Dhruv Rathee को जवाब | नबी ﷺ ने चाँद के टुकड़े किये थे या नहीं इसका सबुत जरूर देखे …
कुछ दिनों पहले यूटूबर धुर्व राठी ने अपने एक वीडियो में नबी ﷺ के एक मोजज़े “शक्कुर कमर” यानी चाँद के २ टुकड़े होने के वाकिये को काल्पनिक कहा था, यानी उनके हीसाब से इस घटना (मोज़जे) का ऐतिहासिक और साइंटिफिक कोई सबुत नहीं।
तो बहरहाल आईये उनके जवाब के लिए जनाब ज़ैद पटेल साहब की इस मुख़्तसर सी वीडियो का मुताला करते है।
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कुरान से पहले मुस्लिम कौन सी किताब का अनुसरण करते थे...? » सवाल: कुरान दुनिया मे आने से पहले मुस्लिम कौन सी किताब का अनुसरण करते थे...? » जवाब: कुरआन नाजिल होने से पहले वहां चार किस्म के लोग थे : 1. यहूदी - हज़रत मूसा (अलैह सलाम) के मानने वाले, इनके पास आसमानी किताब थी जिसे आज दुनिया (Old Testament) के नाम से जानती है और उसे ही तोरेत कहा जाता है ये किताब हज़रत मूसा पर नाज़िल हुई थी। 2. ईसाई - हज़रत ईसा (अलैह सलाम) के मानने वाले, हज़रत ईसा (अलैह सलाम) पर इंजील नाम की किताब नाज़िल हुई जिसे दुनिया (new testament) के नाम से जानती है।…
भूत, प्रेत, बदरूह की हकीकत भूत, प्रेत, बदरूह: ये नाम अकसर इन्सानी ज़हन मे आते ही एक डरावनी और खबायिसी शख्सियत ज़ेहन मे आती हैं क्योकि मौजूदा मिडिया ने इन्सान को इस कदर गुमराह कर रखा हैं के जो नही हैं उसको इतनी खूबसूरती के साथ ये मिडिया वाले पेश करते हैं। ..
दज्जाल की हकीकत | दज्जाल कौन है, कहाँ है और कब निकलेगा? Dajjal ki Hakikat in Hindi दज्जाल की हकीकत | दज्जाल कौन है, दज्जाल कहाँ है, और वह कब निकलेगा? ۞ बिस्मिल्लाह-हिर्रहमान-निर्रहीम ۞ अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान बहुत रहमवाला है। सब तारीफें अल्लाह तआला के लिए हैं जो सारे जहान का पालनहार है। हम उसी से मदद व माफी चाहते हैं,अल्लाह की ला’तादाद सलामती, रहमते व बरकतें नाज़िल हों मुहम्मद सल्ल. पर, आप की आल व औलाद और असहाब रजि. पर। व बअद - दज्जाल की हकीकत | दज्जाल कौन है, दज्जाल कहाँ है, और वह कब निकलेगा? दज्जाल का कैद से निकलना भी कयामत से पहले की दस…
मुस्लिम बेहनों के लिए कुरआन सुन्नत से 50 नसीहतें… मुस्लिम बेहनों के लिए कुरआन सुन्नत से 50 नसीहतें बिस्मिल्लाहिरहमानिर्रहीम! अल्हम्दुलिल्लाह वस्सलातु वसल्लामु अला रसूलिल्लाहि (ﷺ) ऐ मुस्लिम बहन! मुस्लिम का मतलब होता है, अल्लाह का फर्माबरदार (आज्ञाकारी) होना. इस्लाम में यह ज़िम्मेदारी मर्द व औरत दोनों पर एक समान रूप से लागू है या'नी इसमें कोई जिन्सी (लैंगिक) भेदभाव नहीं है. इस लेख में कुरआन व सहीह हदीसों की रोशनी में 50 अहमतरीन नसीहतों का ज़िक्र किया गया है, अगर इन पर अमल किया जाए तो औरत अल्लाह की नेक बन्दी बनने के साथ-साथ समाज में इज्जत और वकार (सामाजिक प्रतिष्ठा) भी पा सकती है। लेकिन ये बेहद अफ़सोस की बात…
दुनिया में इतने धर्म कैसे बने ? दुनिया में इतने धर्म कैसे बने ? (इसे पढने में आपके 2 मिनट ज़रूर लगेगे लेकिन इंशाअल्लाह “आपको बहुत सारी बातें स्पष्ट” हो जाएँगी) ईश्वर द्वारा एक ही मानव से सारे संसार की रचना: मानव इतिहास का अध्ययन करने से पता चलता है कि इस धरती पर ईश्वर ने अलग अलग जगह मानव नहीं बसाए, अपितु एक ही मानव से सारा संसार फैला है। निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान दें, आपके अधिकांश संदेह खत्म हो जाएंगे। सारे मानव का मूलवंश एक ही पुरूष तक पहुंचता है, ईश्वर ने सर्वप्रथम विश्व के एक छोटे से कोने धरती पर मानव का एक जोड़ा…
