antidote in fingers

⭐ उंगलियों के पोरों पर कीटनाशक प्रोटीन: जानिये १४०० सालो से क्या कहता है इस्लाम …


♥ हदीस: हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से रिवायत है कि,
अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया:
“जब तुम में से कोई खाना खाए तो वह अपना हाथ न पोछें यहां तक कि उसे (उंगलियां) चाट ले या चटाले”
– (सही मुस्लिम, अल-अश्रिबःबाब इस्तिह्बाब लअक़िल असाबिअ, हदीस न0 2031) – @[156344474474186:]

• वैज्ञानिक तथ्य: खाने के बाद उंगलियां चाटने का आदेश पैगंबर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने चौदह सदियाँ पहले दिया।
– इसमें क्या हिकमत कार फ़रमा है इसकी पुष्टि चिकित्सा वैज्ञानिक इस दौर में कर रहे हैं.

• एक खबर देखें
“जर्मनी के चिकित्सा विशेषज्ञों ने शोध के बाद यह निकाला है कि मनुष्य की उंगलियों के पोरों पर विशेष प्रकार के प्रोटीन उसे दस्त, उल्टी और हैज़े जैसी बीमारियों से बचाती है.
– विशेषज्ञों के अनुसार वह जीवाणु जिन्हें “ई कोलाई” कहते हैं, जब उंगलियों के पोरों पर आते हैं तो पोरों पर प्रोटीन स्वास्थ्य को हानी पहुंचाने वाले जीवाणु को समाप्त कर देती है.
– इस तरह यह जीवाणु मानव शरीर पर रहकर हानिकारक नहीं बनते। खासकर इंसान को पसीना आता है तो कीटनाशक प्रोटीन गतिशील हो जाती है.
*विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रोटीन न होती तो बच्चों में हैज़े, दस्त और उल्टी की बीमारियां अधिक होती”.(दैनिक नवाये वक़्त 30 जून 2005)

*पश्चिमी लोग खाने के बाद उंगलियां चाटने के कार्य को घृणित करार देकर इस पर अक्षर पालन करते हैं, लेकिन अब विज्ञान इस बात की पुष्टि कर रही है कि यह तो बहुत स्वस्थ है क्योंकि उंगलियां मुंह के अंदर नहीं जातीं और यूं मुंह के लुआब से दूषित नहीं होतीं.
– तथा उंगलियों के पोरों पर प्रोटीन से हानिकारक जीवाणु भी मारे जाते हैं.
– इसके विपरीत चम्मच या काँटे से खाना खाएं तो वह बार बार मुंह के लुआब से दूषित होता रहता है और यह भी घृणित प्रक्रिया है,

# जब अल्लाह ने उंगलियों के पोरों पर कीटनाशक प्रोटीन पैदा की है तो हाथ से खाना और खाने के बाद उंगलियां चाटना दोनों स्वस्थ के कारण है।
– नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की उपरोक्त हदीस में इन्हीं दो बातों पर अमल की हिदायत की गई है, यानी – *(1) खाना दाएं हाथ से खाया जाए, *(2) हाथ पोंछने से पहले उंगलियां चाट ली जाएं.
दाहिने हाथ से खाने और उसके बाद उंगलियां चाटने के इस इस्लामी परंपरा बल्कि सुन्नत को अरबों ने अब तक जीवित रखा हुआ है जिसे अतीत में यूरोप वाले गैर स्वास्थ्य प्रक्रिया ठहराने रहे,
– मगर अब उन्हीं के चिकित्सा शोधकर्ताओं की जाँच कह रही है कि यह कभी हानिकारक नहीं बल्कि ठीक स्वस्थ और उपयोगी है।

🔖 Ummat-e-Nabi.com
🔖 Fb.com/HadiseNabwi

Hath Na Dhoye, Ungliyon Ko Chaat Le, Antidote in Fingers, Ungliyo ke Poro me Kitakanashak Proteins

Views: 80466

Leave a Reply

8 Comments on "उंगलियों के पोरों पर कीटनाशक प्रोटीन: जानिये १४०० सालो से क्या कहता है इस्लाम …"

Notify of
avatar

Sort by:   newest | oldest | most voted
Azad
Guest
Azad
1 year 7 months ago

Bohot hi pyari site hai….

taukir ansari
Guest
taukir ansari
1 year 7 months ago

masha allah

aasif
Guest
aasif
1 year 6 months ago

behut accha laga pad kere

Muhmmad Rashid
Guest
Muhmmad Rashid
1 year 2 months ago

Subhan Allah

Mohd Rayyan
Guest
Mohd Rayyan
6 months 6 days ago

Mashah Allah

Tauseef Ahmad
Guest
Tauseef Ahmad
3 months 25 days ago

Superb quality ka site………..

Mohd Rayyan
Guest
Mohd Rayyan
3 months 25 days ago

سبحان اللہ

Jafar Ahmad
Guest
Jafar Ahmad
3 months 25 days ago

Mash allah

wpDiscuz