3. रबी उल आखिर | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

3. रबी उल आखिर | सिर्फ़ 5 मिनट का मदरसा

(1). हुजूर (ﷺ) गारे हिरा में, (2). इंसान की हड्डियों में अल्लाह की कुदरत, (3). ज़कात अदा करना, (4). छींक आए तो मुंह पर कपड़ा या हाथ रख ले, (5). अपने घरवालों पर खर्च करने की फ़ज़ीलत, (6). तिजारत में झूट बोलने का गुनाह, (7). बद नसीबी की पहचान, (8). , (9). नींद न आने का इलाज, (10). अपनी औलाद को कत्ल न करो।

और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” [कुरआन १७:२३]

और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।” [कुरआन १७:२३]

अच्छाई उदारता नहीं है: 

माता-पिता के साथ अच्छा बर्ताव अनिवार्य है उदारता नहीं।

“और (हे मनुष्य!) तेरे पालनहार ने आदेश दिया है कि उसके सिवा किसी की इबादत (वंदना) न करो तथा माता-पिता के साथ उपकार करो।”

(कुरआन १७:२३)

Ref: Wisdom Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

Sataaye hue ki aah se bacho, kyunki uske aur Allah ke bich koi rukawat nahi hoti

सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती।

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फ़रमाया:

❝ सताए हुए की आह से बचो, क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती। ❞

📕 बुख़ारी

| #IslamicQuotes by Quotes.Ummat-e-Nabi.com

अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ। [हदीस: इब्ने माजाह 4034] #IplusTV #IslamicQuotes

अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ। [हदीस: इब्ने माजाह 4034]

۞ हदीस : अल्लाह के पैगम्बर (ﷺ) ने फ़रमाया :

“अल्लाह के साथ शिर्क न करना अगरचे तुम टुकड़े टुकड़े कर दिए जाओ और जला दिए जाओ।”

सत्य साधक के लिए कुरआन मार्गदर्शक है। “वास्तव में, ये कुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधी है…” (कुरआन 17:9)

सत्य साधक के लिए कुरआन मार्गदर्शक है। “वास्तव में, ये कुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधी है…” (कुरआन 17:9)

सत्य साधक के लिए कुरआन  मार्गदर्शक है।

“वास्तव में, ये कुरआन वह मार्ग दिखाता है, जो सबसे सीधी है…”

(कुरआन  17:9)

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संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ)

संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।” (हजरत मुहम्मद ﷺ)

अनिश्चित्व/ संदेह में शांति नहीं।

संदेह पैदा करनेवाले को छोड़कर निःसंदेह वाले को स्वीकार करें। सत्य शांति है और असत्य शंका।”

(हजरत मुहम्मद ﷺ)

Ref: Wisdom  Media School | #IslamicQuotes by Ummat-e-Nabi.com

इस्लाम और हमारा घर बात में नरमी और बेपर्दगी

Baat me Narmi aur Bepardagi | Post 13 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣3⃣ “इस्लाम और हमारा घर” बात में नरमी और बेपर्दगी अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया: “ऐ नबी की बीवियों! तुम

Kuffaro ki Mushabiyat me Shirqat | Post 12 | Islam aur Humara Ghar

Kuffaro ki Mushabiyat me Shirqat | Post 12 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣2⃣ “इस्लाम और हमारा घर” कुफ्फारों की मुशाबियत में शिरकत अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “जो किसी क़ौम

Baaz Halaaq karne waali cheeze | Post 11 | Islam aur Humara Ghar

Baaz Halaaq karne waali cheeze | Post 11 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣1⃣ “इस्लाम और हमारा घर” बाज़ हलाक करने वाली चीज़ें इब्ने अब्बास रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: “अल्लाह के रसूल

Gaane aur Mausiqi ki Mumaniat | Post 10 | Islam aur Humara Ghar

Gaane aur Mausiqi ki Mumaniat | Post 10 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣0⃣ “इस्लाम और हमारा घर” गाने और मौसीकी मुमानियत इमरान बिन हुसैन रज़िअल्लाहु अ़न्हु फ़रमाते हैं: अल्लाह के रसूल

Kutte ko Ghar se Nikalna | Post 9 | Islam aur Humara Ghar

Kutte ko Ghar se Nikalna | Post 9 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 9⃣ “इस्लाम और हमारा घर” कुत्ते को घर से निकालना अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “फ़रिश्ते ऐसे घर

Ghar me Ibadat ki Jaye | Post 5 | Islam aur Humara Ghar

Ghar me Ibadat ki Jaye | Post 5 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 5⃣ “इस्लाम और हमारा घर” घर में इबादत की जाए – नमाज़ अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “जब

Nek Biwi ka Intekhab | Post 2 | Islam aur Humara Ghar

Nek Biwi ka Intekhab | Post 2 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 2⃣ इस्लाम और हमारा घर नेक बीवी का इंतिखाब अल्लाह के रसूल ﷺ ने फ़रमाया: “औरत से चार चीज़ों

