एक अहेम अमल : अगली सफ में नमाज़ अदा करना

रसलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया :

“अल्लाह तआला और उसके फरिश्ते पहली सफ वालों पर रहमत भेजते हैं और मोअज्जिन के बुलंद आवाज़ के बकद्र उस की मगफिरत कर दी जाती है, खुश्की और तरी की हर चीज़ उस की आवाज़ की तसदीक करती है और उस के साथ नमाज़ पढ़ने वालों का सवाब उस को भी मिलेगा।”

📕 निसाई : ६४७

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