नमाज का आसान तरीका हिंदी में

✦ नमाज़ की शर्ते

नमाज़ की कुछ शर्ते हैं. जिनका पूरा किये बिना नमाज़ नहीं हो सकती या सही नहीं मानी जा सकती. कुछ शर्तो का नमाज़ के लिए होना ज़रूरी है, तो कुछ शर्तो का नमाज़ के लिए पूरा किया जाना ज़रूरी है. तो कुछ शर्तो का नमाज़ पढ़ते वक्त होना ज़रूरी है, नमाज़ की कुल शर्ते कुछ इस तरह से है.

  1. बदन का पाक होना
  2. कपड़ो का पाक होना
  3. नमाज़ पढने की जगह का पाक होना
  4. बदन के सतर का छुपा हुआ होना
  5. नमाज़ का वक्त होना
  6. किबले की तरफ मुह होना
  7. नमाज़ की नियत यानि इरादा करना

ख़याल रहे की पाक होना और साफ होना दोनों अलग अलग चीज़े है. पाक होना शर्त है. साफ होना शर्त नहीं है. जैसे बदन, कपडा या जमीन नापाक चीजों से भरी हुवी ना हो. धुल मिट्टी की वजह से कहा जा सकता है की साफ़ नहीं है, लेकिन पाक तो बहरहाल है.

१. बदन का पाक होना

– नमाज़ पढने के लिए बदन पूरी तरह से पाक होना ज़रूरी है. बदन पर कोई नापाकी लगी नहीं होनी चाहिए. बदन पर कोई गंदगी लगी हो या नापाकी लगी हो तो वजू या गुस्ल कर के नमाज़ पढनी चाहिए.

२. कपड़ो का पाक होना

– नमाज़ पढने के लिए बदन पर पहना हुआ कपडा पूरी तरह से पाक होना ज़रूरी है. कपडे पर कोई नापाकी लगी नहीं होनी चाहिए. कपडे पर कोई गंदगी लगी हो या नापाकी लगी हो तो कपडा धो लेना चाहिए या दूसरा कपडा पहन कर नमाज़ पढ़ लेनी चाहिए.

३. नमाज़ पढने की जगह का पाक होना

– नमाज़ पढने के लिए जिस जगह पर नमाज पढ़ी जा रही हो वो जगह पूरी तरह से पाक होना ज़रूरी है. जगह पर अगर कोई गंदगी लगी हो या नापाकी लगी हो तो जगहधो लेनी चाहिए या दूसरी जगह नमाज़ पढ़ लेनी चाहिए.

४. बदन के सतर का छुपा हुआ होना

– नाफ़ के निचे से लेकर घुटनों तक के हिस्से को मर्द का सतर कहा जाता है. नमाज़ में मर्द का यह हिस्सा अगर दिख जाये तो नमाज़ सही नहीं मानी जा सकती.

५. नमाज़ का वक्त होना

– कोई भी नमाज़ पढने के लिए नमाज़ का वक़्त होना ज़रूरी है. वक्त से पहले कोई भी नमाज़ नहीं पढ़ी जा सकती. और वक़्त के बाद पढ़ी गयी नमाज़ कज़ा नमाज़ मानी जाएगी.

६. किबले की तरफ मुह होना

– नमाज़ क़िबला रुख होकर पढ़नी चाहिए. मस्जिद में तो इस बारे में फिकर करने की कोई बात नहीं होती, लेकिन अगर कहीं अकेले नमाज़ पढ़ रहे हो तो क़िबले की तरफ मुह करना याद रखे

७. नमाज़ की नियत यानि इरादा करना

– नमाज पढ़ते वक़्त नमाज़ पढ़ें का इरादा करना चाहिए.


✦ वजू का तरीका

नमाज़ के लिए वजू शर्त है. वजू के बिना आप नमाज़ नहीं पढ़ सकते. अगर पढेंगे तो वो सही नहीं मानी जाएगी. वजू का तरीका यह है की आप नमाज़ की लिए वजू का इरादा करे. और वजू शुरू करने से पहले बिस्मिल्लाह कहें. और इस तरह से वजू करे.

  1. कलाहियों तक हाथ धोंये
  2. कुल्ली करे
  3. नाक में पानी चढ़ाये
  4. चेहरा धोंये
  5. दाढ़ी में खिलाल करें
  6. दोनों हाथ कुहनियों तक धोंये
  7. एक बार सर का और कानों का मसाह करें
    (मसह का तरीका यह है की आप अपने हाथों को गिला कर के एक बार सर और दोनों कानों पर फेर लें. कानों को अंदर बाहर से अच्छी तरह साफ़ करे.)
  8. दोनों पांव टखनों तक धोंये.

