“बिसमिल्लाहिल कबीरी, अऊज़ु बिल्लाहिल अज़ीमि मिन शर्रि कुल्ली अर्किन ना आरिन व मिन शर्रि हर्रिन नार”
तर्जुमा: मैं अल्लाह के नाम से शुरू करता हूँ जो बहुत बड़ा है, मैं बहुत ही ज्यादा अज़मत वाले अल्लाह की पनाह माँगता हूँ, हर जोश मारने वाली रग की बुराई से और आग की गर्मी की बुराई से।
अरफा के दिन की दुआ सबसे बेहतरीन है अरफा के दिन की दुआ सबसे बेहतरीन है रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: सबसे बेहतर दुआ अरफा (9 ज़िल-हिज्जा) वाले दिन की दुआ है और मैंने अब तक जो कुछ (बतौर ज़िक्र) कहा है और मुझसे पहले जो दुसरे नबियों ने कहा उसमें सबसे बेहतर दुआ है - "ला इलाहा इल्लल्लाहू, वाहदहू ला शरीका लहू, लहूल मुल्क वल-हूल हम्द, व-हूवा अला कुल्ली शैइन क़दीर" अल्लाह के सिवा कोई (सच्चा माबूद) नहीं, वो अकेला है और उसका कोई शरीक नहीं, उसी के लिए सारी बादशाही है और उसी के लिए सारी तारीफ है और वो हर चीज़ पर ख़ूब क़ुदरत रखता है।…
हज का सुन्नत तरीका ~ कुरआन व सुन्नत की रौशनी में हज का सुन्नत तरीका | हज का तारूफ , हज्ज के फ़र्ज़ होने की शर्तें, हज में एहतियात करने वाली बाते, एहराम की हालत में मना की हुई चीज़ें, हज्ज के तीन किस्मे, यौमूत्तर्वियह, अरफा का दिन , मुज़दलिफा में रात बिताना, यौमुन्नह्र (10 जिल हिज्जा – क़ुरबानी का दिन), अय्यामुत्तश्रीक़ (11,12,13 जिल हिज्जा), जिल हिज्जा की 12वीं तारीख
पैगम्बर मोहम्मद (ﷺ) साहब का जीवन परिचय मुह्म्मदुर्र सूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) संक्षिप्त जीवन परिचय | Life Story Of Allah’s Messanger Mohammad (Sallallahu Alaihay Wasallam)
पडोसी के हुकूक क़ुरानो हदीस की रौशनी में | Padosiyon ke Huqooq पडोसी के हुकूक ✦ क़ुरान: और अच्छा व्यवहार करते रहो निकटतम और दूर के पड़ोसियों के साथ भी। 1 जिसका पडोसी भूखा वो मोमिन नहीं ✦ नबी-ऐ-करीम (सलल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया : "वोह शख्स मोमिन नहीं जो पेट भर कर खाए और उसका पड़ोसी भूखा रह जाए।" 2 पडोसी को तकलीफ न पोहचाये ✦ अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमाया : "जो कोई अल्लाह और आख़िरत के दिन पर इमांन रखता है वो अपने पडोसी को तकलीफ ना पहुंचाए।" 3 पडोसी को तकलीफ देने वाला मोमिन नहीं ✦ अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने ३ बार अल्लाह की कसम खाते हुए फ़रमाया के…
NationalGirlChildDay : राष्ट्रीय बालिका दिवस और इस्लाम National Girl Child Day : राष्ट्रीय बालिका दिवस और इस्लाम National Girl Child Day राष्ट्रीय बालिका दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भारत में लड़कियों के अधिकारों और कल्याण के बारे में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करता है। इस दिन जिन प्रमुख मुद्दों पर अक्सर प्रकाश डाला जाता है उनमें से एक है लड़कियों को महत्व देना और उनके साथ सम्मान और सम्मान के साथ व्यवहार करना। यह इस्लाम के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहां कुरान और हदीस में बालिकाओं के मूल्य और महत्व पर जोर दिया गया है। लैंगिक भेदभाव के खिलाफ इस्लाम: पैगंबर मुहम्मद (उन…
मुस्लिम औरत | दुनिया की सबसे बेहतरीन पूंजी इस पोस्ट में हम मुस्लिम औरत की पहचान और खूबियाँ, उसकी जिम्मेदारियां, और उसको मिलने वाले हुकूक, उसकी नादानियों और शर्र की वजह से होने वाले हश्र पर गौर करेंगे। मुस्लिम ख़्वातीन से मुताअ़ल्लिक़ मोअ्तबर अह़ादीस़ का एक मुख़्तसर मजूमुआ औरत / माँ की रह़मत उमर बिन ख़त्ताब रजिअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि वो अल्लाह के नबी ﷺ के पास कुछ क़ैदी ले कर आए। उन कैदियों में एक औ़रत भी थी जो (अपने) बच्चे को तलाश कर रही थी। जब उसे कोई बच्चा मिलता उसे अपने सीने से लगा लेती और दूध पिलाती। ये मंज़र देख कर अल्लाह के…
बेचैनी की दुआ | Bechaini ki Dua 4 Bechaini ki Dua ❶ Allahu Allahu Rabbi laa ushriku bihi shai'an ❷ La ilaha illa anta subhanaka innee kuntu mina-zalimeen ...
