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Science

कुरआन और विज्ञान (Quran aur Science)

(हिंदी अनुवाद) क़ुरान एक सत्य इश्वर अल्लाह द्वारा अवतरित सम्पूर्ण मानवजाति के लिए एक मार्गदर्शन ग्रन्थ है, कुरान की ६००० आयतों में से १००० से ज्यादा आयतो का सम्बन्ध विज्ञानं से है.. तो आईये इस विडियो के माध्यम से हम इसका अनुसरण करने की कोशिश करते है ! के क्यों इश्वर(अल्लाह) ने कुरान में विज्ञानं […]

Makkhi ke Parr Me Bimaari Aur Shifa: Islam aur Science

∗ Sawaal: Piney Aur Khane Ki Cheez Me Makhhi Gir Jaye Tou Kya Karna Chahiye ? » Jawaab: Abu Dawood Ne Hazrate Abu Huraira (RaziAllahu Anhu) Se Riwayat Ki Hai Ki, Rasool’Allah (Sallallahu Alaihay Wasallam) Ne Farmaya: “Jab Khaane Me Makhkhi Gir Jaye Tou Uss Ko Gota (Dubana) Do – Kyun Ki Uss Ke Ek […]

उंगलियों के पोरों पर कीटनाशक प्रोटीन: जानिये १४०० सालो से क्या कहता है इस्लाम

♥ हदीस: हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: “जब तुम में से कोई खाना खाए तो वह अपना हाथ न पोछें यहां तक कि उसे (उंगलियां) चाट ले या चटाले।” (सही मुस्लिम, अल-अश्रिबःबाब इस्तिह्बाब लअक़िल असाबिअ, हदीस न0 2031) • वैज्ञानिक तथ्य: […]

तरावीह की नमाज़ के वैज्ञानिक फायदे (Scientific Benefits of Salah)

नमाज में हैं तन्दुरुस्ती के राज: मोमिन अल्लाह के हर फरमान को अपनी ड्यूटी समझ उसकी पालना करता है। उसका तो यही भरोसा होता है कि अल्लाह के हर फरमान में ही उसके लिए दुनिया और आखिरत की भलाई छिपी है,चाहे यह भलाई उसके समझ में आए या नहीं। यही सोच एक मोमिन लगा रहता […]

पवित्र क़ुरआन और शरीर रचना विज्ञान

रक्त प्रवाह (Blood circulations) और दूध: – पवित्र क़ुरआन का अवतरण रक्त प्रवाह की व्याख्या करने वाले प्रारम्भिक मुसलमान वैज्ञानिक “इब्न-अन-नफ़ीस” से 600 वर्ष पहले और इस खोज को पश्चिम में परिचित करवाने वाले विलियम हॉरवे से 1000 वर्ष पहले हुआ था। – तक़रीबन 1300 वर्ष पहले यह मालूम हो चुका था कि आंतों के […]

पवित्र क़ुरआन और अंतरिक्ष विज्ञान (Holy-Quran & Space Science)…

– जब से इस पृथ्वी ग्रह पर मानवजाति का जन्म हुआ है, तब से मनुष्य ने हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि प्राकृतिक व्यवस्था कैसे काम करती है, रचनाओं और प्राणियों के ताने-बाने में इसका अपना क्या स्थान है और यह कि आखि़र खु़द जीवन की अपनी उपयोगिता और उद्देश्य क्या है ? […]

पवित्र क़ुरआन और परमाणु: (Holy Quran & Atoms)

*तमाम संस्कृतियों में मानवीय शक्ति वचन और रचनात्मक क्षमताओं की अभिव्यक्ति के प्रमुख साधनों में साहित्य और शायरी (काव्य रचना) सर्वोरि है। विश्व इतिहास में ऐसा भी ज़माना गु़ज़रा है जब समाज में साहित्य और काव्य को वही स्थान प्राप्त था जो आज विज्ञान और तकनीक को प्राप्त है। – गै़र-मुस्लिम भाषा-वैज्ञानिकों की सहमति है […]

नर और मादा पौधे (Holy-Quran & Botany) ….

*पवित्र क़ुरआन और वनस्पति विज्ञान: – प्राचीन काल के मानवों को यह ज्ञान नहीं था कि पौधों में भी जीव जन्तुओं की तरह नर (पुरूष) मादा (महिला) तत्व होते हैं। अलबत्ता आधुनिक वनस्पति विज्ञान यह बताता है कि पौधे की प्रत्येक प्रजाति में नर एवं मादा लिंग होते हैं। यहां तक कि वह पौधे जो […]

पशुओं और परिंदों का समाजी जीवन …

*पवित्र क़ुरआन और जीव विज्ञान (Holy Quran & Biology) ♥ अल-क़ुरआन: “धरती पर चलने वाले किसी पशु और हवा में परों से उड़ने वाले किसी परिंदे को देख लो यह सब तुम्हारे ही जैसी नस्लें हैं और हम ने उनका भाग्य लिखने में कोई कसर नहीं छोड़ी हैः फिर यह सब अपने रब की ओर […]