यह वजू का तरीका है. इस तरीके से वजू करते वक्त हर हिस्सा कम से कम एक बार या ज़्यादा से ज़्यादा तीन बार धोया जा सकता है. लेकिन मसाह सिर्फ एक ही बार करना है. इस से ज़्यादा बार किसी अज़ाको धोने की इजाज़त नहीं है, क्योंकि वह पानी की बर्बादी मानी जाएगी और पानी की बर्बादी करने से अल्लाह के रसूल ने मना किया है.


✦ गुस्ल का तरीका

अगर आपने अपने बीवी से सोहबत की है, या फिर रात में आपको अहेतलाम हुआ है, या आपने लम्बे अरसे से नहाया नहीं है तो आप को गुस्ल करना ज़रूरी है. ऐसी हालत में गुस्ल के बिना वजू नहीं किया सकता. गुस्ल का तरीका कुछ इस तरह है.

  1. दोनों हाथ कलाहियो तक धो लीजिये
  2. शर्मगाह पर पानी डाल कर धो लीजिये
  3. ठीक उसी तरह सारी चीज़ें कीजिये जैसे वजू में करते हैं
  4. कुल्ली कीजिये
  5. नाक में पानी डालिए
  6. और पुरे बदन पर सीधे और उलटे जानिब पानी डालिए
  7. सर धो लीजिये
  8. हाथ पांव धो लीजिये.

यह गुस्ल का तरीका है. याद रहे ठीक वजू की तरह गुस्ल में भी बदन के किसी भी हिस्से को ज़्यादा से ज़्यादा ३ ही बार धोया जा सकता है. क्योंकि पानी का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल इस्लाम में गैर पसंदीदा अमल माना गया है.


✦ नियत का तरीका

नमाज़ की नियत का तरीका यह है की बस दिल में नमाज़ पढने का इरादा करे. आपका इरादा ही नमाज़ की नियत है. इस इरादे को खास किसी अल्फाज़ से बयान करना, जबान से पढना ज़रूरी नहीं.
नियत के बारे में तफ्सीली जानकारी के लिए इस लिंक पे क्लिक करे

Namaz Ki Niyyat


✦ अज़ान और अज़ान के बाद की दुआ

अज़ान

अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर

अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लला
अशहदु अल्लाह इलाहा इल्लला

अशहदु अन्न मुहम्मदुर्रसुल अल्लाह
अशहदु अन्न मुहम्मदुर्रसुल अल्लाह

हैंय्या अलस सल्लाह
हैंय्या अलस सल्लाह

हैंय्या अलल फलाह
हैंय्या अलल फलाह

अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर
ला इलाहा इल्ललाह

यह है वो अज़ान जो हम दिन में से पांच मर्तबा हर रोज सुनते है. जब हम यह अज़ान सुनते हैं, तब इसका जवाब देना हमपर लाजिम आता है. और यह जवाब कैसे दिया जाये? बस वही बात दोहराई जाये जो अज़ान देने वाला कह रहा है. वो कहें अल्लाहु अकबर तो आप भी कहो अल्लाहु अकबर…. इसी तरह से पूरी अज़ान का जवाब दिया जाये तो बस ‘हैंय्या अलस सल्लाह’ और ‘हैंय्या अलल फलाह’ के जवाब में आप कहें दो ‘ला हौला वाला कुव्वता इल्ला बिल्लाह’


अज़ान के बाद की दुआ

“अल्लाहुम्मा रब्बा हाज़ीहिल दावती-त-ताम्मति वस्सलातिल कायिमति आती मुहम्मद नील वसिलता वल फ़ज़ीलता अब’असहू मक़ामम महमूद निल्ल्जी अ’अत्तहू”
यह दुआ अज़ान होने के बाद पढ़े. इसका मतलब है, “ऐ अल्लाह! ऐ इस पूरी दावत और खड़े होने वाली नमाज़ के रब! मुहम्मद (स.) को ख़ास नजदीकी और ख़ास फजीलत दे और उन्हें उस मकामे महमूद पर पहुंचा दे जिसका तूने उनसे वादा किया है. यकीनन तू वादा खिलाफी नहीं करता.”
अज़ान और इकामत के बिच के वक्त में दुआ करना बहेतर मना गया है.