अजान और इक़ामत के बिच में दुआ रद्द नहीं की जाती अजान और इक़ामत के बिच में दुआ ۞ हदीस : अल्लाह के नबी (ﷺ) ने फ़रमाया : “अजान और इक़ामत के बिच में दुआ रद्द नहीं की जाती, इसीलिए तुम दुआ करो।” 📕 मुसनदे अहमद, 13357
शबे क़द्र और इस की रात का महत्वः (शबे क़द्र की फ़ज़ीलत हिंदी में) शबे क़द्र का अर्थ: रमज़ान महीने में एक रात ऐसी भी आती है, जो हज़ार महीने की रात से बेहतर है। जिसे शबे क़द्र कहा जाता है। शबे क़द्र का अर्थ होता हैः "सर्वश्रेष्ट रात", ऊंचे स्थान वाली रात”, लोगों के नसीब लिखी जानी वाली रात। शबे क़द्र बहुत ही महत्वपूर्ण रात है, जिस के एक रात की इबादत हज़ार महीनों (83 वर्ष 4 महीने) की इबादतों से बेहतर और अच्छा है। इसी लिए इस रात की फज़ीलत क़ुरआन मजीद और प्रिय रसूल मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की हदीसों से प्रमाणित है। ♪ Shabe Qadr ki Fazilat Audio me…
अल्लाह वालो की सिफत अल्लाह वालो की सिफत एक बार हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अनहु) बाज़ार में चल रहे थे। वह एक शख्स के पास से गूज़रे जो दुआ कर रहा था। "ऐ अल्लाह!! मुझे चन्द लोगों में शामिल कर।" "ऐ अल्लाह मुझे चन्द लोगों में शामिल कर।" उमर (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने उससे पूछा। "यह दुआ तुमने कहां से सीखी?" वह बोला, अल्लाह की किताब से। अल्लाह ने क़ुर्आन मे फरमाया है। "और मेरे बन्दों में सिर्फ चन्द ही शुक्र गुज़ार हैं" 📕 अल्-कुरआन ३४:१३ हज़रत उमर (रज़ियल्लाहु अनहु) यह सुन कर रो पडे और अपने आपको यह नसीहत करते हूए बोले, "ऐ उमर!! लोग…
सुबह और शाम की दुआएँ | Subah aur Sham ki Duaein | Dua Series सुबह और शाम की दुआएँ | Subah aur Sham ki Duaein | Dua Series सुबह और शाम में इन दुआओं को पढ़ना चाहिए : بِسمِ اللهِ الَّذِي لَا يَضُرُّ مَعَ اسْمِهِ شَيْءٍ فِي الْأَرْضِ وَلَا فِي السَّمَاءِ وَهُوَ السَّمِيعُ الْعَلِيمُ . (تمن بار) [صحيح] 1. बिस्मिल्लाहिल्लज़ी ला यजुररू म- अरमिहि शैउन फिल अर्ज वा फिस्समा वहुवरसमीउल अलीम. (तीन बार पढ़े) 📕 सुनन तिर्मिज़ी लिल अल्बानी : किताबुददवात ( 3 / 3388) सहीह तर्जुमा : अल्लाह के नाम से (शुरु करता हूँ) जिसके नाम से ज़मीन और आसमान की कोई चीज़ नुकसान नहीं पहुँचा सकती और वह खुब सुनने और जानने…
अल्लाह को छोड़ कीसी को ना पुकारना ... ۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ “और अल्लाह को छोड़ ऐसी चीज़ को ना पुकारना जो ना तुम्हे नफा पहुँचा सकती हैं ना ही नुक़सान।" 📕 सूरह युनुस 10:106 Read More: Nazar ki Dua : नज़रे बद कि दुआ | बुरी नज़र से बचने और नज़र दूर करने की दुआएँ Allah kisi Shakhs ko uski Taqat se Zyada nahi Aazmata …