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हुजूर (ﷺ) का मुअजिज़ा | Huzoor ﷺ Ka Mojza

हज़रत साबित (र.अ) के लिये पेशीनगोई

आप (ﷺ) ने हज़रत साबित बिन कैस (र.अ) से फरमाया था:

“क्या तुम इस पर राजी नहीं के एक अच्छी जिन्दगी बसर करो और शहीद की मौत मरो
और फिर जन्नत में दाखिल हो जाओ?

तो हजरत साबित ने फरमाया : या रसूलल्लाह (ﷺ) हाँ क्यों नहीं।

चुनान्चे हज़रत साबित (र.अ) ने अच्छी जिन्दगी बसर की
और फिर अल्लाह की राह में शहीद हो गए।”