✦ नमाज़ का तरीका

नमाज़ का तरीका बहोत आसान है. नमाज़ या तो २ रक’आत की होती है, या ३, या ४ रक’आत की. एक रक’आत में एक क़याम, एक रुकू और दो सजदे होते है. नमाज़ का तरीका कुछ इस तरह है –

  1. नमाज़ के लिए क़िबला रुख होकर नमाज़ के इरादे के साथ अल्लाहु अकबर कहें कर (तकबीर ) हाथ बांध लीजिये.
  2. हाथ बाँधने के बाद सना पढ़िए. आपको जो भी सना आता हो वो सना आप पढ़ सकते है. सना के मशहूर अल्फाज़ इस तरह है “सुबहानका अल्लाहुम्मा व बिहम्दीका व तबारका इस्मुका व त’आला जद्दुका वाला इलाहा गैरुका”
  3. इसके बाद त’अव्वुज पढ़े.  त’अव्वुज के अल्फाज़ यह है “अउजू बिल्लाहि मिनश शैतान निर्रजिम. बिस्मिल्लाही र्रहमानिर रहीम.”
  4. इसके बाद सुरे फातिहा पढ़े.
  5. सुरे फ़ातिहा के बाद कोई एक सूरा और पढ़े.
  6. इसके बाद अल्लाहु अकबर (तकबीर) कह कर रुकू में जायें.
  7. रुकू में जाने के बाद अल्लाह की तस्बीह बयान करे. आप जो अल्फाज़ में चाहे अल्लाह की तस्बीह बयान कर सकते हैं. तस्बीह के मशहूर अल्फाज़ यह है, सुबहान रब्बी अल अज़ीम
  8. इसके बाद ‘समीअल्लाहु लिमन हमीदा’ कहते हुवे रुकू से खड़े हो जाये.
  9. खड़े होने के बाद ‘रब्बना व लकल हम्द , हम्दन कसीरन मुबारकन फिही’ जरुर कहें.
  10. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुवे सज्दे में जायें.
  11. सज्दे में फिर से अल्लाह की तस्बीह बयान करे. आप जो अल्फाज़ में चाहे अल्लाह की तस्बीह बयान कर सकते हैं. तस्बीह के मशहूर अल्फाज़ यह है ‘सुबहान रब्बी अल आला’
  12. इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुवे सज्दे से उठकर बैठे.
  13. फिर दोबारा अल्लाहु अकबर कहते हुवे सज्दे में जायें.
  14. सज्दे में फिर से अल्लाह की तस्बीह करे. आप जो अल्फाज़ में चाहे अल्लाह की तस्बीह बयान कर सकते हैं. या फिर वही कहें जो आम तौर पर सभी कहते हें, ‘सुबहान रब्बी अल आला’

यह हो गई नमाज़ की एक रक’आत. इसी तरह उठ कर आप दूसरी रक’अत पढ़ सकते हैं. दो रक’आत वाली नमाज़ में सज्दे के बाद तशहुद में बैठिये.

१५. तशहुद में बैठ कर सबसे पहले अत्तहिय्यात पढ़िए. अत्तहिय्यात के अल्लाह के रसूल ने सिखाये हुवे अल्फाज़ यह है,
‘अत्ताहियातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तैयिबातू अस्सलामु अलैका अय्युहन नाबिय्यु रहमतुल्लाही व बरकताहू अस्सलामु अलैना व आला इबादिल्लाहिस सालिहीन अशहदु अल्ला इलाहा इल्ललाहू व अशहदु अन्न मुहम्मदन अब्दुहु व रसुलहू’

१६. इसके बाद दरूद पढ़े. दरूद के अल्फाज़ यह है,
‘अल्लाहुम्मा सल्ली अला मुहम्मद व आला आली मुहम्मद कमा सल्लैता आला इब्राहिम वा आला आली इब्राहिमा इन्नका हमिदुम माजिद. अल्लाहुम्मा बारीक़ अला मुहम्मद व आला आली मुहम्मद कमा बारकता आला इब्राहिम वा आला आली इब्राहिमा इन्नका हमिदुम माजिद’

१७. इसके बाद दुआ ए मसुरा पढ़े. मतलब कोई भी ऐसी दुआ जो कुर’आनी सुरों से हट कर हो. वो दुआ कुर’आन में से ना हो. साफ साफ अल्फाज़ में आपको अपने लिए जो चाहिए वो मांग लीजिये. दुआ के अल्फाज़ मगर अरबी ही होने चाहिए.