जानिए - रीति-रिवाज कैसे जन्म लेते हैं ? बैज्ञानिकाें के एक ग्रूप ने पाँच बन्दराें काे एक पिंजरे में बन्द किया। अौर उसके ऊपर उन्हाेंने एक सीढी लगाई अौर उसके ऊपर कुछ केले रखे। *अनुसन्धान शुरू हुवा। जब काेई बन्दर केले काे पाने के लिए सीढी पर चढना चाहता ताे बैज्ञानिक नीचे खडे हुए बन्दराें पर ठन्डा पानी बरसाना शुरू कर देते। जब हर बार ऐसा ही हुवा, ताे अब जैसे ही काेई बन्दर केलाें की लालच में ऊपर जाने का प्रयत्न करता ताे नीचे खडे हुए बन्दर उसकाे सीढी पर चढने न देते अौर खूब मारते। कुछ समय बाद केलाें की लालच के बावजूद काेई भी बन्दर…
इस्लाम में शराब पीने की क्यों मनाही है - Why Alcohol prohibited in Islam ? • प्रश्नः इस्लाम में शराब पीने की मनाही क्यों है ? » उत्तरः मानव संस्कृति की स्मृति और इतिहास आरंभ होने से पहले से शराब मानव समाज के लिए अभिशाप बनी हुई है। यह असंख्य लोगों के प्राण ले चुकी है। यह क्रम अभी चलता जा रहा है। इसी के कारण विश्व के करोड़ों लोगों का जीवन नष्ट हो रहा है। समाज की अनेकों समस्याओं की बुनियादी वजह केवल शराब है। अपराधों में वृद्धि और विश्वभर में करोड़ों बरबाद घराने शराब की विनाशलीला का ही मौन उदाहरण है। » पवित्र क़ुरआन में शराब की मनाही - निम्नलिखित पवित्र आयत में…
धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ? • सवाल 1. धर्म क्या है, और इसकी उत्पति कैसे हुयी ? • सवाल 2. आप धर्म को क्यों मानते हो और जीवन मै इसका क्या महतव है ? » जवाब: ● धर्म.........धर्म मौलिक मानवीय मूल्यों (अच्छे गुणों) से आगे की चीज़ है। अच्छे गुण (उदाहरणतः नेकी, अच्छाई, सच बोलना, झूठ से बचना, दूसरों की सहायता करना, ज़रूरतमन्दों के काम आना, दुखियों के दुःख बाँट लेना, निर्धनों निर्बलों से सहयोग करना आदि) हर व्यक्ति की प्रकृति का अभाज्य अंग है चाहे वह व्यक्ति किसी धर्म का अनुयायी हो, या अधर्मी और नास्तिक। धर्म इन गुणों की शिक्षा तो देता है;…
सिरतून नबी (ﷺ) सीरीज | Part 47 ✦ एहसान भुला देने का अंजाम, ✦ उऐना की दगाबाजी और गफारी औरत को अगवा करना, ✦ सुलह हुदैबियाँ , ✦ बैअते रिज्वान ...
क्यों हो जाते है लोग इतने बेहरहम ? क्या इन्हें खुदा का खौफ नहीं है ? सदियों से हम इन्सानो पर हो रहे ज़ुल्म की दास्ताँ सुनते आ रहे है, ज़ालिम इस हद्द तक क़त्ले आम करते है मानो वो इन्सान ही न हो, वो जिस किसी भी रब की इबादत करते हो उसे उसका खौफ ही न हो,.. जैसा की मौजूदा दौर में सीरिया में जो कुछ क़त्ले आम हो रहा है वो किसी हैवानियत से कम नहीं, बेकसूर मर्द और औरतो को बेवजह गोलियों से भुन दिया जाता है, यहाँ तक की मासूम बच्चो को तक नहीं बक्शा जाता ? ‘.... आखिर क्यों इस क़त्ले आम को अंजाम दिया जा रहा है ? क्यों…
शोहर के ख़राब रवैये से हर बीवी के सामने तीन रास्ते होते है शोहर का ख़राब रवैया देखकर हर बीवी के सामने तीन रास्ते होते है, और हर बीवी इन तीन रास्तों मे से एक रास्ता ज़रूर चुनती है, अगर शोहर बीवी के साथ अच्छा सुलूक नही करता, उसे वक़्त नही देता, मोबाइल टीवी और दोस्तों मे मसरूफ़ रहता है, उसे इज़्ज़त व प्यार नही देता, हर वक़्त झगड़ा करता है, गालिया देता है, मां बहन की बातों मे आकार बे इज़्ज़त करता है, मतलब किसी भी ऐतबार से बीवी को राहत के बजाय तकलीफ़ पहुंचाता है, तो उस गलीज़ इंसान की बीवी तीन रास्तों मे से एक रास्ता चुनती है। पहला रास्ता…
औलिया अल्लाह | Allah ke wali (Aulia Allah) ki Pehchan aur Sifat औलिया अल्लाह Aulia Allah (Allah ke Wali) ki Pehchan aur Sifat बिस्मिल्लाहि र्रहमानि र्रहीम शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और बहुत रहम वाला है। सब तअरीफें अल्लाह तआला के लिए हैं। हम उसी का शुक्र अदा करते हैं और उसी से मदद और माफी चाहते हैं। अल्लाह की ला तादाद सलामती, रहमतें और बरकतें नाजिल हो मुहम्मद सल्ल. पर, आप की आल व औलाद और असहाब रजि पर। व बअद! वली का मतलब वलायत अदावत की जिद है। वलायत मुहब्बत और कुर्ब को कहा जाता है और अदावत गुस्से और दूरी को। यानि वलायत के मआनी दोस्ती के…