बीवियों से मिज़ाह़ करना।

पोस्ट 19 :
बीवियों से मिज़ाह़ करना।

आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं:

❝ मैं एक सफ़र में नबी ﷺ के साथ थी, और उस वक़्त बस एक दुबली पतली लड़की ही थी। अल्लाह के नबी ﷺ ने साथ वाले लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल चलो। फ़िर मुझसे कहा: आओ मैं तुम से दौड़ लगाता हूं। लिहाज़ा हम ने दौड़ लगाई और मैं ऐसा दौड़ी कि आप से आगे निकल गई। इस पर आप ख़ामोश रहे। फ़िर एक ज़माना गुज़र गया और मैं बदन में भारी हो गई और इस बात को भी भूल गई। फ़िर एक सफ़र में आप के साथ दोबारा निकली। आप ने लोगों से कहा: तुम लोग आगे निकल जाओ। वो सब आगे रवाना हो गए। फ़िर आप ने मुझ से कहा: आओ, दौड़ लगाएं। इस पर मैं आप के साथ दौड़ी। लेकिन इस मर्तबा आप मुझ से आगे निकल गए। और आप खूब हंसे और कहा: ये उस मर्तबा के बदले है। ❞

📕 अबू दाऊद, मुस्नद अहमद
📕 सिलसिला अस्सहीहा 131

————-J,Salafy————
इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत पर फर्ज़ हैं
(सुनन्ऩ इब्ने माजा ज़िल्द 1, हदीस 224)

Series : ख़्वातीन ए इस्लाम

J.Salafyअबू दाऊदमुस्नद अहमदसिलसिला अस्सहीहासुनन इब्ने माजाहदीस की बातें हिंदी में
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