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ख्वातीन-ए-इस्लाम

बेहतरीन बीवी और बेहतरीन शौहर की पहचान

1 बेहतरीन बीवी की पहचान ✓ जो अपने शौहर की फरमाबरदारी और ख़िदमत गुज़ारी को अपना फ़र्ज़-ऐ-अज़ीम समझे। ✓ जो अपने शौहर के तमाम हुक़ूक़ अदा करने में कोताही न करें। ✓ जो अपने शौहर की खूबियों पर नज़र रखे और उसके ऐब और खांमियों को नज़र-अंदाज़ करती रहे। ✓ जो खुद तकलीफ उठा कर […]

ख्वातीन-ए-इस्लाम

मुस्लिम ख़्वातीन से मुताअ़ल्लिक़ मोअ्तबर अह़ादीस़ का एक मुख़्तसर मजूमुआ अल्लाह की रह़मत समझाने के लिए मां की रह़मत की त़रफ़ इशारा करना मां बेहतरीन सुलुक की ह़क़दार है… नेक औ़रत बेहतरीन मताअ़् है… बेहतरीन औ़रत और बद्तरीन औ़रत किस औ़रत से निकाह़ बेहतर है ? बेहतरीन बीवी कौन ? शोहर की फ़रमांबरदारी की फ़ज़ीलत […]

जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं।

पोस्ट 49 : जऩ्नत में बुढ़ापा नहीं। हसन बसरी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं: ❝ एक बूढ़ी औरत नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल, अल्लाह से दुआ़ कीजिए कि वो मुझे जऩ्नत में दाख़िल कर दे । इस पर आप ने फ़रमाया: ओ फुलां, जऩ्नत में बुढ़ी औरत नहीं जाएगी । इस […]

सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है।

पोस्ट 48 : सब्र दरअस़्ल सदमे की इब्तिदा में होता है। साबित अल बुनानी रहिमहुल्लाह फ़रमाते हैं कि: ❝ मैं ने अनस बिन मालिक रज़िअल्लाहु अ़न्हु को उनके घर की किसी ख़ातून से फ़रमाते सुना: क्या तुम फुलां औ़रत को जानती हो ? उन्होंने कहा: हां। फ़रमाया: अल्लाह के नबी ﷺ उस औ़रत के पास […]

जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत।

पोस्ट 47 : जन्नती औरत: मुस़ीबत पर स़ब्र की फ़ज़ीलत। अ़त़ा बिन अबी रबाह़ से रिवायत है कि, मुझसे इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया: ❝ क्या मैं तुम्हें एक जन्नती औरत ना दिखाऊं ! मैं ने कहा: ज़रूर। फ़रमाया: ये काली औ़रत, अल्लाह के नबी ﷺ के पास आई और कहा: ऐ अल्लाह के रसूल […]

नौहा (मातम) करने वाली औ़रत।

पोस्ट 46 : नौहा (मातम) करने वाली औ़रत। अबू मालिक अल अश्अ़री से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जाहिलियत की चार चीज़ें मेरी उम्मत में बाक़ी रहेंगी, वो उसे नहीं छोड़ेंगे। हसब पर फ़ख़्र करना, नसब पर ताअ़्न करना, सितारों से बारिश का अ़कीदा रखना, और (मय्यित पर) मातम करना। […]

पडोसन के हदिये की क़द्र करना।

पोस्ट 45 : पडोसन के हदिये की क़द्र करना। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ ऐ मुसलमान औरतों! कोई औ़रत अपनी पडौसन (के हदिये) को हकीर ना समझे चाहे वो हदिये में बकरी का खुर ही क्यूं ना दे। ❞ 📕 बुखारी: अल हिबा व फ़ज़्लिहा वत्तह़रीजु […]

इबादत और हकूकुल इबाद।

पोस्ट 44 : इबादत और हकूकुल इबाद। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है, फ़रमाते हैं: ❝ एक शख़्स़ ने कहा: अल्लाह के रसूल ﷺ, एक औरत अपनी नमाज़, रोज़े और स़दकात की कसरत के लिए मशहूर है लेकिन वो अपनी ज़बान से अपने पडौसियों को तकलीफ़ देती है। अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: […]

बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ।

पोस्ट 43 : बिल्ली को बांध कर रखने वाली औरत का वाक़िआ। अब्दुल्लाह बिन उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि, अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक औ़रत मह़ज़ एक बिल्ली की वजह से अ़ज़ाब दी गई। उसने उस बिल्ली को क़ैद कर के रखा यहां तक कि वो मर गई। लिहाज़ा वो इसी […]

कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा।

पोस्ट 42 : कुत्ते को पानी पिलाने वाली औरत का क़िस्सा। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ एक कुत्ता कुंवे के करीब चक्कर लगा रहा था और ह़ाल ये था कि प्यास से मर जाएगा। इस का ये ह़ाल बनी इसराइल की एक बदकार औरत ने देखा […]

औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना।

पोस्ट 41 : औरतों का बच्चों को शरिअ़्त पर अ़मल करवाना। “रूबय्यिअ़् बिन्ते मुअ़्वविज़ रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं: ❝ अल्लाह के नबी ﷺ ने आ़शूरा की सुब्ह़ अन्सा़र की बस्तियों में (इस ऐलान के साथ) आदमी भेजा कि जिस ने आज इस हाल में सुब्ह़ा की कि वो रोज़ा नहीं था वो बक़िया दिन रोज़ा […]

बेटियों की परवरिश का अज्र।

पोस्ट 40 : बेटियों की परवरिश का अज्र। उक्बा बिन आ़मिर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि मैं ने अल्लाह के रसूल ﷺ को यूं फ़रमाते सुना: ❝ जिस की तीन बेटियां हो, और वो उन पर स़ब्र करे और अपनी ताक़त के बक़द्र उन्हें खिलाए पिलाए और पहनाए तो ये बेटियां कियामत के दिन उस […]

बच्चियों का अच्छा नाम रखना।

पोस्ट 39 : बच्चियों का अच्छा नाम रखना इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; ” उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की एक बेटी थी जिसका नाम आ़स़िया था, अल्लाह के रसूल ﷺ ने उस का नाम (बदल कर) जमीला रक दिया। ” 📕 मुस्लिम: अल अ़दब 3988 ————-J,Salafy———— इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत […]