इबादत और हकूकुल इबाद।

पोस्ट 44 :
इबादत और हकूकुल इबाद।

अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है, फ़रमाते हैं:

❝ एक शख़्स़ ने कहा: अल्लाह के रसूल ﷺ, एक औरत अपनी नमाज़, रोज़े और स़दकात की कसरत के लिए मशहूर है लेकिन वो अपनी ज़बान से अपने पडौसियों को तकलीफ़ देती है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: वो जहन्ऩमी है

फिर उस ने कहा: ऐ अल्लाह के रसूल ﷺ फुलां औरत अपनी (नफ़ल) नमाज़ों, रोज़ा और स़दकात की कमी के लिए मशहूर है और उस ने महज़ पनीर के टुकड़े स़दका किए हैं, लेकिन वो अपनी ज़बान से पडौसियों को तकलीफ़ नहीं देती । आप ﷺ ने फ़रमाया: वो औरत जन्ऩती है

📕 मुस्नद अहमद, इब्ने हिब्बान, हाकिम, बज़्ज़ार
📕 सहीह अत्तर्ग़ीब 2560-स़ही़ह़

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

© Ummat-e-Nabi.com

Leave A Reply

Your email address will not be published.