Ghar Sukun ki Jagah hai | Post 1 | Islam aur Humara Ghar

Ghar Sukun ki Jagah hai | Post 1 | Islam aur Humara Ghar

पोस्ट 1⃣ इस्लाम और हमारा घर घर सुकून की जगह है “अल्लाह तआ़ला ने फ़रमाया:” और अल्लाह ने तुम्हारे घरों

और व्यभिचार (adultery) के निकट भी न जाओ।

और व्यभिचार (adultery) के निकट भी न जाओ।

कल्याणकारी मधुर संदेश

इस्लाम समाज में फैली किसी भी बुराई जैसे (चोरी/बलात्कार/शराब…आदि) से न सिर्फ रोकता है बल्कि उसे मिटाने के तरीके भी बताता है।

“और ज़िना (व्यभिचार) के निकट भी न जाओ, नि:सन्देह यह बहुत ही घृणित काम और बुरा रास्ता है।”

पवित्र कुरआन (17:32)

सबसे पहले तो इस्लाम लोगों को आध्यात्मिक स्तर पर इतना उठाता है कि वो ऐसा कार्य न करें। इसके बाद भी यदि कुछ लोग (स्त्री-पुरुष) यौन-अपराध कर बैठे तो इस्लाम ऐसे लोगों पर अपनी क़ानून व्यवस्था को क्रियान्वित (लागु) कर देता है।

दोषी पुरुष-स्त्री-दोनों या कोई एक-यदि विवाहित हैं तो संगसार कर देने (मार डालने) की सज़ा दी जाती है। यदि दोनों, या कोई एक,
अविवाहित हो तो ‘सौ कोड़े मारने की सज़ा निर्धारित की गई है।

तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।

तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।

पैग़म्बर मुहम्मद(ﷺ) ने फ़रमाया: “तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे

Al-Quran: Jo Zakaat tum Allah ki khushnoodi haasil karne ke iraade se dete ho

31 Aug | Al-Quran: Jo Zakaat tum Allah ki khushnoodi haasil karne ke iraade se dete ho

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۞ Jo Zakaat tum Allah ki khushnoodi haasil karne ke iraade se dete ho, to jo log bhi aisa karte hain, woh (apne maal ko) kayi guna badha lete hain..”

📕 Quran; Ar-Rum 30:39

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۞ जो ज़कात तुम अल्लाह की खूशनूदी हासिल करने के इरादे से देते हो, तो जो लोग भी ऐसा करते हैं, वह (अपने माल को) कई गुना बढा लेते हैं।”

📕 अल-कुरान; सुरह अर-रूम ३०:३९

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۞ When you give Zakaat (Charity) seeking Allah’s pleasure and whoever does the same. They find their wealth increased Manifold.”

📕 Quran; Ar-Rum 30:39

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۞ जेव्हा तुम्ही अल्लाह ची इच्छा शोधत ज़कात देता, आणि जो कोणी असे करतो, त्यांची संपती अनेक पटीने वाढली जाते.”

📕 अल-कुरान; सुरह अर-रूम ३०:३९

Al-Quran: Badi kharaabi hai aise shakhs ke liye, jo peeth pichhe dusron par Aib lagaane waala

22 Aug | Al-Quran: Badi kharaabi hai aise shakhs ke liye, jo peeth pichhe dusron par Aib lagaane waala

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۞ Badi kharaabi hai aise shakhs ke liye, jo peeth pichhe dusron par Aib lagaane waala (aur) munh par taana dene ka aadi ho.”

📕 Quran; Al-Humaza 104:1

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۞ बडी खराबी है एसे शख्स के लिये, जो पीठ पीछे दूसरों पर एब लगाने वाला (और) मुंह पर ताना देने का आदी हो।”

📕 अल-कुरान; सुरह हुमजा १०४:१

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۞ Woe to him who is addicted to backbiting and taunting people.”

📕 Quran; Al-Humaza 104:1

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۞ मोठी कमी आहे त्या व्यक्ती वर, जो पाठीमागे दुसऱ्यांवर लानछन लावनारा तर (तोंडावर उलट सुलट बोलनारा असेल).”

📕 अल-कुरान; सुरह हुमजा १०४:१

जो कोई दिल से ‘अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन’ कहेगा उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी

🌟 रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया :

❝जो कोई दिल से अल्हम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन कहेगा (यानी ज़ुबान के साथ दिल से भी इसका यकीन हो की तमाम तारीफें अल्लाह के लिए हैं और वही सारे जहाँ का पालने वाला है) तो उसके लिए 30 नेकियां लिखी जाएगी और 30 गुनाह मिटा दिए जाएँगे”❞

📕 मसनद अहमद , हदीस 7813-सहीह 


⭐ रसूलअल्लाह (सलअल्लाहू अलैही वसल्लम) ने फरमाया:

❝अलहम्दुलिल्लाह कहने से मीज़ान भर जाता है❞

📕 सुनन इब्न माजा, जिल्द 1, 280-सहीह

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Kisi bhi neki ko Mamuli mat samjho

अल्लाह के रसूल (ﷺ) ने फ़रमाया: ❝नेकी के किसी काम को हक़ीर मत समझो।❞ – (सहीह मुस्लिम: २६२६ © www.ummat-e-nabi.com/home)

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