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गुनहगारों के साथ क़ब्र का सुलूक

रसलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब गुनहगार या काफिर बन्दे को दफन किया जाता है, तो क़ब्र उससे कहती है : तेरा आना नामुबारक हो, मेरी पीठ पर चलने वालों […]

माल व औलाद क़ुर्बे खुदावन्दी का जरिया नहीं

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है :  “तुम्हारे माल और तुम्हारी औलाद ऐसी चीज़ नहीं जो तुम को दर्जे में हमारा मुकर्रब बना दे, मगर हाँ! जो ईमान लाए और […]

कब्र के जियारत की दुआ

रसूलुल्लाह (ﷺ) सहाब-ए-किराम को जियारते कुबूर (क़ब्र के जियारत) की यह दुआ सिखाते थे: اَلسَّلَامُ عَلَیْکُمْ اَھْلَ الدِّیَارِ مِنَ الْمُؤْمِنِیْنَ وَالْمُسْلِمِیْنَ ،وَاِنَّااِنْ شَآئَ اللّٰہُ بِکُمْ لَلاَحِقُوْنَ أَسْأَلُ اللّٰہَ لَنَا وَلَکُمُ […]

हुजूर (ﷺ) को गैबी मदद

सहाब-ए-किराम फर्माते हैं के हम एक सफर में अल्लाह के रसूल के साथ चार सौ आदमी थे। हम लोगों ने ऐसी जगह पड़ाव डाला जहाँ पीने के लिये पानी नहीं […]

हज्जतुल विदाअ में आखरी खुतबा

९ जिल हज्जा १० हिजरी में हुजूर (ﷺ) ने मैदाने अरफ़ात में एक लाख से ज़ियादा सहाब-ए-किराम के सामने आखरी खुतबा दिया, जो इल्म व हिकमत से भरा हुआ था […]

क्या ईमान वालों के लिये अभी तक ऐसा वक़्त नहीं आया?

कुरआन में अल्लाह तआला फर्माता है : “क्या ईमान वालों के लिये अभी तक ऐसा वक़्त नहीं आया, के उनके दिल अल्लाह की नसीहत और जो दीने हक़ नाज़िल हुआ […]

गाय के दूध में शिफा है

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया : “गाय का दूध इस्तेमाल किया करो, क्योंकि वह हर किस्म के पौधों को चरती है (इस लिए) उसके दूध में हर बीमारी से शिफ़ा है।” […]

कामयाब कौन?

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “कामयाब हो गया वह शख्स जिसने इस्लाम क़बूल किया और उसको जरूरत के बकद्र रोज़ी मिली और अल्लाह तआला ने उस को दी हुई रोज़ी […]

जन्नत में दाखिल करने वाली चीज़

रसूलुल्लाह (ﷺ) से पूछा गया के, “लोगों को सब से ज़ियादा जन्नत में दाखिल करने वाली क्या चीज़ है?” आप (ﷺ) ने फर्माया : “अल्लाह से डरना और अच्छे अख्लाक़“, […]

सोने से पहले बिस्तर झाड़ लेना

हजरत अबू हुरैरा (र.अ) फर्माते हैं के, रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब तुम में से कोई बिस्तर पर आए तो उसे किसी कपडे से झाड़ ले, उसे नहीं मालूम […]

इन्सान का सर कुदरत का शाहकार

इन्सान के सर को देखिये अल्लाह तआला ने कैसा मुदव्वर, गोल और खूबसूरत बनाया है और उसमें पूरे जिस्म के कीमती खजाने छुपा रखे हैं, इन्सान का सर पचपन हड्डियों […]

हज्जतुल विदाअ

फतहे मक्का के बाद जब पूरे अरब में मजहबे इस्लाम की खूबियाँ अच्छी तरह वाजेह हो गई और लोग फौज दर फ़ौज शिर्क व बुतपरस्ती को छोड़ कर इस्लाम कबूल […]

मोमिन के साथ क़ब्र का सुलूक

रसलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “जब मोमिन बन्दे को दफन किया जाता है, तो कब्र उस से कहती है: तुम्हारा आना मुबारक हो, मेरी पुश्त पर चलने वालों में तुम […]