१८. आज के मुस्लिम नौजवानों के हालत देखते हुवे उन्हें यह दुआ नमाज़ के आखिर में पढनी चाहिए. ‘अल्लाहुम्मा इन्नी अस’अलुका इलमन नाफिया व रिज्क़न तैय्यिबा व अमलम मुतक़ब्बला.’
– जिसका मतलब है, ‘ऐ अल्लाह मैं तुझसे इसे इल्म का सवाल करता हु जो फायदेमंद हो, ऐसे रिज्क़ का सवाल करता हु तो तय्यिब हो और ऐसे अमल का सवाल करता हु जिसे तू कबूल करे.’

१९. इस तरह से दो रक’अत नमाज़ पढ़ कर आप सलाम फेर सकते हैं. ‘अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह’ कहकर आप सीधे और उलटे जानिब सलाम फेरें.


✦ तीन रक’आत नमाज़ का तरीका:

दो रक’आत नमाज़ पढने के बाद तशहुद में सिर्फ अत्तहियात पढ़ ले. और फिर तीसरे रक’आत पढ़ें के लिए उठ कर खड़े हो जाये. इस रक’अत में सिर्फ सुरे फातिहा पढ़े और रुकू के बाद दो सज्दे कर के तशहुद में बैठें. तशहुद उसी तरह पढ़े जैसे उपर सिखाया गया है और अत्ताहियात, दरूद और दुआ ए मसुरा पढने के बाद सलाम फेर दें.


✦ चार रक’आत नमाज़ का तरीका:

दो रक’आत नमाज़ पढने के बाद तशहुद में सिर्फ अत्तहियात पढ़ ले. और फिर तीसरे रक’अत पढने के लिए उठ कर खड़े हो जाये. इस रक’अत में सिर्फ सुरे फातिहा पढ़े और रुकू के बाद दो सज्दे कर के चौथी रक’आत के लिए खड़े हो जाये. चौथी रक’अत भी वैसे ही पढ़े जैसे तीसरी रक’आत पढ़ी गई है. चौथी रक’अत पढने के बाद तशहुद में बैठें. तशहुद उसी तरह पढ़े जैसे उपर सिखाया गया है और अत्ताहियात, दरूद और दुआ ए मसुरा पढने के बाद सलाम फेर दें.


✦ नमाज़ में पढ़ी जाने वाली कुछ सूरतें

सुरे फातिहा:

अलहम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन. अर्रहमान निर्रहीम. मालिकी यौमेद्दीन. इय्याका नाबुदु व इय्याका नस्तईन. इहदिनस सिरातल मुस्तकीम. सिरातल लजिना अन अमता अलैहिम, गैरिल मग्ज़ुबी अलैहिम वला ज़ाल्लिन.


सुरे इखलास:

कुलहु अल्लाहु अहद. अल्लाहु समद. लम यलिद वलम युअलद. वलम या कुल्लहू कुफुअन अहद.


सुरे फ़लक:

कुल आउजू बिरब्बिल फ़लक. मिन शर्री मा खलक. मिन शर्री ग़ासिक़ीन इज़ा वक़ब. व मिन शर्री नफ्फासाती फिल उक़द. व मिन शर्री हासिदीन इज़ा हसद.


सुरे नास:

कुल आउजू बिरब्बिन्नास. मलिकीन्नास. इलाहीन्नास. मिन शर्रिल वसवासील खन्नास. अल्लजी युवसविसू फी सुदुरीन्नास. मिनल जिन्नती वन्नास.


✦ सलाम फेरने के बाद की दुआएं

सलाम फेरने के बाद आप यह दुआएं पढ़ें.
१. एक बार ऊँची आवाज़ में ‘अल्लाहु अकबर’ कहें

२. फिर तीन बार ‘अस्तगफिरुल्लाह’ कहें

३. एक बार ‘अल्लाहुम्मा अन्तास्सलाम व मिनकस्सलाम तबारकता या जल जलाली वल इकराम’ पढ़े

४. इसके बार ३३ मर्तबा सुबहान अल्लाह, ३३ मर्तबा अलहम्दु लिल्लाह और ३३ मर्तबा अल्लाहु अकबर पढ़ें.

५. आखिर में एक बार ‘ला इलाहा इल्ललाहु वहदहू ला शरीका लहू लहुल मुल्कू वलहूल हम्दु वहुवा आला कुल्ली शैईन कदीर’ यह दुआ पढ़े.

६. फिर एक बार अयातुल कुर्सी पढ़ लें.

