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Daily Hadees

तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।

पैग़म्बर मुहम्मद(ﷺ) ने फ़रमाया: “तुम में सबसे अच्छा वह है जो अपनी क़ौम के लोगों के अत्याचार का विरोध करे और स्वयं वह पाप न करे।” 📕 अबू दाऊद Source: islamshantihai.com

सताए हुए की ‘आह’ से बचो क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती।

पैग़म्बर मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया कि: “सताए हुए की ‘आह’ से बचो क्यूंकि उसके और अल्लाह के मध्य कोई रुकावट नहीं होती।” (बुख़ारी) Source: islamshantihai.com

जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है

♥ हदीसे नबवी (ﷺ) : रसूलअल्लाह (सलल्लाहू अलैहि वसल्लम) फरमाते है, “जो शख्स रिश्तेदारों का हक अदा करने के लिए सदके का दरवाज़ा खोलता है तो अल्लाह तआला उस की दौलत को बढ़ा देता है” – (मुस्नदे अहमद: 9624) Source: islamshantihai.com

किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।

पैग़म्बर मुहम्मद ने फरमाया: “किसी मोमिन (आस्तिक) के लिए ये उचित नहीं कि उसमें लानत करते रहने की आदत हो।“ 📕 तिरमिज़ी Source: islamshantihai.com

इस्लाम सुलह और शांति सिखाता है

♥ मफहूम-ऐ-हदीस ﷺ अल्लाह के नबी (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने एक रोज़ सहाबा से फ़रमाया: “क्या मै तुम्हे उस चीज़ के बारे में न बता दू जिसका दर्जा रोज़े , नमाज़ , सदके से भी ज्यादा ?” लोगो ने जवाब दिया: ए अल्लाह के रसूल! हमे जरुर बताये! आप (सलल्लाहो अलैहि वसल्लम) ने फ़रमाया: “उन […]

Sharab se bacho kyunki wo har burayi ki chabi hai

❝ शराब से बचो इसलिए क्यूंकि वो हर बुराई की चाबी है।❞ अल्लाह के अंतिम पैगम्बर (ﷺ) (हदिस: मुस्तदरक: ७३१३) ❝ Sharab se bacho isiliye kyunki wo har burayi ki chabi hai.❞ Allah ke Rasool (ﷺ) (Hadith: Mustadrak: 7313) ❝ Do not drink wine, for it is the key to all evils.’” Sayings of Prophet (ﷺ) […]

तलाक, हलाला और खुला की हकीकत (Talaq, Halala aur Khula Ki Hakikat)

• तलाक की हकीकत: यूं तो तलाक़ कोई अच्छी चीज़ नहीं है और सभी लोग इसको ना पसंद करते हैं इस्लाम में भी यह एक बुरी बात समझी जाती है लेकिन इसका मतलब यह हरगिज़ नहीं कि तलाक़ का हक ही इंसानों से छीन लिया जाए, पति पत्नी में अगर किसी तरह भी निबाह नहीं […]

नज़र का फ़ित्ना – अपनी नज़रे नीची रखे और अपनी शर्मगाहो की हिफ़ाज़त करें

नज़र एक ऐसा फ़ित्ना हैं जिस पर कोई रोक नही जब तक कोई इन्सान खुद अपनी नज़र को बुराई से न फ़ेर ले। अमूमन नज़र के फ़ित्ने से आज का इन्सान महफ़ूज़ नही क्योकि टीवी, अखबार, मिडिया के ज़रीये जिस तरह इन्सान के जज़्बात को जिस तरह भड़काने का मौका दिया जा रहा हैं उससे […]