीगरी को देखिये। उस ने एक कतरे से इंसानी जिस्म में क्या क्या कारीगरी की है। उस... [Read More]
Read Moreमाल की चाहत
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “लोगों पर एक ज़माना ऐसा आएगा जिस में (लोगों को अपने) माल की ज़कात देना बहुत... [Read More]
Read Moreफोड़े फुंसी का इलाज
आप (ﷺ) की बीवीयों में से एक बीवी बयान फ़र्माती हैं के एक दिन रसूलुल्लाह ﷺ मेरे पास तशरीफ़ लाए और... [Read More]
Read Moreकिसी की बात को छुप कर सुनने का गुनाह
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया: “जिस ने दूसरों की कोई ऐसी बात छुप कर सुनी जिस को वह उस से छूपाना चाहते... [Read More]
Read Moreहूर की खूबसूरती
रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “अगर जन्नत की कोई औरत ज़मीन वालों की तरफ झाँक ले तो ज़मीन व आसमान के दर्मियान... [Read More]
Read Moreमस्जिद की सफाई का इन्आम
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “जो शख्स मस्जिद का कूड़ा करकट साफ़ करेगा, अल्लाह तआला उस का घर जन्नत में बनायेगा।” 📕... [Read More]
Read Moreअल्लाह और उसके बन्दों के हुकूक अदा करो
क़ुरान में अल्लाह तआला फर्माता है: “अल्लाह के सिवा किसी की इबादत न करो, वालिदेन के साथ अच्छा सुलूक करो, रिश्तेदारों,... [Read More]
Read Moreहर मामले में इंसाफ करो
कुरआन में अल्लाह तआला फरमाता है : ” ऐ ईमान वालो ! अल्लाह तआला के लिये सच्चाई पर कायम रहने वाले... [Read More]
Read Moreजानवर पर रहेम करने का सवाब
अबी हुरैरह (र.अ) से रिवायत है के, पूछा गया : “या रसूलल्लाह ! क्या जानवरों पर रहम करने में भी हमारे... [Read More]
Read Moreअल्लाह की कुदरत : समुन्दर का उतरना चढ़ना
समुन्दर के किनारे अगर आप जाएँ तो देखेंगे के समुन्दर का पानी किनारे की तरफ़ कभी चढ़ जाता है और कभी उतर जाता... [Read More]
Read Moreसुभानअल्लाह और ला इलाहा इलल्लाह की फ़ज़ीलत | तस्बीह, तहलील और तक्दिस
✦ मफ़हूम-ऐ-हदिस ✦ युसरा रजीअल्लाहु अन्हा फरमाती है के, नबी-ऐ-करीम (ﷺ) ने हम से फ़रमाया: “तुम लोग तस्बीह (सुभानअल्लाह) , तहलील... [Read More]
Read Moreक़ज़ा नमाजों की अदायगी
क़ज़ा नमाजों की अदायगी रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “जो कोई नमाज पढ़ना भूल गया या नमाज के वक्त सोता रह... [Read More]
Read Moreअपने घर वालों को नमाज़ का हुक्म देना
अपने घर वालों को नमाज़ का हुक्म देना कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है: “आप अपने घर वालों को नमाज़ का... [Read More]
Read Moreबुरे लोगों की सोहबत से बचने की दुआ
अपने आप को और अपनी औलाद को बुरे लोगों की सोहबत से बचाने के लिये यह दुआ पढ़े: “Rabbi najjinee waahlee... [Read More]
Read Moreकयामत के दिन पूरा पूरा बदला दिया जाएगा
कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “जब हम उन लोगों को उस दिन जमा करेंगे, जिस के आने में कोई... [Read More]
Read Moreनिमोनिया का इलाज
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने निमोनिया के लिये वर्स, कुस्त और रोग़ने जैतून पिलाने को मुफीद बतलाया है। फायदा : “वर्स” तिल के... [Read More]
Read Moreअरफ़ा के दिन रोजा रखने की फ़ज़ीलत
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “अरफ़ा के दिन का रोजा रखना एक साल अगले एक साल पिछले गुनाहों को माफ़ करा... [Read More]
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