७. ऊपर बताये गए सुरे इखलास, सुरे फ़लक और सुरे नास एक एक बार पढ़ लें

80%
Awesome
  • Design
5 time namaz ka tarika5 Times Namaz in Hindi5 Waqt Ki Namaz5 waqt ki namaz ka tarika5 waqt namaz5 waqt namaz ka tarika5 waqt namaz ka tarika in hindi5 waqt namaz ki rakataasar.namaz.kisunnat.kitineheAsarFajar ki Namaz ka Tarika in HindiFarzfarz namaz parhne ka tarikaFazarFree Download Namaz ka tarika in hindi PdfFull Namaz in HindiFull Namaz in Hindi PDFGhusalGhuslGusalGuslhow to do namazhow to pray namaz in hindihow to read namaz in hindihow to read namaz step by stepIshaisha ki namazisha ki namaz ka tarikaisha ki namaz ka tarika in hindiIsha ki Namaz kitane rakaat ki hoti hai hindi meinlearn namaz in hindiMagribNafilnamajnamaj in hindinamaj ka tarika hindiNamaznamaz appnamaz e isha ka tarikanamaz hindinamaz hindi lyricsnamaz hindi menamaz in hindinamaz in hindi languagenamaz in hindi lyricsNamaz in Hindi PDFNamaz in Hindi Translation pdfnamaz ka sahi tarikaNamaz ka Sahi Tarika Sunni in Hindinamaz ka tareekanamaz ka tareeqanamaz ka tarikanamaz ka tarika downloadnamaz ka tarika hindinamaz ka tarika hindi meNamaz Ka Tarika in HIndinamaz ka tarika in hindi booknamaz ka tarika in hindi free downloadNamaz ka Tarika Sunninamaz ka tariqanamaz ka trikanamaz kaise padhe in hindinamaz ke baad ki duanamaz ke baad ki dua in hindinamaz ke baad ki dua in romanisednamaz ke surahnamaz ke surenamaz ke tarikanamaz ke tarikenamaz ke waqtnamaz ki duanamaz ki dua in hindiNamaz ki Dua in Hindi pdfnamaz ki niyatnamaz ki niyat hindi menamaz ki niyat in hindinamaz ki rakatnamaz ki rakat chartnamaz ki surah in hindiNamaz ki Surah in Hindi pdfNamaz Ki Tarkibnamaz lyrics in hindinamaz me kya padhna chahiyeNamaz me padhne ki Dua pdfnamaz me padhne wali dua in hindinamaz namaz padne ka sunnat tariqanamaz niyatnamaz padhne ka tarikanamaz padhne ka tarika hindiNamaz Padhne ka Tarika Sunninamaz padne ka tarikanamaz padne ka tarika in hindinamaz padne ka tariqanamaz parhne ka tarikanamaz parhne ka tarika hindi menamaz parhne ka tarika in hindinamaz parhne ka tarika in urduNamaz pdfnamaz rakatnamaz rakat in hindinamaz tarikapanch waqt ki namazSunnatSunni Namaz ka TarikaSunni Namaz ka Tarika in hindiSunni Namaz ka Tarika in hindi pdfTarkib-e-Namazनमाजनमाज का तरिकानमाज का सही तरीकानमाज की आयतेंनमाज की नियतनमाज के तरीकेनमाज के फायदेनमाज कैसे पढेनमाज पढ़ने के तरीकेनमाज हिंदी मेंनमाज़ इन हिंदीनमाज़ का तरीकानमाज़ का तरीका इन हिंदीनमाज़ की दुआनमाज़ पढ़ने का तरीकानमाज़ हिंदी
Comments (12)
Add Comment
  • Mo Salim khan

    Subhan allah

  • Zafar Khan

    AlhamduLillah

    bhut bhut shukriya

  • sabir

    subhanallah

  • Saiyed Farhan

    Loved it

  • Noor nabi

    Asalaam malekum

  • Noor nabi

    Hlw

  • KARTAR

    subhan allah bahut khoob

  • Ali irtaza Ansari

    Subhan Allah sukriya

  • Parveen

    Very good post pad kar acha laga.
    Subh subh namaj ki awaaz dil ko achi lagti hai.

  • Mohd Irfan Mareharvi

    Hum log diniya baat se kitne door rahte hain Allah humein Diniyat Baaton ke kareeb la Aameen

  • md mubarak dilkash

    masha allah

  • Saif Ansari

    tashud me baith kr attahiyyat padhne k baad darood padhna h to kya koi bhi darood padha ja sakta h?


Related Post


Sadqa Kiya Karo ….

♥ Mafhoom-e-Hadees: Rasool'Allah (Sallallahu Alaihay Wasallam) Ne Farmaya -
"Apne Aapko Jahannum Ki…