शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।

पोस्ट 26 :
शोहर के माल में से स़दका करने की गुंजाइश।

अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि;
अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:

❝ एक औ़रत जब अपने शोहर की कमाई में से उसके हुक्म के बग़ैर (ख़ैर के कामों में) ख़र्च करती है तो उस को (यानी शोहर को) उसका आधा सवाब मिलता है। 

📕 बुख़ारी: अल बुयूअ़् 2066,
📕 मुस्लिम: अज़्ज़कात 1704

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyअबू दाऊदतिर्मिज़ीनसाईबुख़ारीमुस्लिमसुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में


Recent Posts