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ख्वातीन-ए-इस्लाम

बेटियों की परवरिश का अज्र।

पोस्ट 40 : बेटियों की परवरिश का अज्र। उक्बा बिन आ़मिर रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं कि मैं ने अल्लाह के रसूल ﷺ को यूं फ़रमाते सुना: ❝ जिस की तीन बेटियां हो, और वो उन पर स़ब्र करे और अपनी ताक़त के बक़द्र उन्हें खिलाए पिलाए और पहनाए तो ये बेटियां कियामत के दिन उस […]

बच्चियों का अच्छा नाम रखना।

पोस्ट 39 : बच्चियों का अच्छा नाम रखना इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि; ” उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु की एक बेटी थी जिसका नाम आ़स़िया था, अल्लाह के रसूल ﷺ ने उस का नाम (बदल कर) जमीला रक दिया। ” 📕 मुस्लिम: अल अ़दब 3988 ————-J,Salafy———— इल्म हासिल करना हर एक मुसलमान मर्द-और-औरत […]

दय्यूस कौन है ?

पोस्ट 38 : दय्यूस कौन है ? इब्ने उमर रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ तीन लोगों पर अल्लाह ने जन्ऩत हराम कर दी है। शराब से मस्त रहने वाला, मां बाप से बदसुलूकी करने वाला और दय्यूस जो अपने घर में ख़बासत (यानी बेहयाई) पर इक़रार कर […]

घर की निगरानी और बच्चों की सरपरस्ती औ़रतों के ज़िम्मे है।

पोस्ट 37 : घर की निगरानी और बच्चों की सरपरस्ती औ़रतों के ज़िम्मे है। अब्दुल्लाह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “तुम में से हर एक चरवाहा (सरपरस्त, निगरां) है और हर एक से उसके मातेह़तों के बारे में पूछ होगी । लिहाज़ा अमीर जो लोगों पर ज़िम्मेदार होता […]

नबी ﷺ का औ़रतों से बैअ़्त लेना।

पोस्ट 36 : नबी ﷺ का औ़रतों से बैअ़्त लेना। अल्लाह के रसूल ﷺ की ज़ौजा मोहतरमा आ़ईशा रज़िअल्लाहु अ़न्हा फ़रमाती हैं: “ईमान वाली औ़रतें जब अल्लाह के रसूल ﷺ के पास हिज़्रत कर के आती थीं तो अल्लाह तआ़ला के इस कौल से उन का इम्तिहान होता था। یٰۤاَیُّہَا النَّبِیُّ اِذَا جَآءَکَ الۡمُؤۡمِنٰتُ یُبَایِعۡنَکَ […]

बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत।

पोस्ट 35 : बग़ैर मेहरम से सफ़र व अजनबी से ख़लवत। इब्ने अ़ब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, उन्होंने अल्लाह के नबी ﷺ को यूं फ़रमाते सुना कि: ❝ कोई मर्द किसी (नामेहरम) औ़रत के साथ ख़लवत इख़्तियार ना करे, और कोई औ़रत मेहरम के बग़ैर सफ़र ना करे। (ये सुन कर) एक शख़्स़ […]

ग़ैर मेहरम औरत को छुना।

पोस्ट 34 : ग़ैर मेहरम औरत को छुना। माअ़्किल बिन यसार से रिवायत है कि “अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया:” ❝ तुम में से किसी के सर में लोहे की कील ठोक दी जाए ये इस से बेहतर है कि वो किसी औ़रत को छुवे जो उस के लिए ह़लाल ना हो। ❞ 📕 त़बरानी; […]

किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना

पोस्ट 33 : किसी औरत की ज़ीनत का तज़्किरा शोहर से करना। इब्ने मस्ऊद रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ कोई औ़रत अपने शोहर से किसी औ़रत की स़िफ़ात इस त़रह़ बयान ना करे कि गोया वो उस औ़रत को खुद देख रहा हो। ❞  📕 बुख़ारी: अऩ्निकाह 4241, […]

उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम

पोस्ट 32 : उर्यानियत और फह़ाशी का अंजाम। अबू हुरैराह रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जहऩ्नमी लोगों की दो किस्में हैं जिन्हें मैं ने नहीं देखा है। एक तो वो लोग होंगे जिन के हाथों में बैल की दुमों की त़रह़ कोड़े होंगे जिन से वो लोगों […]

औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत

पोस्ट 31 : औरत के लिए घर से खुश्बू लगा कर निकलने की हुर्मत। अबू मूसा अश्अ़री रज़िअल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि, अल्लाह के नबी ﷺ ने फ़रमाया: ❝ जो भी औ़रत इत़्र लगा कर लोगों के करीब से गुज़रती है ताकि वो उसकी खुश्बू मह़सूस करें तो ऐसी औ़रत ज़िनाकार औ़रत है और […]