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इस्लाम के बारे में संदेह और उत्तर

कत्ल और आतंकवाद को इस्लाम का समर्थन नहीं

वो लोग जो अपने क़त्लो-गारत और दहशतगर्दी के कामों को इस्लाम के आदेशानुसार बतलातें हैं वो कुरान और पैगम्बर (सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम) की तालीमों का अपमान करतें है। क्योंकि कुरान वो ग्रंथ है जिसने एक कत्ल के अपराध को पूरी इंसानियत के कत्ल करने के अपराध के बराबर रखा और कहा: ❝ जिसने कोई जान क़त्ल […]

Jihad: जिहाद का वास्तविक अर्थ होता है “संघर्ष करना”….

अक्सर हमारे नोंमुस्लिम भाइयों में यह ग़लतफहमी पायी जाती है के वो जिहाद जैसे शब्द का तथाकथित लोगों से अलग अलग अर्थ समझकर मुसलमानों के अमन के पैगाम को ठुकरा देते है, आईये आज इसका सही मूल्य जानने की कोशिश करते है… जिहाद: अरबी भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है “संघर्ष करना” , […]

जानिए : क्या इस्लाम तलवार की जोर से फैला – Was Islam spread by the Sword ?

*कुछ गै़र-मुस्लिम भाइयों की यह आम शिकायत है कि संसार भर में इस्लाम के मानने वालों की संख्या लाखों में भी नहीं होती यदि इस धर्म को बलपूर्वक नहीं फैलाया गया होता। निम्न बिन्दु इस तथ्य को स्पष्ट कर देंगे कि इस्लाम की सत्यता, दर्शन और तर्क ही है जिसके कारण वह पूरे विश्व में […]

इस्लाम दूसरे धर्मों के बारे में अपमानजनक बातें कहने की अनुमति नहीं देता

» प्रश्नः क्या दूसरे मज़हबों के धार्मिक ग्रंथों और उनके ईष्ट देवी-देवताओं के बारे में अपमानजनक बातें करने से… उनका दिल दुखाने से अल्ल्लाह ख़ुश होगा…? • उत्तरः हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य धर्मों के धार्मिक ग्रन्थ या तो मानव रचित हैं अथवा किसी युग में ईश्वरीय ग्रन्थ थे परन्तु आज वह सुरक्षित न […]

हज़रत मुहम्मद (ﷺ) और बौद्ध धर्म ग्रन्थ (डा. एम.ए.श्रीवास्‍तव)

डा. एम. ए. श्रीवास्‍तव नें एक पुस्तक लिखी (हज़रत मुहम्‍मद सलल्लाहो अलैहि वसल्लम और भारतीय धर्मग्रन्‍थ) अपनी इस पुस्तक की भूमिका में वह लिखते हैं- हज़रत मुहम्मद (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) के आगमन की पूर्व सूचना हमें बाइबिल, तौरेत और अन्य धर्मग्रन्थों में मिलती है, यहाँ तक कि भारतीय धर्मग्रन्थों में भी आप (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) […]

जानीये – क्यों हराम है सुअर का मांस ….

इस्लाम में सुअर का माँस खाना वर्जित(हराम) होने की बात से सभी परिचित हैं। निम्नलिखित तथ्यों द्वारा इस प्रतिबन्ध की व्याख्या की गई है। 1). सुअर के मांस का निषेध पवित्र कुरआन में । पवित्र क़ुरआन में कम से कम चार स्थानों पर सुअर का मांस खाने की मनाही की गई है। पवित्र क़ुरआन की […]

दुनिया में इतने धर्म कैसे बने ?

(इसे पढने में आपके 2 मिनट ज़रूर लगेगे लेकिन इंशाअल्लाह “आपको बहुत सारी बातें स्पष्ट” हो जाएँगी) * मानव इतिहास का अध्ययन करने से पता चलता है कि इस धरती पर ईश्वर ने अलग अलग जगह मानव नहीं बसाए, * अपितु एक ही मानव से सारा संसार फैला है। निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान दें, आपके […]

पर्दे का हुक्म वैदिक धर्म में भी ….

हमारे कुछ‌ हिन्दू भाई हमसे कहते है की तुम मुस्लिम अपनी औरतो को पर्दे मे रख कर‌ उन पर अत्याचार करते हो. भला औरतो को इस तरह पर्दे मे रख कर यह‌ भयानक सज़ा क्यों देते हो? उन हिन्दू भाईयो के लिए हमारे पास यही जवाब है, के काश वो भी अपने वेदों की बातो […]

भूत, प्रेत, बदरूह की हकीकत

भूत, प्रेत, बदरूह: ये नाम अकसर इन्सानी ज़हन मे आते ही एक डरावनी और खबायिसी शख्सियत ज़ेहन मे आती हैं क्योकि मौजूदा मिडिया ने इन्सान को इस कदर गुमराह कर रखा हैं के जो नही हैं उसको इतनी खूबसूरती के साथ ये मिडिया वाले पेश करते हैं के इन्सान जिसकी ताक मे शैतान हमेशा हर […]

अल्लाह ने सभी को अपने मज़हब का क्यों नहीं बनाया…?

» प्रश्न: अल्लाह ने सभी को अपने मज़हब का क्यों नहीं बनाया…? » उत्तर: इसका उत्तर क़ुरआन ने विभिन्न स्थानों पर दिया है क़ुरआन में कहा गयाः ∗ अल-कुरान : “[ऐ मुहम्मद(सलल्लाहो अलैहि वसल्लम)] यदि आपका रब चाहता तो सब लोगों को एक रास्ते पर एक उम्मत कर देता, वे तो सदैव मुखालफ़त करने वाले […]