आँख की रोशनी का तेज होना

हज़रत आयशा (र.अ)  फर्माती हैं के आप (ﷺ) अंधेरे में इस तरह देखते थे, जिस तरह रौशनी और उजाले में देखते थे। 📕 बैहकी फी दलाइलिन्नुबुब्यह: २३२६

वफ्दे नजरान की मदीने में आमद

नजरान यमन के एक शहर का नाम है। यहाँ के लोग ईसाई थे। सन ९ हिजरी में रसूलुल्लाह (र.अ)  ने अहले नजरान को इस्लाम की दावत दी। तो साठ अफराद […]

माल जमा करने का नुकसान

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया : “तुम माल व दौलत जमा न करो, क्योंकि उस की वजह से तुम दुनिया ही की तरफ माइल हो जाओगे।” 📕 तिर्मिज़ी : २३२८. अन […]

मुंह में रतूबत (थूक)

अल्लाह तआला ने मुंह में तरी को पोशीदा रखा है के खाना मुंह में रख कर चबाते वक्त वह तरी पैदा होती है और खाने के साथ मिल कर उसके […]

गज्व-ए-तबूक

फतहे मक्का के बाद पूरे अरब में इस्लामी दावत व तब्लीग़ की असल हकीक़त वाजेह हो गई और लोग इस्लाम में जौक़ दर जौक दाखिल होने लगे, ऐसे मौके पर […]

ग़रीबों से मुहब्बत और उन के करीब रहने की वसिय्यत

हज़रत अबू जर (र.अ) फर्माते हैं के मुझे मेरे दोस्त रसूलुल्लाह (ﷺ) ने वसिय्यत फर्माई : “मैं अपने से जियादा मालदार की तरफ न देखू और अपने से कम दर्जा […]

जहन्नम का जोश

कुरआन में अल्लाह तआला फ़र्माता है : “जब जहन्नम (क़यामत के झुटलाने वालों) को दूर से देखेगी, तो वह लोग (दूर ही से) उस का जोश व खरोश सुनेंगे और […]

सूद खाने का अजाब

रसूलुल्लाह (ﷺ) फ़रमाते हैं के : “मेराज की शब मेरा गुजर चंद ऐसे लोगों पर हुआ जिन के पेट धड़ों के मानिन्द बड़े बड़े थे, जिस में सांप थे, जो […]

सफा पहाड़ पर इस्लाम की दावत

नुबुव्वत मिलने के बाद रसूलुल्लाह (ﷺ) तीन साल तक पोशीदा तौर पर दीन की दावत देते रहे, फिर अल्लाह तआला की तरफ से हुजूर (ﷺ) को खुल्लमखुल्ला इस्लाम की दावत […]

मौत को कसरत से याद करने की फ़ज़ीलत

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़र्माया : “दिलों में भी ज़ंग लगता है, जैसे के लोहे में जब पानी लग जाता है” तो पूछा गया (दिलों का ज़ंग) कैसे दूर होगा? रसूलुल्लाह […]

सिरका के फवाइद

रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “सिरका क्या ही बेहतरीन सालन है।” 📕 मुस्लिम: ५३५०, अन आयशा रज़ि० फायदा : मुहद्दिसीन हज़रात कहते हैं के सिरका तिल्ली के बढ़ने को रोकता है, […]

हूर की खूबसूरती

रसूलल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया: “अगर जन्नत की कोई औरत ज़मीन वालों की तरफ झाँक ले तो ज़मीन व आसमान के दर्मियान की तमाम चीज़ों को रौशन कर दे और उस […]

अज़ाबे कब्र से बचने की दुआ

रसूलुल्लाह (ﷺ) यह दुआ कसरत से फ़रमाते थे: तर्जमा: ऐ अल्लाह ! मैं अज़ाबे कब्र, अज़ाबे दोजख, ज़िंदगी और मौत के फितने और दज्जाल के फितने से तेरी पनाह चाहता […]

दस्त (बकरी की अगली रान) के फवाइद

रसूलुल्लाह (ﷺ) को दस्त (अगली रान) का गोश्त बहुत पसन्द था। 📕 बुखारी : ३३४०, अन अबी हुरैरह (र.अ) फायदा : अल्लामा इब्ने क़य्यिम ने लिखा है के बकरी के […]